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Ayodhya News: हर पास आउट विद्यार्थी ने रोपे पौधे, जूनियर करेंगे देखभाल
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अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के आईईटी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग में फेयरवेल समारोह सामाजिक और पर्यावरणीय संदेश के साथ मनाया गया। इस समारोह का थीम ''एक पेड़ विश्वविद्यालय के नाम'' रही। इस दौरान हर पास आउट विद्यार्थी ने एक पौधा रोपित कर देखभाल के लिए उसे अपने जूनियर को सौंपा। आईईटी के निदेशक प्रो. एसएस मिश्र ने बताया कि कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में
इस प्रेरणादायी पहल की शुरुआत चंदन के पौधे को रोपित कर की गई। पर्यावरण संरक्षण सभी के दायित्व से जुड़ा है। सिविल इंजीनियरिंग विभाग ने इसी भावना से प्रेरित होकर एक पेड़ विश्वविद्यालय के नाम की इस अनूठी मुहिम की शुरुआत की है।
अब से हर साल फेयरवेल के अवसर पर अंतिम वर्ष के छात्र एक-एक पेड़ लगाएंगे और तीसरे वर्ष के छात्रों को उनकी देखभाल की जिम्मेदारी सौंपेंगे। इस परंपरा से न केवल पेड़ की देखभाल सुनिश्चित हो सकेगी, बल्कि विश्वविद्यालय और छात्रों के बीच एक भावनात्मक संबंध भी विकसित होगा।
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निदेशक ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी और संस्थान के प्रति श्रद्धा का सुंदर उदाहरण है। विभाग के शिक्षक अमित सिंह, कन्हैया लाल पांडेय, प्रिंस पोद्दार व डॉ. नवीन पटेल ने कहा कि यह परंपरा न केवल परिसर को हरा-भरा बनाएगी, बल्कि आने वाले वर्षों में छात्रों के बीच प्रकृति और विश्वविद्यालय से जुड़ाव की भावना भी विकसित करेगी। इस दौरान प्रतीक्षा सिंह, पारूल चौधरी, सौरभ जायसवाल, अर्पित यादव, दिवाकर त्रिपाठी व विकास कुमार सहित अन्य छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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इस प्रेरणादायी पहल की शुरुआत चंदन के पौधे को रोपित कर की गई। पर्यावरण संरक्षण सभी के दायित्व से जुड़ा है। सिविल इंजीनियरिंग विभाग ने इसी भावना से प्रेरित होकर एक पेड़ विश्वविद्यालय के नाम की इस अनूठी मुहिम की शुरुआत की है।
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अब से हर साल फेयरवेल के अवसर पर अंतिम वर्ष के छात्र एक-एक पेड़ लगाएंगे और तीसरे वर्ष के छात्रों को उनकी देखभाल की जिम्मेदारी सौंपेंगे। इस परंपरा से न केवल पेड़ की देखभाल सुनिश्चित हो सकेगी, बल्कि विश्वविद्यालय और छात्रों के बीच एक भावनात्मक संबंध भी विकसित होगा।
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निदेशक ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी और संस्थान के प्रति श्रद्धा का सुंदर उदाहरण है। विभाग के शिक्षक अमित सिंह, कन्हैया लाल पांडेय, प्रिंस पोद्दार व डॉ. नवीन पटेल ने कहा कि यह परंपरा न केवल परिसर को हरा-भरा बनाएगी, बल्कि आने वाले वर्षों में छात्रों के बीच प्रकृति और विश्वविद्यालय से जुड़ाव की भावना भी विकसित करेगी। इस दौरान प्रतीक्षा सिंह, पारूल चौधरी, सौरभ जायसवाल, अर्पित यादव, दिवाकर त्रिपाठी व विकास कुमार सहित अन्य छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।