फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Concerned about the nutrition of 2357 children along with 38 thousand pregnant and lactating women

Ayodhya News: 38 हजार गर्भवती व धात्री महिलाओं संग 2357 बच्चों के पोषण की फिक्र

Sun, 25 Feb 2024 11:10 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 25 Feb 2024 11:10 PM IST
विज्ञापन
Concerned about the nutrition of 2357 children along with 38 thousand pregnant and lactating women
अयोध्या। जिले की 38 हजार गर्भवती व धात्री महिलाओं संग 2357 अति कुपोषित बच्चों के पोषण के लिए रोड मैप तैयार किया जाएगा। इसमें बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत व ग्राम विकास विभाग का समन्वय रहेगा। इन सभी विभागों के संयुक्त प्रयास से आंगनबाड़ी केंद्रों की मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं में भी विस्तार किया जाएगा।
विज्ञापन


सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में इस समय 19500 गर्भवती और 18500 धात्री महिलाएं हैं। बच्चों को दुग्धपान कराने वाली महिलाओं को धात्री कहा जाता है। इसी तरह अति कुपोषित की श्रेणी में चिन्हित बच्चों की संख्या 2357 है। इनकी देखभाल के लिए 1100 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। ज्यादातर केंद्र प्राइमरी स्कूलों में संचालित हो रहे हैं। एक बड़ी संख्या ऐसे केंद्रों की भी है जो स्कूलों से बाहर चलते हैं। इन्हें लोकेटेड केंद्र के नाम से जाना जाता है। इन सभी केंद्रों के माध्यम से पांच साल तक के बच्चों के साथ गर्भवती और धात्री महिलाओं के पोषण के प्रयास किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर प्राइमरी स्कूलों की ही तरह बच्चों के लिए खाना बनता है। भोजन बनाने का काम प्राइमरी स्कूलों के ही रसोईया करते हैं।
विज्ञापन


शासन की मंशा के अनुरूप प्रशासन चाहता है कि आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े सभी बच्चे पांच साल की उम्र पूरी करने के बाद प्राइमरी स्कूलों में पढ़ाई के लिए अवश्य जाएं। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से 350 केंद्रों को बच्चों के लिए टेबल और कुर्सियां भी उपलब्ध कराई गई हैं। इसके बावजूद 750 केंद्र ऐसे हैं जहां के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक इस तरह की कोई मदद नहीं दी गई है। अब बेसिक शिक्षा विभाग से कार्ययोजना मांगी गई है कि वे बच्चों की पढ़ाई सुनिश्चित कराने के साथ वंचित केंद्रों को संसाधन कैसे और कब तक मुहैया कराएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी तरह स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदारी दी गई है कि अति कुपोषित बच्चों के इलाज के लिए क्या प्रयास होंगे। विभाग को गर्भवती महिलाओं के चिन्हांकन, परीक्षण, काउंसिलिंग और अस्पताल में ही बच्चे का जन्म हो, इसे सुनिश्चित कराने का ब्योरा देना है। पंचायत विभाग की जिम्मेदारी होगी कि आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में ग्राम प्रधान रूचि लें। जिले के सभी केंद्रों पर नियमित रूप से खाना बनाने की व्यवस्था सुचारू रखी जाए। बर्तन और अन्य संसाधनों की उपलब्धता बनी रहे। केंद्रों के भवनों का निर्माण गुणवत्ता के साथ पूरा हो। इसी तरह ग्राम विकास विभाग के दायित्व भी तय किए गए हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय त्रिपाठी बताते हैं कि कमिश्नर गौरव दयाल के निर्देश पर सभी संबंधित विभाग सोमवार को मंडल स्तरीय कार्यशाला में अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत करेंगे। इसी के आधार पर प्रभावी क्रियान्वयन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed