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Ayodhya News: राममंदिर में पहली बार मनाई गई महर्षि वाल्मीकि जयंती
Mon, 26 Oct 2026 11:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 26 Oct 2026 11:46 PM IST
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महर्षि वाल्मीकि की मूर्ति का अभिषेक करते पुजारी।
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर स्थित सप्त मंडप में पहली बार महर्षि वाल्मीकि की जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा का अभिषेक कर शास्त्रोक्त विधि से पूजन-अर्चन और आरती की गई। कार्यक्रम ट्रस्ट की ट्रस्टी डॉ. निर्मला यादव की देखरेख में संपन्न हुआ। इसमें वाल्मीकि समाज के संतों समेत 200 लोगों ने शामिल होकर महर्षि वाल्मीकि को नमन किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता महंत मिथिलेश नंदिनी शरण ने महर्षि वाल्मीकि के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए रामायण की महत्ता तथा भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने की आवश्यकता पर विचार रखे। महर्षि वाल्मीकि को रामकथा का आदिकवि बताते हुए उन्होंने उनके साहित्यिक और आध्यात्मिक योगदान का स्मरण किया। कहा कि महर्षि वाल्मीकि की रचित रामायण भारतीय संस्कृति, सामाजिक मूल्यों और मर्यादित जीवन का महत्वपूर्ण आधार है।
रामकथा के माध्यम से उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र को जन-जन तक पहुंचाया। उनका जीवन संदेश देता है कि ज्ञान, साधना और सत्कर्म से व्यक्ति समाज को नई दिशा दे सकता है। राम मंदिर में हुए इस आयोजन से समरसता का भी संदेश निकला। आयोजन में राम मंदिर के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास, महंत जयरामदास, महंत डॉक्टर सत्येंद्र दास वेदांती, महंत अंजनी शरण समेत अन्य मौजूद रहे।
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कार्यक्रम के मुख्य वक्ता महंत मिथिलेश नंदिनी शरण ने महर्षि वाल्मीकि के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए रामायण की महत्ता तथा भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने की आवश्यकता पर विचार रखे। महर्षि वाल्मीकि को रामकथा का आदिकवि बताते हुए उन्होंने उनके साहित्यिक और आध्यात्मिक योगदान का स्मरण किया। कहा कि महर्षि वाल्मीकि की रचित रामायण भारतीय संस्कृति, सामाजिक मूल्यों और मर्यादित जीवन का महत्वपूर्ण आधार है।
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रामकथा के माध्यम से उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र को जन-जन तक पहुंचाया। उनका जीवन संदेश देता है कि ज्ञान, साधना और सत्कर्म से व्यक्ति समाज को नई दिशा दे सकता है। राम मंदिर में हुए इस आयोजन से समरसता का भी संदेश निकला। आयोजन में राम मंदिर के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास, महंत जयरामदास, महंत डॉक्टर सत्येंद्र दास वेदांती, महंत अंजनी शरण समेत अन्य मौजूद रहे।
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