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ये कैसी मजबूरी: लाश... न अंतिम संस्कार, कोर्ट में पत्नी बोली- पति को मरा घोषित करें; पढ़ें आखिर क्या है मामला

Sun, 17 Nov 2024 04:58 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sun, 17 Nov 2024 04:58 PM IST
सार

व्यक्ति की लाश मिली, न तो अंतिम संस्कार हुआ। फिर भी पत्नी ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। अर्जी लगाई कि पति को मरा हुआ घोषित कर दें। अब कोर्ट ने घोषणा कर दी तो पूरा परिवार चीख उठा। भला कौन चाहेगा कि उसके बेटे, भाई या पति को मरा हुआ घोषित किया जाए। आगे पढ़ें और जानें कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी रही...

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court declared husband died who missing for 20 years In Ayodhya on plea of wife
कोर्ट ने युवक के मृत होने की उद्घोषणा की। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

यूपी के अयोध्या में शनिवार को कोर्ट ने एक युवक के मरे होने की आधिकारिक उद्घोषणा की। कोर्ट ने फैसला युवक की पत्नी की अर्जी पर सुनाया। कोर्ट ने फैसला सुनाया तो पत्नी समेत परिवारीजनों की आंखें नम हो गईं। यह फैसला सिविल जज जूनियर डिवीजन (हवेली) अभिषिक्ता यादव ने सुनाया है।

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न्यायालय में पत्नी की तरफ से प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। इसमें बताया गया कि अयोध्या जनपद के उसरू अमौना गांव निवासी संतोष कुमार पांडेय 1998 से बीमार चल रहे थे। वर्ष 2004 में इलाज के दौरान लापता हो गए। लापता संतोष पांडेय की पत्नी निर्मला देवी ने उनकी काफी तलाश किया। लेकिन, संतोष का 20 वर्ष तक कोई अता-पता नहीं चला।
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...तो पत्नी ने लिया दीवानी न्यायालय का सहारा
पति के नाम से दर्ज खतौनी को विरासत के आधार पर वारिसों के अंकित कराए जाने के लिए राजस्व विभाग की चक्कर लगाते लगाते थक गई। थाना पूरा कलंदर में पति के लापता हो जाने की रिपोर्ट 22 अप्रैल 2023 को दर्ज कराया। अन्य कोई विकल्प न होने पर पत्नी ने दीवानी न्यायालय का सहारा लिया। 


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सबूत व गवाहों के बयान के आधार पर हुआ फैसला

पति के सिविल डेथ घोषित किए जाने की न्यायालय से याचना किया। न्यायालय ने पत्रावली पर मौजूद सबूत व गवाहों के बयान के आधार पर संतोष कुमार पांडेय पुत्र दूधनाथ के मृत होने की कानूनी उद्घोषणा किए जाने का आदेश पारित किया।

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