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Ayodhya News: पांच करोड़ का भुगतान होते ही निर्माण कार्यों ने पकड़ी रफ्तार

Fri, 11 Sep 2026 12:20 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 11 Sep 2026 12:20 AM IST
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Construction work gained momentum as soon as the payment of five crore rupees was made.
अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद व्यवस्थाओं में हुए बदलाव का असर अब निर्माण कार्यों पर भी दिखाई दे रहा है। भुगतान अटकने से सुस्त पड़े मंदिर परिसर के निर्माण कार्यों ने करीब पांच करोड़ रुपये के बकाया भुगतान के बाद फिर रफ्तार पकड़ ली है। नए कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका के कार्यभार संभालने के बाद विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं और एजेंसियों के लंबित भुगतान किए गए। इसके साथ ही प्रवेश द्वार, ऑडिटोरियम और ट्रस्ट कार्यालय समेत कई निर्माण कार्यों को गति दी गई है।
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राम मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा और भविष्य की व्यवस्थाओं के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें गेट नंबर तीन को जगद्गुरु मध्वाचार्य द्वार के रूप में विकसित करने का कार्य भी शामिल है। ऑडिटोरियम और नए ट्रस्ट कार्यालय का निर्माण भी कराया जा रहा है। भुगतान लंबित होने से इन कार्यों की रफ्तार प्रभावित हुई थी। अब बकाया भुगतान होने के बाद कार्यदायी संस्थाओं ने संसाधन और श्रमिक बढ़ाकर काम तेज कर दिया है। जानकारी के अनुसार, मंदिर में कार्य कर रहे राजकीय निर्माण निगम, टासीई और सफाई एजेंसी समेत अन्य संस्थाओं के भुगतान चढ़ावा चोरी की घटना के बाद मंदिर की व्यवस्थाओं में हुए बदलाव के दौरान लंबित हो गए थे।
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भुगतान प्रक्रिया प्रभावित होने से निर्माण के साथ ही कुछ व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ा। मंदिर परिसर में विभिन्न एजेंसियों के करीब 400 कर्मचारी कार्यरत हैं। सीता रसोई में गैस आपूर्ति करने वाली फर्म का भी करीब 17 लाख रुपये का भुगतान बकाया था। राम मंदिर ट्रस्ट में नए कोषाध्यक्ष के रूप में महेश भागचंदका के कार्यभार संभालने के बाद लंबित भुगतानों को प्राथमिकता दी गई। इसके तहत करीब पांच करोड़ रुपये का बकाया भुगतान किया गया।
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इनसेट
निर्माण कार्यों की निगरानी तेज
- भुगतान के साथ ही ट्रस्ट की ओर से निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी भी की जा रही है। ऑडिटोरियम तैयार होने के बाद धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की सुविधा मिलेगी। वहीं, नए ट्रस्ट कार्यालय से प्रशासनिक कामकाज के लिए बेहतर व्यवस्था विकसित होगी। ट्रस्ट की प्राथमिकता लंबित कार्यों को गति देने के साथ निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखना है।
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