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Ayodhya News: चार महीने तक विशाखापत्तनम में रहा था अब्दुल
Mon, 03 Mar 2025 10:02 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 03 Mar 2025 10:02 PM IST
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मिल्कीपुर। हरियाणा के पलवल में हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार आतंकी अब्दुल रहमान छह माह पहले दिल्ली होते हुए विशाखापत्तनम गया था। वहां लगभग चार माह तक वह धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुआ था। गिरफ्तारी की सूचना के बाद उसके गांव थाना इनायतनगर के मंजनाई के ग्रामीण भी हतप्रभ हैं। सोमवार को गुजरात एसटीएफ ने आरोपी के परिजनाें से भी पूछताछ की है।
अब्दुल रहमान का जन्म 28 अगस्त, 2005 को हुआ था। उसने कक्षा 10 तक की शिक्षा मजनाई स्थित मनीराम यादव इंटर काॅलेज से ली थी। वह पांचों वक्त का नमाजी बताया जा रहा है। कुछ समय पूर्व वह फैजाबाद में पुरानी सब्जी मंडी निवासी मौलाना उस्मान हजरत के संपर्क में रहा है। वह विशाखापत्तनम से करीब दो महीने पहले लौटा था।
मां यास्मीन ने बताया कि वह ई-रिक्शा चलाता था। उसे बचपन से ही दिल की बीमारी थी जिसका अहमदाबाद में ऑपरेशन हुआ था। उसके पिता अबु बकर भी पहले सूरत में रहते थे, जो अब गांव में ही चिकन शॉप चलाते हैं। अबु बकर के अन्य भाई जावेद, उम्मर, उस्मान व साद सूरत में रहते हैं। यास्मीन ने बताया कि अबु बकर को गुजरात एसटीएफ ले गई थी। पूछताछ के बाद उन्हें घर पर लाकर छोड़ दिया है। कहा कि अब्दुल घर पर कुछ न कुछ बनाता रहता था। लोहे का कुछ सामान बनाया था जो बंदूक जैसी दिखती थी जिसे पुलिस अपने साथ ले गई। घर के ऊपरी हिस्से में बने कमरे में एक बोर्ड बना है। इसी पर कुछ लिखता रहता था। एक मार्च को किसी दोस्त के बुलाने पर उससे मिलने दिल्ली गया था। क्षेत्राधिकारी मिल्कीपुर श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि गुजरात व हरियाणा एसटीएफ की टीम ने परिजनों से पूछताछ की घर की तलाशी ली लेकिन कुछ संदिग्ध नही मिला है।
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अब्दुल रहमान का जन्म 28 अगस्त, 2005 को हुआ था। उसने कक्षा 10 तक की शिक्षा मजनाई स्थित मनीराम यादव इंटर काॅलेज से ली थी। वह पांचों वक्त का नमाजी बताया जा रहा है। कुछ समय पूर्व वह फैजाबाद में पुरानी सब्जी मंडी निवासी मौलाना उस्मान हजरत के संपर्क में रहा है। वह विशाखापत्तनम से करीब दो महीने पहले लौटा था।
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मां यास्मीन ने बताया कि वह ई-रिक्शा चलाता था। उसे बचपन से ही दिल की बीमारी थी जिसका अहमदाबाद में ऑपरेशन हुआ था। उसके पिता अबु बकर भी पहले सूरत में रहते थे, जो अब गांव में ही चिकन शॉप चलाते हैं। अबु बकर के अन्य भाई जावेद, उम्मर, उस्मान व साद सूरत में रहते हैं। यास्मीन ने बताया कि अबु बकर को गुजरात एसटीएफ ले गई थी। पूछताछ के बाद उन्हें घर पर लाकर छोड़ दिया है। कहा कि अब्दुल घर पर कुछ न कुछ बनाता रहता था। लोहे का कुछ सामान बनाया था जो बंदूक जैसी दिखती थी जिसे पुलिस अपने साथ ले गई। घर के ऊपरी हिस्से में बने कमरे में एक बोर्ड बना है। इसी पर कुछ लिखता रहता था। एक मार्च को किसी दोस्त के बुलाने पर उससे मिलने दिल्ली गया था। क्षेत्राधिकारी मिल्कीपुर श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि गुजरात व हरियाणा एसटीएफ की टीम ने परिजनों से पूछताछ की घर की तलाशी ली लेकिन कुछ संदिग्ध नही मिला है।
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