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Ayodhya News: अवध विश्वविद्यालय की पीजी सम सेमेस्टर परीक्षाएं 22 मई से
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अयोध्या। डाॅ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय प्रशासन ने एमए, एमएससी और एमकाॅम के दूसरे और चौथे सेमेस्टर का परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। यह परीक्षाएं 22 मई से शुरू होकर दो जून तक चलेंगी। परीक्षा को सकुशल कराने के लिए यूजी के 494 केंद्रों पर दो पालियों में पीजी की परीक्षा कराई जाएंगी। इनमें कुल 97,802 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इस परीक्षा में 30,681 छात्र व 67,121 छात्राएं शामिल होंगी।
प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर और संबद्ध महाविद्यालयों को निर्देश प्रदान कर दिए हैं। पहली पाली की परीक्षा सुबह सात से नौ बजे तक और दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक होगी। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. सिद्धार्थ शुक्ल ने बताया कि 22 मई से दो जून तक होने वाली पीजी सम सेमेस्टर की परीक्षा के लिए सात जिलों में कुल 19 नोडल केंद्र बनाए गए हैं। यहां पर उत्तर पुस्तिकाओं का संकलन किया जाएगा।
विश्वविद्यालय की ओर से नियुक्त सचल दल और सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में सेमेस्टर की परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की ओर से मोबाइल और अन्य इलेक्ट्राॅनिक गैजेट पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डाॅ. विजयेंदु चतुर्वेदी ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से एनईपी पीजी सम सेमेस्टर परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। इस परीक्षा को सकुशल कराने के लिए आवासीय परिसर और संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों व केंद्राध्यक्षों को सूचित कर दिया गया है। विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी परीक्षा कार्यक्रम अपलोड है।
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डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर और संबद्ध कॉलेजों में एक से 30 जून तक के लिए ग्रीष्मावकाश घोषित कर दिया गया है। इस अवधि में विश्वविद्यालय की सभी परीक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होती रहेंगी। कुलसचिव की ओर से अवकाश के संबंध में जारी की गई अधिसूचना में कहा गया है कि सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को विश्वविद्यालय परिसर के संकायाध्यक्ष, निदेशक, विभागाध्यक्ष व पाठ्यक्रम समन्वयकों के साथ संबद्ध कॉलेजों के प्राचार्यों की ओर से बुलाए जाने पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित शिक्षक पाठ्यक्रम पूरा करने के साथ आंतरिक मूल्यांकन और अध्ययन बोर्ड का काम पूरा करने के बाद ही अवकाश का उपभोग करेंगे। ग्रीष्मावकाश की अवधि में शैक्षणिक और परीक्षा संबंधी कार्यों में शामिल शिक्षकों को एक के सापेक्ष एक प्रतिकर अवकाश प्रदान किया जाएगा। इस अवधि में विश्वविद्यालय के कार्यालय खुले रहेंगे।
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प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर और संबद्ध महाविद्यालयों को निर्देश प्रदान कर दिए हैं। पहली पाली की परीक्षा सुबह सात से नौ बजे तक और दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक होगी। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. सिद्धार्थ शुक्ल ने बताया कि 22 मई से दो जून तक होने वाली पीजी सम सेमेस्टर की परीक्षा के लिए सात जिलों में कुल 19 नोडल केंद्र बनाए गए हैं। यहां पर उत्तर पुस्तिकाओं का संकलन किया जाएगा।
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विश्वविद्यालय की ओर से नियुक्त सचल दल और सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में सेमेस्टर की परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की ओर से मोबाइल और अन्य इलेक्ट्राॅनिक गैजेट पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डाॅ. विजयेंदु चतुर्वेदी ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से एनईपी पीजी सम सेमेस्टर परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। इस परीक्षा को सकुशल कराने के लिए आवासीय परिसर और संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों व केंद्राध्यक्षों को सूचित कर दिया गया है। विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी परीक्षा कार्यक्रम अपलोड है।
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डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर और संबद्ध कॉलेजों में एक से 30 जून तक के लिए ग्रीष्मावकाश घोषित कर दिया गया है। इस अवधि में विश्वविद्यालय की सभी परीक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होती रहेंगी। कुलसचिव की ओर से अवकाश के संबंध में जारी की गई अधिसूचना में कहा गया है कि सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को विश्वविद्यालय परिसर के संकायाध्यक्ष, निदेशक, विभागाध्यक्ष व पाठ्यक्रम समन्वयकों के साथ संबद्ध कॉलेजों के प्राचार्यों की ओर से बुलाए जाने पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित शिक्षक पाठ्यक्रम पूरा करने के साथ आंतरिक मूल्यांकन और अध्ययन बोर्ड का काम पूरा करने के बाद ही अवकाश का उपभोग करेंगे। ग्रीष्मावकाश की अवधि में शैक्षणिक और परीक्षा संबंधी कार्यों में शामिल शिक्षकों को एक के सापेक्ष एक प्रतिकर अवकाश प्रदान किया जाएगा। इस अवधि में विश्वविद्यालय के कार्यालय खुले रहेंगे।