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Ayodhya News: रेल लाइन के लिए तीन गांवों की 908 बिस्वा जमीन का होगा अधिग्रहण
Fri, 01 Aug 2025 09:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 01 Aug 2025 09:19 PM IST
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अयोध्या। प्रयागराज-अयोध्या-लखनऊ रेल खंड पर मसौधा से सलारपुर के बीच प्रस्तावित कॉर्ड रेल लाइन (बाईपास) योजना के लिए तीन गांवों की 908 बिस्वा जमीन का अधिग्रहण होगा। प्रस्तावित रूट 11.4853 हेक्टेयर भूमि से होकर गुजरेगा, जिसमें कुल 908 बिस्वा भूमि शामिल है। इसमें बनवीरपुर के 10, अब्बू सराय के 43 और गद्दोपुर के 65 गाटा की जमीनें चिह्नित की गई हैं। अधिग्रहण के तहत अब तक 120 घरों और 150 खेतों की नापजोख हो चुकी है और मकानों पर अधिग्रहण के निशान भी लगा दिए गए हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत और असमंजस की स्थिति है।
अधिग्रहण से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। बनवीरपुर, अब्बू सराय और गद्दोपुर गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर इस परियोजना के मौजूदा रूट की तत्काल समीक्षा और वैकल्पिक रूट निर्धारित करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन मकानों को चिह्नित किया गया है, उनमें से कई ऐसे भी हैं जो अयोध्या विकास प्राधिकरण से स्वीकृत नक्शे पर बनाए गए हैं और कई परिवारों ने इसके लिए बैंक से कर्ज लिया है। भूमि अधिग्रहण की स्थिति में न सिर्फ उनके आशियाने छिनेंगे, बल्कि उपजाऊ खेतों के नुकसान से उनकी आजीविका और पीढ़ियों की मेहनत भी मिट्टी में मिल जाएगी।उन्होंने अधिसूचना प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए रेलवे अधिनियम के तहत केवल 30 दिन की आपत्ति अवधि दी गई है, जो इतनी बड़ी परियोजना के लिए अत्यंत कम है। गांव में ऐसे कई लोगों ने मकान बनवा रखे हैं जिन्होंने सेवानिवृत्त होने के बाद अपनी सारी कमाई लगा दी है। कई सैनिक परिवार भी यहां रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिना वैकल्पिक इंतजाम के उन्हें उजाड़ा नहीं जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने सुझाव दिया कि मसौधा से सलारपुर तक एक वैकल्पिक रूट तय किया जाए, जो कम आबादी वाले खेतों से होकर गुजरे। इससे न सिर्फ पक्के मकान और उपजाऊ भूमि बचेगी, बल्कि मुआवजे व पुनर्वास की लागत भी घटेगी और निर्माण कार्य समय से पूरा हो सकेगा। उनका कहना है कि गद्दोपुर पहले से ही तीन ओर से रेल लाइनों से घिरा है। अब नई लाइन से क्षेत्र की भूमि और मकान प्रभावित होंगे।
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गांव की सुमन मिश्रा, विमलेश कुमार, ज्ञानेंद्र यादव, आदित्य तिवारी, संदीप यादव, राजकुमार, सूरज यादव, चंदन यादव, शशि सिंह, सूरज लाल और मानवेंद्र सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर त्वरित सुनवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन और धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने इससे पहले मंडलायुक्त राजेश कुमार को ज्ञापन सौंपकर परियोजना पर आपत्ति दर्ज कराई थी। ज्ञात हो कि पूर्व सांसद लल्लू सिंह ग्रामीणों की आशंका से मंत्रालय को अवगत कराया है। आप के सांसद ने भी शीघ्र ही गांव पहुंचकर उनकी आवाज बनने का भरोसा दिलाया है।
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अधिग्रहण से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। बनवीरपुर, अब्बू सराय और गद्दोपुर गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर इस परियोजना के मौजूदा रूट की तत्काल समीक्षा और वैकल्पिक रूट निर्धारित करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन मकानों को चिह्नित किया गया है, उनमें से कई ऐसे भी हैं जो अयोध्या विकास प्राधिकरण से स्वीकृत नक्शे पर बनाए गए हैं और कई परिवारों ने इसके लिए बैंक से कर्ज लिया है। भूमि अधिग्रहण की स्थिति में न सिर्फ उनके आशियाने छिनेंगे, बल्कि उपजाऊ खेतों के नुकसान से उनकी आजीविका और पीढ़ियों की मेहनत भी मिट्टी में मिल जाएगी।उन्होंने अधिसूचना प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए रेलवे अधिनियम के तहत केवल 30 दिन की आपत्ति अवधि दी गई है, जो इतनी बड़ी परियोजना के लिए अत्यंत कम है। गांव में ऐसे कई लोगों ने मकान बनवा रखे हैं जिन्होंने सेवानिवृत्त होने के बाद अपनी सारी कमाई लगा दी है। कई सैनिक परिवार भी यहां रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिना वैकल्पिक इंतजाम के उन्हें उजाड़ा नहीं जाना चाहिए।
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ग्रामीणों ने सुझाव दिया कि मसौधा से सलारपुर तक एक वैकल्पिक रूट तय किया जाए, जो कम आबादी वाले खेतों से होकर गुजरे। इससे न सिर्फ पक्के मकान और उपजाऊ भूमि बचेगी, बल्कि मुआवजे व पुनर्वास की लागत भी घटेगी और निर्माण कार्य समय से पूरा हो सकेगा। उनका कहना है कि गद्दोपुर पहले से ही तीन ओर से रेल लाइनों से घिरा है। अब नई लाइन से क्षेत्र की भूमि और मकान प्रभावित होंगे।
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गांव की सुमन मिश्रा, विमलेश कुमार, ज्ञानेंद्र यादव, आदित्य तिवारी, संदीप यादव, राजकुमार, सूरज यादव, चंदन यादव, शशि सिंह, सूरज लाल और मानवेंद्र सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर त्वरित सुनवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन और धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने इससे पहले मंडलायुक्त राजेश कुमार को ज्ञापन सौंपकर परियोजना पर आपत्ति दर्ज कराई थी। ज्ञात हो कि पूर्व सांसद लल्लू सिंह ग्रामीणों की आशंका से मंत्रालय को अवगत कराया है। आप के सांसद ने भी शीघ्र ही गांव पहुंचकर उनकी आवाज बनने का भरोसा दिलाया है।