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Ayodhya News: तस्करों के चंगुल से भागे पांच किशोर
Sun, 15 Feb 2026 08:39 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 15 Feb 2026 08:39 PM IST
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अयोध्या। तस्करी के लिए ले जा रहे पांच नाबालिग पुलिस को मिले हैं। सभी नाबालिग पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। उन्हें हिमाचल प्रदेश में काम दिलाने के बहाने ले जाया जा रहा था। आरपीएफ की सूचना पर पुलिस ने उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया है, जहां से उन्हें राजकीय बाल गृह लखनऊ भेजा गया है।
आरपीएफ के उपनिरीक्षक बिजेंद्र कुमार राय ने बताया कि 16-17 साल के पांच किशोरों को पश्चिम बंगाल से असम के सिलीगुड़ी में काम दिलाने के बहाने ले जाया गया। सभी लोग वहां पहुंचे तो हिमाचल प्रदेश ले जाने की बात कही गई। वहां से वह लोग बस से लखनऊ की ओर जा रहे थे। इस बीच शनिवार को उनकी बस अयोध्या के एक होटल के पास रुकी तो सभी किशोर वहां से चकमा देकर भाग निकले। किसी तरह अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचकर आरपीएफ से संपर्क किया।
उनकी टीम ने चाइल्ड लाइन 1098 व एंटी ह्यूमन ट्रैफिक यूनिट को सूचना दिया। एंटी ह्यूमन ट्रैफिक की टीम ने जांच की, लेकिन बच्चे होटल की पहचान व अन्य कोई नाम नहीं बता पा रहे थे। इसके बाद उनका चिकित्सीय परीक्षण कराकर आरपीएफ, एंटी ह्यूमन ट्रैफिक, चाइल्ड लाइन व अपराजिता समिति की ओर से उन्हें रात में ही बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। समिति ने बच्चों को अग्रिम आदेश तक राजकीय बाल गृह लखनऊ में रखने का आदेश किया है। उन्होंने बताया कि जांच जारी है। बच्चों की काउंसिलिंग बाल गृह में भी कराई जाएगी। उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। सभी गरीब परिवार के हैं। उनसे प्रकरण के विषय में बात की जाएगी।
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आरपीएफ के उपनिरीक्षक बिजेंद्र कुमार राय ने बताया कि 16-17 साल के पांच किशोरों को पश्चिम बंगाल से असम के सिलीगुड़ी में काम दिलाने के बहाने ले जाया गया। सभी लोग वहां पहुंचे तो हिमाचल प्रदेश ले जाने की बात कही गई। वहां से वह लोग बस से लखनऊ की ओर जा रहे थे। इस बीच शनिवार को उनकी बस अयोध्या के एक होटल के पास रुकी तो सभी किशोर वहां से चकमा देकर भाग निकले। किसी तरह अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचकर आरपीएफ से संपर्क किया।
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उनकी टीम ने चाइल्ड लाइन 1098 व एंटी ह्यूमन ट्रैफिक यूनिट को सूचना दिया। एंटी ह्यूमन ट्रैफिक की टीम ने जांच की, लेकिन बच्चे होटल की पहचान व अन्य कोई नाम नहीं बता पा रहे थे। इसके बाद उनका चिकित्सीय परीक्षण कराकर आरपीएफ, एंटी ह्यूमन ट्रैफिक, चाइल्ड लाइन व अपराजिता समिति की ओर से उन्हें रात में ही बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। समिति ने बच्चों को अग्रिम आदेश तक राजकीय बाल गृह लखनऊ में रखने का आदेश किया है। उन्होंने बताया कि जांच जारी है। बच्चों की काउंसिलिंग बाल गृह में भी कराई जाएगी। उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। सभी गरीब परिवार के हैं। उनसे प्रकरण के विषय में बात की जाएगी।
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