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Ayodhya News: हॉस्टल में फंदे से लटकता मिला नर्सिंग की छात्रा का शव
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अयोध्या। कैंट कोतवाली क्षेत्र के हासापुर स्थित एक हॉस्टल में बृहस्पतिवार को बीएससी नर्सिंग की छात्रा का शव फंदे से लटकता मिला है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर छानबीन शुरू की है। घटना के पीछे छात्रा के अवसाद में होने की बात सामने आई है।
गोंडा जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र के चांदपुर निवासी सुरजीत सिंह की बेटी सुषमा सिंह (19) शहर के हासापुर स्थित एक निजी संस्थान में बीएससी नर्सिंग की छात्रा थी। उसने हाल ही में प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा दी थी। कॉलेज के सामने स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में वह दो अन्य छात्राओं के साथ रहती थी। पुलिस के अनुसार वह काफी समय से एंग्जायटी और अवसाद की शिकार थी।
छह दिसंबर को नियांवा स्थित एक निजी अस्पताल में वह 24 घंटे तक भर्ती थी। उसका इलाज नाका क्षेत्र के एक मानसिक रोग विशेषज्ञ व लखनऊ से चल रहा था। तबीयत खराब होने पर परिजन छात्रा को घर ले गए थे, जहां से वह जिद करके बृहस्पतिवार को ही आई थी। कॉलेज से ही वह दोपहर लगभग 01:30 बजे वापस आई। दोपहर तीन बजे के बाद साथ में रहने वाली दोनों छात्राएं हॉस्टल आईं तो दरवाजा अंदर से बंद था।
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कई बार आवाज लगाने पर कोई हलचल नहीं हुई तो उन्होंने खिड़की से झांककर देखा। अंदर सुषमा का शव फंदे से लटकता देखकर छात्राओं ने गुहार लगाई तो आसपास के लोग भी इकट्ठा हुए। मौके पर आई पुलिस ने परिजनों को बुलवाकर कमरा खोलवाया और शव जिला अस्पताल की मर्च्युरी भिजवाया। इंस्पेक्टर संदीप सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। छात्रा अवसाद में रहती थी। 14 दिसंबर को उसे लखनऊ में इलाज के लिए जाना था। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
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गोंडा जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र के चांदपुर निवासी सुरजीत सिंह की बेटी सुषमा सिंह (19) शहर के हासापुर स्थित एक निजी संस्थान में बीएससी नर्सिंग की छात्रा थी। उसने हाल ही में प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा दी थी। कॉलेज के सामने स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में वह दो अन्य छात्राओं के साथ रहती थी। पुलिस के अनुसार वह काफी समय से एंग्जायटी और अवसाद की शिकार थी।
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छह दिसंबर को नियांवा स्थित एक निजी अस्पताल में वह 24 घंटे तक भर्ती थी। उसका इलाज नाका क्षेत्र के एक मानसिक रोग विशेषज्ञ व लखनऊ से चल रहा था। तबीयत खराब होने पर परिजन छात्रा को घर ले गए थे, जहां से वह जिद करके बृहस्पतिवार को ही आई थी। कॉलेज से ही वह दोपहर लगभग 01:30 बजे वापस आई। दोपहर तीन बजे के बाद साथ में रहने वाली दोनों छात्राएं हॉस्टल आईं तो दरवाजा अंदर से बंद था।
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कई बार आवाज लगाने पर कोई हलचल नहीं हुई तो उन्होंने खिड़की से झांककर देखा। अंदर सुषमा का शव फंदे से लटकता देखकर छात्राओं ने गुहार लगाई तो आसपास के लोग भी इकट्ठा हुए। मौके पर आई पुलिस ने परिजनों को बुलवाकर कमरा खोलवाया और शव जिला अस्पताल की मर्च्युरी भिजवाया। इंस्पेक्टर संदीप सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। छात्रा अवसाद में रहती थी। 14 दिसंबर को उसे लखनऊ में इलाज के लिए जाना था। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।