फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   High Court Restores Appointment of Agricultural University Vice-Chancellor

Ayodhya News: हाईकोर्ट ने बहाल की कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति

Sat, 30 May 2026 09:24 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 30 May 2026 09:24 PM IST
विज्ञापन
High Court Restores Appointment of Agricultural University Vice-Chancellor
डाॅ. जीपी सिंह
कुमारगंज। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के कुलपति पद पर नियुक्त डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह की नियुक्ति रद्द करने संबंधी कुलाधिपति के आदेश को निरस्त कर दिया है।
विज्ञापन



न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने कुलाधिपति की ओर से जारी 25 फरवरी और 3 मार्च 2026 के आदेशों को मनमाना एवं अवैध करार देते हुए रद्द करते याची की ओर से आदेश की प्रति कुलाधिपति के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के 10 दिन के अंदर कार्यभार ग्रहण कराए जाने के भी आदेश दे दिए हैं। डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ख्याति प्राप्त कृषि वैज्ञानिक हैं और उन्हें वर्ष 2025 में राष्ट्रपति ने ‘विज्ञान श्री’ सम्मान से सम्मानित किया था। उन्होंने कुलपति पद के लिए आवेदन किया था और 10 फरवरी 2026 को उनकी नियुक्ति कर दी गई थी। हालांकि, वे तत्काल कार्यभार ग्रहण नहीं कर सके थे, क्योंकि उन्हें आईसीएआर में अपने पद से औपचारिक रूप से कार्यमुक्त होना था। याचिकाकर्ता ने 19 और 26 फरवरी को राज्य सरकार व कुलाधिपति कार्यालय को पत्र लिखकर कार्यभार ग्रहण करने के लिए 31 मार्च 2026 तक का समय मांगा था। इसके बावजूद कुलाधिपति ने 25 फरवरी को उन्हें 1 मार्च तक कार्यभार संभालने का निर्देश दिया और निर्धारित तिथि तक पदभार न ग्रहण करने पर बीते 3 मार्च को उनकी नियुक्ति रद्द कर दी। उन्होंने कुलाधिपति के नियुक्ति निरस्तीकरण आदेश के खिलाफ लखनऊ खंडपीठ में चुनौती दी थी। कोर्ट ने कहा कि नियुक्ति पत्र में कार्यभार ग्रहण करने की कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं थी। साथ ही यह जानकारी थी कि डॉ सिंह को अपने पूर्व संस्थान से कार्यमुक्त होने में समय लगेगा। न्यायालय ने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व कुलपति का कार्यकाल छह माह बढ़ाया गया था तथा पूर्व में अन्य कुलपतियों को कार्यभार ग्रहण करने के लिए चार माह तक का समय दिया गया था। खंडपीठ ने माना कि ऐसी परिस्थितियों में डेढ़ माह का समय मांगना पूरी तरह उचित था। उच्च न्यायालय द्वारा कार्रवाई को संविधान के अनुच्छेद 14 के विपरीत बताते हुए डॉ सिंह को तत्काल कुलपति पद का कार्यभार ग्रहण कराने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed