{"_id":"6ab02680b004672deb05a1c8","slug":"dastarbandi-ceremony-for-15-children-celebration-marking-the-completion-of-the-holy-quran-ayodhya-news-c-97-1-ayo1032-159149-2026-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: 15 बच्चों की दस्तारबंदी, कुरआन-ए-पाक मुकम्मल होने पर जश्न","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: 15 बच्चों की दस्तारबंदी, कुरआन-ए-पाक मुकम्मल होने पर जश्न
Mon, 21 Sep 2026 12:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 21 Sep 2026 12:01 AM IST
विज्ञापन
फोटो 40-बच्चों की दस्तारबंदी की रस्म-संवाद
- फोटो : नेक्स्ट स्टेप आर्चरी एकेडमी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल खिलाड़ी।
तारुन। लालगंज में 15 बच्चों की दस्तारबंदी की रस्म अदा की गई। यह समारोह बच्चों के कुरआन-ए-पाक मुकम्मल करने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मदरसा परिसर में जलसे का आयोजन हुआ, जिससे वहां जश्न का माहौल रहा।
शिफा, खुशनुबह, रहनुमा, अलकमा, मारिया, निशा, खुशी, शबाना, अफजल, तुफैल, अशरफ, इदरीसी, रेहान और आमिर समेत 15 बच्चों ने नाजरा-ए-कुरआन पूरा किया। कुरआन मुकम्मल होने पर मदरसे के उस्तादों और उलेमाओं ने बच्चों को पगड़ी पहनाई और फूलों का हार पहनाकर उनका हौसला बढ़ाया। सभी बच्चे सफेद लिबास में थे और मंच को फूलों से सजाया गया था।
उलेमाओं ने कहा कि कुरआन सीखना और उसके बताए हुए नेक रास्ते पर चलना ही असली कामयाबी है। बच्चों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने सभी बच्चों की खुशहाली और दीन की राह पर चलने के लिए दुआ की।
विज्ञापन
इस अवसर पर कई प्रमुख उलेमाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें मौलाना अरबा फारूखी, सरपरस्त हाफिज गुलाम हुसैन हशमती, हाफिज व कारी अकरम और शायर-ए-आले सुन्नत हिलाल तांडवी शामिल थे।
विज्ञापन
शिफा, खुशनुबह, रहनुमा, अलकमा, मारिया, निशा, खुशी, शबाना, अफजल, तुफैल, अशरफ, इदरीसी, रेहान और आमिर समेत 15 बच्चों ने नाजरा-ए-कुरआन पूरा किया। कुरआन मुकम्मल होने पर मदरसे के उस्तादों और उलेमाओं ने बच्चों को पगड़ी पहनाई और फूलों का हार पहनाकर उनका हौसला बढ़ाया। सभी बच्चे सफेद लिबास में थे और मंच को फूलों से सजाया गया था।
विज्ञापन
उलेमाओं ने कहा कि कुरआन सीखना और उसके बताए हुए नेक रास्ते पर चलना ही असली कामयाबी है। बच्चों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने सभी बच्चों की खुशहाली और दीन की राह पर चलने के लिए दुआ की।
विज्ञापन
इस अवसर पर कई प्रमुख उलेमाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें मौलाना अरबा फारूखी, सरपरस्त हाफिज गुलाम हुसैन हशमती, हाफिज व कारी अकरम और शायर-ए-आले सुन्नत हिलाल तांडवी शामिल थे।