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Ayodhya News: नेहा बोलीं नफरत व बुलडोजर नहीं युवा को रोजगार चाहिए
Wed, 16 Sep 2026 12:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 16 Sep 2026 12:48 AM IST
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नेहा।
अयोध्या। प्रेस क्लब में मंगलवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की ओर से जेन जी महाजुटान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आईसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने अयोध्या, कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और युवाओं के भविष्य को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
नेहा बोरा ने कहा कि अयोध्या के नाम पर पूरे देश में नफरत का माहौल बनाया गया और नई पीढ़ी को भय व हिंसा की राजनीति का हिस्सा बनाया गया। राम मंदिर निर्माण के नाम पर फैजाबाद के आम लोगों के घर और दुकानें उजाड़ी गईं। सत्ता मजबूत करने के लिए धर्म और मंदिर को राजनीतिक हथियार बनाया गया।
उन्होंने कहा कि बार-बार गरीबों, दलितों और आम लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। बुलडोजर अब सिर्फ सत्ता का प्रतीक नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की जनता की बेबसी और असहायता का भी प्रतीक बन गया है। महिला सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने हाथरस की घटना का उल्लेख करते हुए सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
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कहा कि नाबालिग पीड़िता के परिवार को अंतिम दर्शन तक नहीं करने दिए गए और प्रशासन ने शव जलाकर सबूत मिटाया गया। उन्होंने उन्नाव दुष्कर्म मामले और पीड़िता के लंबे संघर्ष का भी जिक्र किया। बोरा ने आरोप लगाया कि कानून-व्यवस्था के नाम पर युवाओं को हिंसा और लिंचिंग की ओर धकेला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों में छात्रों और युवाओं के लिए अफसर, प्रोफेसर, इंजीनियर और डॉक्टर बनने का रास्ता दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा, युवाओं को सड़कों पर तलवारें चलाने का रोजगार नहीं चाहिए। उन्हें शिक्षक, प्रोफेसर, डॉक्टर और इंजीनियर बनना है। वे अपने बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
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नेहा बोरा ने कहा कि अयोध्या के नाम पर पूरे देश में नफरत का माहौल बनाया गया और नई पीढ़ी को भय व हिंसा की राजनीति का हिस्सा बनाया गया। राम मंदिर निर्माण के नाम पर फैजाबाद के आम लोगों के घर और दुकानें उजाड़ी गईं। सत्ता मजबूत करने के लिए धर्म और मंदिर को राजनीतिक हथियार बनाया गया।
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उन्होंने कहा कि बार-बार गरीबों, दलितों और आम लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। बुलडोजर अब सिर्फ सत्ता का प्रतीक नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की जनता की बेबसी और असहायता का भी प्रतीक बन गया है। महिला सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने हाथरस की घटना का उल्लेख करते हुए सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
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कहा कि नाबालिग पीड़िता के परिवार को अंतिम दर्शन तक नहीं करने दिए गए और प्रशासन ने शव जलाकर सबूत मिटाया गया। उन्होंने उन्नाव दुष्कर्म मामले और पीड़िता के लंबे संघर्ष का भी जिक्र किया। बोरा ने आरोप लगाया कि कानून-व्यवस्था के नाम पर युवाओं को हिंसा और लिंचिंग की ओर धकेला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों में छात्रों और युवाओं के लिए अफसर, प्रोफेसर, इंजीनियर और डॉक्टर बनने का रास्ता दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा, युवाओं को सड़कों पर तलवारें चलाने का रोजगार नहीं चाहिए। उन्हें शिक्षक, प्रोफेसर, डॉक्टर और इंजीनियर बनना है। वे अपने बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं।