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Ayodhya News: हैलो.. एडी, सीएमओ और सीएमएस को कारण बताओ नोटिस भेजो
Thu, 09 Oct 2025 09:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 09 Oct 2025 09:19 PM IST
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16-जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में मरीज से अभिवादन करते डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक।-संवाद
अयोध्या। हैलो...आपको पता है कि जिला स्तरीय अस्पताल के ईडीएल (इमरजेंसी ड्रग लिस्ट) में कितनी दवाएं होनी चाहिए। कितना, 395? यहां तो सीएमएस, एडी और सीएमओ को पता ही नहीं है। तीनों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करो।'''' यह बातें बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल के निरीक्षण के बाद समीक्षा बैठक में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. रतन पाल शर्मा से फोन पर कहीं।
बृहस्पतिवार दोपहर बाद लगभग 03:30 बजे डिप्टी सीएम जिला अस्पताल पहुंचे। सबसे पहले सर्जिकल वार्ड गए और भर्ती मरीजों का हालचाल लिया। उनसे अस्पताल में मिल रहे इलाज की जानकारी ली। बाहर की दवाओं को लेकर सवाल किए। एक मरीज के बेड पर तकिया न होने पर उन्होंने तीमारदार से सवाल किया तो जवाब मिला कि ''''डॉक्टर साहब ने तकिया लगाने से मना किया है।''''
इसके बाद वह इमरजेंसी वार्ड गए और वहां भर्ती दो मरीजों से इलाज की जानकारी ली। फिर सीधे प्रमुख अधीक्षक के कार्यालय में गए और मीडिया से औपचारिक बातचीत के बाद प्रमुख अधीक्षक के केबिन में समीक्षा बैठक की। केबिन में आगे-आगे चल रहे एक स्वास्थ्यकर्मी से उसका पदनाम पूछा। उसने स्वयं के फार्मासिस्ट होने की जानकारी दी तो डिप्टी सीएम नाराज हो गए और बोले कि ''''बैठक में फार्मासिस्ट आएगा, सीएमओ और एडी कहां हैं''''।
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सीएमओ और एडी तुरंत अंदर गए तो उनसे फार्मासिस्ट के आने को लेकर नाराजगी जताई और उसे तत्काल वहां से हटाने के लिए कहा। प्रमुख अधीक्षक डॉ. राजेश सिंह से उन्होंने अस्पताल में आवश्यक दवाओं की संख्या पूछी तो वह जवाब नहीं दे सके। इसके बाद सीएमओ डॉ. सुशील कुमार बानियान और अपर निदेशक डॉ. बीके सिंह चौहान से जानकारी ली तो 230 दवाएं होने की बात कही गई। इस पर डिप्टी सीएम का पारा चढ़ गया और उन्होंने महानिदेशक स्वास्थ्य को फोन लगाकर तीनों को नोटिस भेजने को कहा।
बैठक में उन्होंने कहा कि शासन के पास रुपयों की कमी नहीं है। सभी मरीज को तकिया उपलब्ध कराना है। रोगी कल्याण समिति का पैसा रोगियों के हित पर खर्च किया जाए। डॉक्टर और दवाओं की बात करके अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। एडी से नाराजगी जताते हुए कहा कि अब तक क्या कर रहे हो, मेरे कहने पर निरीक्षण करोगे। कम से कम अयोध्या में तो ऐसा न करो और यहां के अस्पतालों को सुधारो। अयोध्या में हमेशा वीवीआईपी मूवमेंट रहता है, इसलिए यहां बेहतर सेवाएं सुनिश्चित कराओ।
तीनों अधिकारी समीक्षा करके आवश्यक सामानों के लिए प्रस्ताव भेजो, जिसे तत्काल स्वीकृत करके व्यवस्था दी जाए। सिर्फ बाबू के सहारे न रहो, बाबू अस्पताल चलाएगा क्या? इस दौरान विधायक वेदप्रकाश गुप्ता, महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, वरिष्ठ भाजपा नेता करुणाकर पांडेय, जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, सुनील तिवारी शास्त्री, मनोज जायसवाल आदि मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार दोपहर बाद लगभग 03:30 बजे डिप्टी सीएम जिला अस्पताल पहुंचे। सबसे पहले सर्जिकल वार्ड गए और भर्ती मरीजों का हालचाल लिया। उनसे अस्पताल में मिल रहे इलाज की जानकारी ली। बाहर की दवाओं को लेकर सवाल किए। एक मरीज के बेड पर तकिया न होने पर उन्होंने तीमारदार से सवाल किया तो जवाब मिला कि ''''डॉक्टर साहब ने तकिया लगाने से मना किया है।''''
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इसके बाद वह इमरजेंसी वार्ड गए और वहां भर्ती दो मरीजों से इलाज की जानकारी ली। फिर सीधे प्रमुख अधीक्षक के कार्यालय में गए और मीडिया से औपचारिक बातचीत के बाद प्रमुख अधीक्षक के केबिन में समीक्षा बैठक की। केबिन में आगे-आगे चल रहे एक स्वास्थ्यकर्मी से उसका पदनाम पूछा। उसने स्वयं के फार्मासिस्ट होने की जानकारी दी तो डिप्टी सीएम नाराज हो गए और बोले कि ''''बैठक में फार्मासिस्ट आएगा, सीएमओ और एडी कहां हैं''''।
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सीएमओ और एडी तुरंत अंदर गए तो उनसे फार्मासिस्ट के आने को लेकर नाराजगी जताई और उसे तत्काल वहां से हटाने के लिए कहा। प्रमुख अधीक्षक डॉ. राजेश सिंह से उन्होंने अस्पताल में आवश्यक दवाओं की संख्या पूछी तो वह जवाब नहीं दे सके। इसके बाद सीएमओ डॉ. सुशील कुमार बानियान और अपर निदेशक डॉ. बीके सिंह चौहान से जानकारी ली तो 230 दवाएं होने की बात कही गई। इस पर डिप्टी सीएम का पारा चढ़ गया और उन्होंने महानिदेशक स्वास्थ्य को फोन लगाकर तीनों को नोटिस भेजने को कहा।
बैठक में उन्होंने कहा कि शासन के पास रुपयों की कमी नहीं है। सभी मरीज को तकिया उपलब्ध कराना है। रोगी कल्याण समिति का पैसा रोगियों के हित पर खर्च किया जाए। डॉक्टर और दवाओं की बात करके अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। एडी से नाराजगी जताते हुए कहा कि अब तक क्या कर रहे हो, मेरे कहने पर निरीक्षण करोगे। कम से कम अयोध्या में तो ऐसा न करो और यहां के अस्पतालों को सुधारो। अयोध्या में हमेशा वीवीआईपी मूवमेंट रहता है, इसलिए यहां बेहतर सेवाएं सुनिश्चित कराओ।
तीनों अधिकारी समीक्षा करके आवश्यक सामानों के लिए प्रस्ताव भेजो, जिसे तत्काल स्वीकृत करके व्यवस्था दी जाए। सिर्फ बाबू के सहारे न रहो, बाबू अस्पताल चलाएगा क्या? इस दौरान विधायक वेदप्रकाश गुप्ता, महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, वरिष्ठ भाजपा नेता करुणाकर पांडेय, जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, सुनील तिवारी शास्त्री, मनोज जायसवाल आदि मौजूद रहे।