{"_id":"69909972485faa130a09f733","slug":"11-kg-nirvana-laddu-offered-to-muni-suvratnath-ayodhya-news-c-97-1-ayo1002-143162-2026-02-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: मुनि सुव्रतनाथ को अर्पित किया 11 किलो का निर्वाण लाडू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: मुनि सुव्रतनाथ को अर्पित किया 11 किलो का निर्वाण लाडू
Sat, 14 Feb 2026 09:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 14 Feb 2026 09:19 PM IST
विज्ञापन
23- जैन मंदिर रायगंज से निकली शोभायात्रा में शामिल जैन श्रद्धालु- संवाद
अयोध्या। फाल्गुन कृष्ण द्वादशी को जैन समाज के 20वें तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रतनाथ के मोक्ष कल्याणक महोत्सव को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया। जैन मंदिर रायगंज में सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना का क्रम शुरू हुआ। भक्तों ने भगवान के चरणों में जल, चंदन, अक्षत, पुष्प, नैवेद्य, दीप, धूप, फल और अर्घ्य सहित अष्टद्रव्य से विधिपूर्वक पूजन कर निर्वाण कांड का पाठ किया। इस पावन अवसर पर 11 किलो का निर्वाण लड्डू अर्पित किया गया। मंदिर परिसर से भव्य शोभायात्रा निकली।
जैन मंदिर परिसर भक्ति गीतों और मंगलाचरण से गुंजायमान रहा। इसके बाद बाजे-गाजे और आकर्षक सज्जा के साथ भव्य रथयात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर वातावरण को धर्ममय बना दिया। भव्य रथ पर भगवान के विग्रह को सवार कर निकली रथयात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए वापस मंदिर पहुंची। बड़ी संख्या में शामिल महिला श्रद्धालुओं ने नृत्य के जरिये भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की। जैन मंदिर के पीठाधीश रवींद्र कीर्ति स्वामी ने इस अवसर पर कहा कि भगवान मुनि सुव्रतनाथ का मोक्ष कल्याणक आत्मशुद्धि, संयम और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि तीर्थंकरों का जीवन त्याग, तप और करुणा का प्रतीक है, जो मानवता को आत्मकल्याण की दिशा दिखाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे भगवान के आदर्शों को अपने आचरण में उतारकर समाज में शांति और सद्भाव का संदेश फैलाएं। विश्व शांति की कामना से भगवान की आरती उतारकर उत्सव का समापन हुआ। कार्यक्रम में आर्यिका चंदनमती, डॉ.जीवन प्रकाश जैन, सुरेंद्र जैन, मनोज जैन, आदेश जैन, ऋषभ जैन सहित विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों श्रद्धालु शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जैन मंदिर परिसर भक्ति गीतों और मंगलाचरण से गुंजायमान रहा। इसके बाद बाजे-गाजे और आकर्षक सज्जा के साथ भव्य रथयात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर वातावरण को धर्ममय बना दिया। भव्य रथ पर भगवान के विग्रह को सवार कर निकली रथयात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए वापस मंदिर पहुंची। बड़ी संख्या में शामिल महिला श्रद्धालुओं ने नृत्य के जरिये भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की। जैन मंदिर के पीठाधीश रवींद्र कीर्ति स्वामी ने इस अवसर पर कहा कि भगवान मुनि सुव्रतनाथ का मोक्ष कल्याणक आत्मशुद्धि, संयम और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि तीर्थंकरों का जीवन त्याग, तप और करुणा का प्रतीक है, जो मानवता को आत्मकल्याण की दिशा दिखाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे भगवान के आदर्शों को अपने आचरण में उतारकर समाज में शांति और सद्भाव का संदेश फैलाएं। विश्व शांति की कामना से भगवान की आरती उतारकर उत्सव का समापन हुआ। कार्यक्रम में आर्यिका चंदनमती, डॉ.जीवन प्रकाश जैन, सुरेंद्र जैन, मनोज जैन, आदेश जैन, ऋषभ जैन सहित विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों श्रद्धालु शामिल रहे।
विज्ञापन