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Ayodhya News: बिना उत्तर के ही दे दिए अंक, सुल्तानपुर के प्राचार्य की गई कुर्सी
Tue, 28 Jul 2026 10:06 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 28 Jul 2026 10:06 PM IST
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अयोध्या। अवध विश्वविद्यालय ने सेमेस्टर परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की है। सुल्तानपुर जिले के मां दुर्गा सर्वोदय महाविद्यालय, अरवल के मनोविज्ञान विषय के परीक्षक आलोक कुमार श्रीवास्तव का प्राचार्य पद पर अनुमोदन निरस्त कर दिया गया है।
आलोक पर आरोप है कि उन्होंने ऐसी उत्तर पुस्तिका में अंक दिए, जिसमें प्रश्नों के उत्तर लिखे ही नहीं थे। उन्होंने उत्तर पुस्तिका के अंदर दिए गए अंक मुख्य पृष्ठ पर दर्ज नहीं किए। यह मामला मंगलवार को सामने आया, जब विश्वविद्यालय के कुलपति बिजेंद्र सिंह ने परीक्षा मूल्यांकन केंद्र का निरीक्षण किया। वह उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन प्रक्रिया का जायजा ले रहे थे। इस दौरान बीए चतुर्थ सेमेस्टर की मनोविज्ञान विषय की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन चल रहा था। मूल्यांकन की निगरानी कर रहे दो पर्यवेक्षकों ने अपनी रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में बताया गया कि परीक्षक कोड-2334 से मूल्यांकन कर रहे आलोक कुमार श्रीवास्तव लापरवाही बरत रहे थे। कुलपति ने स्वयं इस लापरवाही को गंभीरता से लिया।
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बिना उत्तर के दे दिए अंक
पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर पुस्तिका संख्या 804901014 में कुछ प्रश्नों के उत्तर नहीं लिखे गए थे। फिर भी उन पर अंक दे दिए गए थे। आलोक कुमार श्रीवास्तव उत्तर पुस्तिका के अंदर अंक दर्ज करने के बाद उन्हें मुख्य पृष्ठ पर चढ़ाना भूल गए। रिपोर्ट में यह भी लिखा था कि वह मूल्यांकन के दौरान गैर-जिम्मेदाराना ढंग से इधर-उधर घूमते पाए गए। यह सभी तथ्य उनकी गंभीर लापरवाही को दर्शाते हैं।
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विश्वविद्यालय की कार्रवाई का आधार
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक विनय कुमार सिंह ने बताया कि ऐसी लापरवाही से छात्रों के परीक्षा परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। इस मामले को विश्वविद्यालय ने अत्यंत गंभीरता से लिया। कुलपति के आदेश पर तत्काल कार्रवाई की गई। जांच में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया। आलोक कुमार श्रीवास्तव के प्राचार्य पद से संबंधित अद्यतन अनुबंध पत्र विश्वविद्यालय के अभिलेखों में उपलब्ध नहीं था। महाविद्यालय प्रबंधन ने भी इस संबंध में कोई सूचना नहीं भेजी थी।