फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Ayodhya: Prasad of Ram temple will get purity certificate, 'Bhog', training being given to cooks and storekeep

Ayodhya: राम मंदिर के प्रसाद को मिलेगा शुद्धता का प्रमाणपत्र ''भोग'', रसोइया व कोठारी को दिया जा रहा प्रशिक्षण

Mon, 20 Apr 2026 09:30 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Mon, 20 Apr 2026 09:30 PM IST
सार

भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की ऑडिट टीम अगले महीने राम मंदिर पहुंचेगी। यहां प्रसाद निर्माण, रसोई व्यवस्था, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, जल की शुद्धता, स्वच्छता व्यवस्था, और कर्मचारियों के स्वास्थ्य मानकों की जांच की जाएगी। सभी मानक पूरे होने पर मंदिर को ''भोग'' प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।

विज्ञापन
Ayodhya: Prasad of Ram temple will get purity certificate, 'Bhog', training being given to cooks and storekeep
- फोटो : amar ujala

विस्तार

राम मंदिर में रामलला को अर्पित किए जाने वाले भोग प्रसाद को जल्द ही खाद्य सुरक्षा स्टैंडर्ड अथारिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) की ओर से शुद्धता का प्रमाण पत्र प्रदान किए जाने की तैयारी है। इस शुद्धता के प्रमाण पत्र को ''भोग'' कहा जाता है। इसके लिए राम मंदिर के रसोइयाें व कोठारियों को खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता व गुणवत्ता मानकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

विज्ञापन


अगले माह एफएसएसएआई (भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) की ऑडिट टीम राम मंदिर पहुंचेगी। यहां प्रसाद निर्माण, रसोई व्यवस्था, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, जल की शुद्धता, स्वच्छता व्यवस्था, और कर्मचारियों के स्वास्थ्य मानकों की जांच की जाएगी। सभी मानक पूरे होने पर मंदिर को ''भोग'' प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त मानिक चंद बताते हैं कि एफएसएसएआई उन पूजा स्थलों को ''भोग'' प्रमाणपत्र प्रदान करता है, जो खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के पूर्व-निर्धारित मानदंडों को पूरा करते हैं।
विज्ञापन


इसके तहत, प्रसाद तैयार करने वाले रसोई कर्मचारियों और विक्रेताओं को भोजन सुरक्षा और स्वच्छता के बारे में प्रशिक्षित किया जाता है। इसी उद्देश्य से रसोइया के स्टॉफ की मेडिकल जांच की जा रही है। भोजन बनाने में उपयोग होने वाली पानी की गुणवत्ता, पैक्ड़ खाद्य सामग्री की जांच, प्रसाद अर्पण की विधि तक का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह है ''भोग'' प्रमाणपत्र
- ''भोग'' (ब्लिसफुल हाइजीनिक ऑफरिंग टू गॉड) एफएसएसएआई की एक अनूठी पहल है। इस पहल का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भगवान को अर्पित किया जाने वाला और श्रद्धालुओं को मिलने वाला प्रसाद स्वच्छ, पौष्टिक और सुरक्षित हो। यह परियोजना ''ईट राइट इंडिया'' अभियान का एक हिस्सा है, जो सही भोजन की आदतों को बढ़ावा देता है। इसका उद्देश्य धार्मिक स्थलों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना है, ताकि प्रसाद से कोई अशुद्धि या रोग न फैले।

Trending Videos

अयोध्या के पांच धर्मस्थलों को मिल चुका है प्रमाणपत्र

- राम मंदिर से पहले रामनगरी के पांच अन्य धर्मस्थलों को ''भोग'' प्रमाणपत्र मिल चुका है। मानिक चंद ने बताया कि इससे पहले हनुमानगढ़ी, जैन मंदिर रायगंज, गुरुद्वारा नजरबाग और कनक भवन के प्रसाद को भी शुद्धता का प्रमाणपत्र दिया जा चुका है। राम मंदिर के प्रसाद को प्रमाणपत्र अब तक इसलिए नहीं मिला था कि क्योंकि राम लला का प्रसाद बाहर से आता था, अब खुद की रसोई में तैयार होता है। इसलिए अब प्रशिक्षण शुरू किया गया है।

सीता रसोई के स्टॉफ में वृद्धि
- सीता रसोई के स्टॉफ यानी रसोइया और कोठारी की संख्या अब बढ़कर छह हो गई है। अभी तक रामलला का प्रसाद बनाने के लिए एक रसोइया व दो कोठारी की नियुक्ति थी, लेकिन जब से रामलला की खुद की रसोई बनकर तैयार हुई तब यह संख्या बढ़ाकर छह कर दी गई है। भेाग प्रसाद के लिए तीन रसोइया और तीन कोठारी की नियुक्ति की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed