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Ayodhya News: उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन न करने में बुरे फंसे डिप्टी रजिस्ट्रार
Thu, 01 Aug 2024 12:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 01 Aug 2024 12:47 AM IST
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अयोध्या। देवीपाटन व अयोध्या मंडल के उप निबंधक फर्म्स सोसाइटीज एंड चिट्स लक्ष्मीकांत उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन न करने पर बुरी तरह फंस गए हैं। हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही उच्च न्यायालय ने डिप्टी रजिस्ट्रार को कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने पर क्यों ना दंडित किया जाए का आदेश पारित करते हुए सुनवाई के लिए 16 अगस्त की तिथि निर्धारित किया है।
उच्च न्यायालय इलाहाबाद खंड पीठ लखनऊ में रिट करने वाले विवेक कुमार गोयल ने बताया कि बलरामपुर में सन 1955 से बसंत लाल विद्यालय ट्रस्ट द्वारा बसंत लाल इंटर कॉलेज स्थापित व संचालित है। ट्रस्ट के सदस्य दिनेश गोयल ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी तरीके से ट्रस्ट के नाम से मिलती जुलती एक सोसायटी बसंत लाल इंटर कॉलेज एजुकेशनल व वेलफेयर सोसाइटी का पंजीकरण अयोध्या स्थित डिप्टी रजिस्ट्रार के कार्यालय से करा लिया। छद्म नाम की पंजीकृत सोसाइटी की जानकारी होने पर सन 2021 में शिकायत करने के बाद रजिस्ट्रार कार्यालय का चक्कर लगाता रहा। कोई कार्रवाई ना होने पर उच्च न्यायालय में याचिका दायर किया।
हाई कोर्ट ने 11 मार्च 2024 को आठ सप्ताह में विपक्षी को सुनकर प्रकरण का निस्तारण किए जाने का आदेश पारित किया था। इसके बाद कई बार रजिस्ट्रार के समक्ष प्रस्तुत होने व निवेदन करने पर भी अधिकारी द्वारा तारीख पर तारीख नहीं लगाई गई। मजबूर होकर उच्च न्यायालय में डिप्टी रजिस्ट्रार लक्ष्मीकांत के विरुद्ध कोर्ट के आदेश की जानबूझकर अवहेलना की जाने के लिए कोर्ट ऑफ कंटेंप्ट की कार्रवाई किए जाने की याचना की। उच्च न्यायालय ने डिप्टी रजिस्ट्रार लक्ष्मीकांत को कोर्ट के डायरेक्शन की जान बूझकर अवहेलना करने पर क्यों ना दंडित किया जाए का आदेश जारी करते हुए दो सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 16 अगस्त को होगी।
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उच्च न्यायालय इलाहाबाद खंड पीठ लखनऊ में रिट करने वाले विवेक कुमार गोयल ने बताया कि बलरामपुर में सन 1955 से बसंत लाल विद्यालय ट्रस्ट द्वारा बसंत लाल इंटर कॉलेज स्थापित व संचालित है। ट्रस्ट के सदस्य दिनेश गोयल ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी तरीके से ट्रस्ट के नाम से मिलती जुलती एक सोसायटी बसंत लाल इंटर कॉलेज एजुकेशनल व वेलफेयर सोसाइटी का पंजीकरण अयोध्या स्थित डिप्टी रजिस्ट्रार के कार्यालय से करा लिया। छद्म नाम की पंजीकृत सोसाइटी की जानकारी होने पर सन 2021 में शिकायत करने के बाद रजिस्ट्रार कार्यालय का चक्कर लगाता रहा। कोई कार्रवाई ना होने पर उच्च न्यायालय में याचिका दायर किया।
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हाई कोर्ट ने 11 मार्च 2024 को आठ सप्ताह में विपक्षी को सुनकर प्रकरण का निस्तारण किए जाने का आदेश पारित किया था। इसके बाद कई बार रजिस्ट्रार के समक्ष प्रस्तुत होने व निवेदन करने पर भी अधिकारी द्वारा तारीख पर तारीख नहीं लगाई गई। मजबूर होकर उच्च न्यायालय में डिप्टी रजिस्ट्रार लक्ष्मीकांत के विरुद्ध कोर्ट के आदेश की जानबूझकर अवहेलना की जाने के लिए कोर्ट ऑफ कंटेंप्ट की कार्रवाई किए जाने की याचना की। उच्च न्यायालय ने डिप्टी रजिस्ट्रार लक्ष्मीकांत को कोर्ट के डायरेक्शन की जान बूझकर अवहेलना करने पर क्यों ना दंडित किया जाए का आदेश जारी करते हुए दो सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 16 अगस्त को होगी।
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