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अयोध्या के सांसद से खास बातचीत: दीपोत्सव भारत का आध्यात्मिक पुनर्जागरण, कुटुंब बचाने और रोजगार बढ़ाने का होगा काम
सार
अयोध्या में भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत हो चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंच चुके हैं। दीपोत्सव में पांच देशों से आये 10 हजार अतिथि गवाह बनेंगे।
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सांसद लल्लू सिंह
- फोटो : अमर उजला
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विस्तार
अयोध्या दिव्य दीपोत्सव 2021 की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। छोटी दीपावली की शाम अयोध्या में सरयू नदी के तट पर राम की पैड़ी घाट पर 9 लाख 51 हजार दीपक जलाकर विश्व रिकॉर्ड कायम किया जाएगा। इस भव्य आयोजन के लिए तैयारियां किस तरह से की गई हैं, और इसके माध्यम से सरकार क्या संदेश देना चाहती है, यह जानने के लिए अयोध्या के सांसद लल्लू सिंह से अमर उजाला की खास बातचीत-
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सवाल- अयोध्या दिव्य दीपोत्सव को सफल बनाने के लिए आप लोगों ने किस तरह से तैयारियां की हैं?
लल्लू सिंह- सबसे पहले मैं आप के माध्यम से पूरे देश और दुनिया में फैले करोड़ों रामभक्तों को दीपोत्सव की शुभकामनाएं देना चाहता हूं। आपको बताना चाहता हूं कि इस कार्यक्रम की सफलता के लिए हम कई महीनों पहले से प्रयास शुरू कर देते हैं। राम की पैड़ी घाट से लेकर पूरे अयोध्या के मुख्य जगहों की साफ-सफाई, रंग-रोगन, सड़कों का चौड़ीकरण, व्यवस्थाओं का प्रबंधन और सुरक्षा के इंतजाम की पूरी योजना तैयार कर ली जाती है। अधिकारियों को उचित निर्देश देकर कार्य पूरे कराए गए। इसी का परिणाम है कि आज आप देख रहे हैं पूरे अयोध्या में दीपोत्सव बेहद धूमधाम तरीके से मनाया जा रहा है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सबसे ज्यादा बढ़कर अयोध्या के रामभक्तों और आम नागरिकों ने अपनी भूमिका निभाई। इसके लिए मैं इन सबका धन्यवाद करता हूं।
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सवाल - इस दीपोत्सव से आप देश-दुनिया को क्या संदेश देना चाहते हैं?
लल्लू सिंह- देखिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने 2017 में जब सत्ता संभाली थी उसी वर्ष से उन्होंने इस कार्यक्रम को आयोजित करने का निर्णय किया था। इसके बाद से लेकर यह पांचवा दिव्य दीपोत्सव मनाया जा रहा है। शुरुआत से ही इसे मनाने के स्वरूप और इसके लक्ष्य के बारे में हम सभी बहुत स्पष्ट थे। हमारा मानना है कि आज के युवाओं में सनातन धर्म के बारे में आज की पीढ़ी में जानकारी कम हो रही है। हम इस परंपरा के अच्छे तत्वों को आने वाली पीढ़ी को समर्पित करना चाहते हैं। यह तभी हो पाएगा जब हमारी युवा पीढ़ी राम, कृष्ण और अन्य दिव्य महापुरुषों से जुड़े स्थलों को देखे, उनके बारे में जानकारी हासिल करे और उनके किए गए कार्यों और उसका समाज पर पड़ने वाले असर का अध्ययन करें। इससे न केवल हमारी संयुक्त परिवार परंपरा मजबूत होगी, बल्कि इससे उनकी धार्मिक जानकारी भी बढ़ेगी। हमारा मानना है कि जब हमारे युवा अपने समाज-संस्कृति से ज्यादा अच्छी तरह वाकिफ होंगे, तब हमारा राष्ट्र ज्यादा सुदृढ़ और ज्यादा सशक्त होगा।
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सवाल - दीपोत्सव के माध्यम से पर्यटन को भी विकसित किया जा रहा है। इसका किस तरह से असर पड़ सकता है?
लल्लू सिंह- अयोध्या पूरे विश्व में जानी जाती है। लोग यहां आना चाहते हैं, लेकिन सुविधाओं की कमी के कारण बहुत कम लोग यहां आ रहे हैं। लेकिन अब यहां इतनी अच्छी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं कि पूरे दुनिया से और पूरे देश से पर्यटक यहां पर आएंगे। हमारा लक्ष्य है कि शुरुआती दौर में कम से कम एक लाख पर्यटक प्रतिदिन अयोध्या पहुंचे और भगवान राम से जुड़े स्थलों का दर्शन करें। क्योंकि पर्यटन सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला माध्यम माना जाता है, हमें उम्मीद है कि जब इतनी भारी संख्या में पर्यटक अयोध्या और भगवान राम से जुड़े विभिन्न स्थलों का को देखने पहुंचेंगे तब यूपी में रोजगार की भारी संभावनाएं बढ़ेंगी। आज ही अयोध्या और आसपास के इलाकों में होटल व्यवसाय, ट्रांसपोर्ट व्यवसाय और इससे जुड़े हुए अन्य उद्योग प्रगति करने लगे हैं। जिस दिन हमारी योजना पूरी होगी इसका व्यापक असर रोजगार की बढ़ी हुई संभावनाओं के रूप में आपको दिखाई पड़ेगा।
सवाल - इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आप लोग बुनियादी ढांचे में किस तरह से विकास कर रहे हैं?
लल्लू सिंह- सबसे पहले पर्यटकों के अयोध्या तक पहुंचने के लिए मार्गों का चौड़ीकरण और आधुनिकीकरण किया जा रहा है। अयोध्या के रेलवे स्टेशन का विकास किया जा रहा है। यह पूरी तरह से वातानुकूलित होगा। यहां आने वाले पर्यटकों को यह एयरपोर्ट जैसा अनुभव देगा। पर्यटकों को सबसे बेहतर सुविधा और अवसर दिए जाने की ये कोशिश है। इसके साथ ही अयोध्या तक पहुंचने वाले सभी मार्गों को चौड़ा और आधुनिक किया जा रहा है। अयोध्या की गलियों का विकास किया जा रहा है बहुत संकरी गलियों को चौड़ा कर 45 फीट किया जा रहा है। इससे यहां पर आवागमन की सुविधा विकसित होगी। साथ ही कई बड़ी संस्थाएं और कई राज्य सरकारें यहां पर आश्रम ट्रस्ट और अन्य संस्थाएं विकसित कर रही हैं। अयोध्या के मूलभूत ढांचे का विकास जोर शोर से चल रहा है। जैसे ही भगवान श्री राम का प्राकट्य स्थल विकसित होगा, इन सब का उपयोग होगा। मुझे पूरी उम्मीद है कि इससे अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे।