रामोत्सव: धूमधाम से निकाली गई रामलला की रजत प्रतिमा की पालकी यात्रा, वेदमंत्रों से गुंजायमान हो उठा परिसर
रामनगरी में रामलला की रजत प्रतिमा की पालकी यात्रा धूमधाम से निकाली गई। इस मौके पर पूरा जन्मभूमि परिसर वेदमंत्रों से गुंजायमान हो उठा।
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अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनकर तैयार है। 22 जनवरी को इसमें श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। इसको लेकर देशभर में उल्लास है। रामनगरी में तो दिन रात एक जैसे हैं। राम आगमन से पहले लोगों की आंखों से जैसे नींद ही गायब हो गई है। यहां लगातार कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान के क्रम में शनिवार को रामजन्मभूमि परिसर में रामलला की रजत प्रतिमा की पालकी यात्रा धूमधाम से निकाली गई। सबसे पहले अनुष्ठानों की शुरुआत गणपति की आराधना के साथ हुई। इसके बाद मंडप के सारे आवाहित देवताओं का पूजन हुआ।
वेदमंत्रों का हो रहा था उच्चारण
इसी क्रम में रामलला के अचल विग्रह को जगाया गया। वहीं रामलला की रजत प्रतिमा का विग्रह भी नवनिर्मित मंदिर में पहुंच गया है। उनकी पूजा-अर्चना करने के बाद उन्हें पालकी पर सवार किया गया। इसके बाद भव्य पालकी यात्रा निकाली गई। यात्रा को पूरे परिसर में भ्रमण कराया गया। इस दौरान वैदिक आचार्य लगातार वेदमंत्रों का उच्चारण कर रहे थे।
विग्रह के अधिवास की प्रक्रिया 21 जनवरी को भी जारी रहेगी
पालकी यात्रा पर लगातार पुष्पवर्षा होती रही। अनुष्ठानों के क्रम में ही श्रीरामलला के विग्रह को पहले शर्करा अधिवास और फलाधिवास में रखा गया। इसके बाद 81 कलशों में एकत्रित विविध औषधियुक्त जल से स्नान कराया गया। फिर विग्रह को पुष्पाधिवास में रखकर आज की अधिवास प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विग्रह के अधिवास की प्रक्रिया रविवार यानी 21 जनवरी को भी जारी रहेगी।