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Ayodhya News: चढ़ावा चोरी के आरोपी अविनाश की 13 घंटे की मिली पुलिस रिमांड

Thu, 02 Jul 2026 11:10 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Thu, 02 Jul 2026 11:10 PM IST
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Avinash, accused of stealing temple offerings, remanded to police custody for 13 hours
अयोध्या। चढ़ावा चोरी के मामले में जेल में निरुद्ध आरोपी अविनाश शुक्ला की रिमांड के मामले में पुलिस को बड़ा झटका लगा है। विवेचक आशुतोष तिवारी ने आरोपी की 48 घंटे की रिमांड के लिए आवेदन किया था। जबकि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अदालत के विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा ने केवल 13 घंटे के लिए आरोपी की पुलिस रिमांड मंजूर की है।
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विवेचक ने आरोपी के पुलिस अभिरक्षा में दिए जाने के प्रार्थना पत्र पर आरोपी की ओर से लीगल एड डिफेंस काउंसिल के डिप्टी चीफ कुल शेखर सिंह ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने पुलिस कस्टडी का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि जिस वाहन की बरामदगी के लिए कस्टडी मांगी गई है, वह एक पंजीकृत वाहन है, जिसे कहीं से भी बरामद किया जा सकता है। विवेचक ने आरोपी को परेशान करने की नीयत से पुलिस कस्टडी मांगी है।
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रिमांड प्रार्थना पत्र में कोई विशेष आधार नहीं दर्शाया गया है, जिससे कि आरोपी को अभिरक्षा में लिया जाना आवश्यक हो। वहीं, विशेष अभियोजन अधिकारी ने आरोपी अविनाश शुक्ला की 48 घंटे के लिए पुलिस कस्टडी मंजूर करने के तर्क पेश किए। तर्क दिया कि मजीद बयान में आया है कि आरोपी की अयोध्या परिवहन कार्यालय से पंजीकृत कार प्रतापगढ़ में कहीं खड़ी की गई है।
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विवेचना के दौरान यह भी तथ्य आए हैं कि आरोपी ने मंदिर में चढ़ावा चोरी की धनराशि से हार, अंगूठी व कई गहने खरीदे हैं, जिनकी बरामदगी के लिए आरोपी की पुलिस कस्टडी में दिया जाना आवश्यक है। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद आरोपी अविनाश को 13 घंटे के लिए पुलिस कस्टडी में देने का आदेश पारित किया है। इसके पहले न्यायाधीश ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जेल में निरुद्ध आरोपी से पुलिस कस्टडी रिमांड पर अपना पक्ष रखने के लिए कहा।
बुधवार को आरोपी की ओर से विधिक सहायता के लिए कोई अधिवक्ता न होने के कारण सुनवाई नहीं हो पाई थी। न्यायाधीश ने आरोपी की ओर से विधिक सहायता प्रदान करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव को पत्र भेजा था। इसके बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से लीगल एड डिफेंस काउंसिल के डिप्टी चीफ कुल शेखर सिंह को आरोपी अविनाश शुक्ला की ओर से पैरवी करने के लिए नियुक्त करने का आदेश जारी किया गया।

इनसेट
पुलिस कभी भी ले सकती है रिमांड
न्यायालय के आदेश के बाद विवेचक आरोपी अविनाश शुक्ला की जेल से किसी भी समय कस्टडी में ले सकते हैं। समय का निर्धारण आरोपी के जेल से बाहर निकलते ही शुरू हो जाएगा।आरोपी से पूछताछ करने के बाद न्यायालय के पारित आदेश के अनुपालन में 13 घंटे के अंदर फिर से आरोपी को जेल में दाखिल करना पड़ेगा। आरोपी से पूछताछ के लिए पुलिस अभिरक्षा में लेने के बाद विवेचक को मानवाधिकार के दिशा-निर्देशों का पालन भी करना होगा। पुलिस की पूछताछ के समय आरोपी की ओर से उसके अधिवक्ता को आरोपी से कुछ दूरी पर रहने का अधिकार दिया गया है।
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