{"_id":"698a096e440657f0d20b58b7","slug":"a-magnificent-idol-made-of-eight-metals-was-presented-to-the-ram-temple-trust-ayodhya-news-c-97-1-ayo1002-142790-2026-02-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: राम मंदिर ट्रस्ट को भेंट की अष्टधातु की भव्य मूर्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: राम मंदिर ट्रस्ट को भेंट की अष्टधातु की भव्य मूर्ति
Mon, 09 Feb 2026 09:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 09 Feb 2026 09:51 PM IST
विज्ञापन
06- चंपत राय को मूर्ति भेंट करते चेन्नई के भक्त- संगठन
अयोध्या। राम मंदिर के प्रति देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था लगातार नए आयाम छू रही है। इसी कड़ी में चेन्नई के श्रद्धालुओं ने राम मंदिर ट्रस्ट को अष्टधातु से निर्मित माता लक्ष्मी की दो मूर्ति भेंट की है। मूर्ति करीब 45 किलोग्राम वजनी और 2.5 फीट ऊंची है, जिसे विधिवत पूजा-अर्चना के बाद ट्रस्ट को सौंपा गया।
चेन्नई के सेलम से आए श्रद्धालुओं ने रविवार को रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई और कारसेवकपुरम पहुंचकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से मुलाकात की। गणपती सतीश व एमएसआर भास्कर परिवार की ओर से यह मूर्ति चंपत राय को समर्पित की गई। इस दौरान चेन्नई के संत रामा अब्रमीया जियर भी मौजूद रहे। एन देवव्रत मिश्र ने बताया कि मूर्ति का निर्माण पारंपरिक शिल्प विधि से किया गया है, जिसमें बारीक नक्काशी और संतुलित अनुपात विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।
तमिल परंपरा में यह विश्वास है कि दीप की ज्योति अज्ञान को दूर कर घर में ऐश्वर्य और शांति लाती है। इसलिए चेन्नई सहित दक्षिण भारत में दीप लक्ष्मी के पूजन को अत्यंत शुभ माना गया है। चंपत राय ने श्रद्धालुओं को राम मंदिर की भव्यता व तकनीक की भी जानकारी दी। सभी को रामलला का प्रसाद भी भेंट किया गया। ट्रस्ट ने आश्वस्त किया है कि इस मूर्ति को राम मंदिर परिसर में उपयुक्त स्थान पर स्थापित किया जाएगा, ताकि श्रद्धालु इसके दर्शन कर सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
चेन्नई के सेलम से आए श्रद्धालुओं ने रविवार को रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई और कारसेवकपुरम पहुंचकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से मुलाकात की। गणपती सतीश व एमएसआर भास्कर परिवार की ओर से यह मूर्ति चंपत राय को समर्पित की गई। इस दौरान चेन्नई के संत रामा अब्रमीया जियर भी मौजूद रहे। एन देवव्रत मिश्र ने बताया कि मूर्ति का निर्माण पारंपरिक शिल्प विधि से किया गया है, जिसमें बारीक नक्काशी और संतुलित अनुपात विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।
विज्ञापन
तमिल परंपरा में यह विश्वास है कि दीप की ज्योति अज्ञान को दूर कर घर में ऐश्वर्य और शांति लाती है। इसलिए चेन्नई सहित दक्षिण भारत में दीप लक्ष्मी के पूजन को अत्यंत शुभ माना गया है। चंपत राय ने श्रद्धालुओं को राम मंदिर की भव्यता व तकनीक की भी जानकारी दी। सभी को रामलला का प्रसाद भी भेंट किया गया। ट्रस्ट ने आश्वस्त किया है कि इस मूर्ति को राम मंदिर परिसर में उपयुक्त स्थान पर स्थापित किया जाएगा, ताकि श्रद्धालु इसके दर्शन कर सकें।
विज्ञापन