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Ayodhya News: बैंक अधिकारियों को भी संभालनी पड़ रही जिम्मेदारी
Wed, 15 Jul 2026 11:34 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 15 Jul 2026 11:34 PM IST
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अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा गणना व्यवस्था अब सीमित कर्मचारियों के सहारे चल रही है। सूत्रों के अनुसार 23 कर्मियों के एक साथ काम छोड़ने के बाद अब तक उनकी जगह नए लोगों की नियुक्ति नहीं हुई है। सूत्रों के मुताबिक कर्मचारियों की कमी के कारण पहले केवल निगरानी करने वाले बैंक अधिकारियों और प्रबंधकों को भी कई बार काउंटिंग में हाथ बंटाना पड़ रहा है। अब बैंक के वरिष्ठ अधिकारी भी नियमित रूप से काउंटिंग रूम का निरीक्षण करते दिखाई दे रहे हैं।
फिलहाल केवल 13 कर्मचारी ही रोज सुबह 10 बजे से शाम सात बजे तक चढ़ावे की गणना का कार्य संभाल रहे हैं। काउंटिंग कार्य से जुड़े एक कर्मी ने बताया कि पहले छह-छह घंटे की दो शिफ्टों में काम होता था, लेकिन अब एक ही लंबी शिफ्ट में काम कराया जा रहा है। काम का दबाव और समय दोनों बढ़ गए हैं, जबकि पारिश्रमिक में कोई वृद्धि नहीं हुई। उनका दावा है कि थर्ड पार्टी एजेंसी के माध्यम से नियुक्त कर्मियों को करीब 15 हजार रुपये मासिक से अधिक भुगतान नहीं मिलता, जबकि भुगतान व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों में लंबे समय से असंतोष है।
जितने दिन काम उतने दिन के पैसे
कर्मियों का कहना है कि चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद कार्यस्थल पर निगरानी और दबाव दोनों बढ़ गए हैं। वहीं घर लौटने पर भी परिवार और रिश्तेदारों के सवालों का सामना करना पड़ता है। कई कर्मियों का कहना है कि यदि कार्य परिस्थितियों में सुधार नहीं हुआ तो आगे भी कुछ लोग नौकरी छोड़ सकते हैं। रविवार को गणना कर्मियों को छुट्टी दी गई है, लेकिन उस दिन के पैसे भी काटे जा रहे हैं। जितने दिन काम उतने दिन का ही पैसा मिल रहा है।
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फिलहाल केवल 13 कर्मचारी ही रोज सुबह 10 बजे से शाम सात बजे तक चढ़ावे की गणना का कार्य संभाल रहे हैं। काउंटिंग कार्य से जुड़े एक कर्मी ने बताया कि पहले छह-छह घंटे की दो शिफ्टों में काम होता था, लेकिन अब एक ही लंबी शिफ्ट में काम कराया जा रहा है। काम का दबाव और समय दोनों बढ़ गए हैं, जबकि पारिश्रमिक में कोई वृद्धि नहीं हुई। उनका दावा है कि थर्ड पार्टी एजेंसी के माध्यम से नियुक्त कर्मियों को करीब 15 हजार रुपये मासिक से अधिक भुगतान नहीं मिलता, जबकि भुगतान व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों में लंबे समय से असंतोष है।
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जितने दिन काम उतने दिन के पैसे
कर्मियों का कहना है कि चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद कार्यस्थल पर निगरानी और दबाव दोनों बढ़ गए हैं। वहीं घर लौटने पर भी परिवार और रिश्तेदारों के सवालों का सामना करना पड़ता है। कई कर्मियों का कहना है कि यदि कार्य परिस्थितियों में सुधार नहीं हुआ तो आगे भी कुछ लोग नौकरी छोड़ सकते हैं। रविवार को गणना कर्मियों को छुट्टी दी गई है, लेकिन उस दिन के पैसे भी काटे जा रहे हैं। जितने दिन काम उतने दिन का ही पैसा मिल रहा है।
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