महबूबगंज। श्री शृंगी ऋषि बाबा न होते तो हमारे रामलला न होते। इन्हीं के पुत्रेष्ठ यज्ञ के प्रसाद से रामलला का जन्म हुआ। इसलिए इस आश्रम का विशेष महत्व है। ये बातें श्री शृंगी ऋषि आश्रम पर तीन दिवसीय रामलला रक्षाबंधन महोत्सव के दूसरे दिन मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने कहीं। उन्होंने कहा कि महिलाएं गृहस्थी के रीढ़ होती हैं। उन पर घर और समाज दोनों को संभालने की जिम्मेदारी होती है। एक महिला ही बच्चों को संस्कार देकर सभ्य समाज की नींव रखती है।
महोत्सव के दूसरे दिन बृहस्पतिवार सुबह देवरा दाउदपुर की ग्राम प्रधान शशि प्रभा की अध्यक्षता में औसान माता की पूजा के साथ महोत्सव का शुभारंभ हुआ। 1100 महिलाओं ने औसान माता की पूजा की। इसके बाद हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ हुआ। इसमें स्कूली बच्चों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। अपर्णा यादव ने मां सरयू का दुग्धाभिषेक, आरती कर 201 मीटर की चुनरी चढ़ाई। रामलला रक्षाबंधन महोत्सव समिति के पदाधिकारियों ने 21 किलो की माला पहना कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया और गणेश प्रतिमा भेंट की। आरू मिश्रा ने लोकगीत और लोक नृत्य प्रस्तुत किया। इस अवसर पर देवेंद्र सिंह, प्रसून लता सिंह, राजकुमार सिंह, राममूर्ति सिंह, उदयभान गुप्त, डॉ. डीपी सिंह, ध्रुव गुप्त, सुभाष सिंह, विमल गोस्वामी मौजूद रहे। अस्पताल में बेबी किट बांटा : राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने जिला महिला अस्पताल का दौरा कर बेबी किट का वितरण िकया।