{"_id":"688a6c430b085655910781b8","slug":"yamuna-overflows-nouri-and-mai-villages-cut-off-from-communication-auraiya-news-c-211-1-aur1007-129439-2025-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: यमुना उफनाई, नौरी व मई गांव का कटा संपर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: यमुना उफनाई, नौरी व मई गांव का कटा संपर्क
Thu, 31 Jul 2025 12:32 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 31 Jul 2025 12:32 AM IST
विज्ञापन
यमुना नदी किनारे बाढ़ के खतरे के बीच निकलते बच्चे व बाइक सवार।
- फोटो : यमुना नदी किनारे बाढ़ के खतरे के बीच निकलते बच्चे व बाइक सवार।
अयाना। बढ़ रहे यमुना नदी के जलस्तर से किनारे बसे 12 गांवों के लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। पानी अधिक बढ़ जाने से नौरी व मई का गांव का संपर्क कट गया है। वहीं बीहड़ पट्टी के अन्य 10 गांवों पर भी बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है। प्रशासन की ओर से बाढ़ राहत चौकी से निरंतर निगरानी की जा रही है।
साल 2019 व 2021 में यमुना नदी में आई बाढ़ ने अयाना क्षेत्र के 12 गांवों में जनजीवन प्रभावित कर दिया था। इस बार पहाड़ी क्षेत्र में अधिक बारिश होने के चलते कोटा बैराज से चंबल में छोड़े गए पानी से यमुना नदी उफान पर है। मंगलवार से खतरे के निशान के ऊपर बह रही नदी का पानी जुहीखा, गूंज, असेवा, असेवटा, रमपुरा, फरिहा, बीझलपुर, मिश्रपुर, सिखरना आदि गांवों के किनारे पहुंच गया है।
वहीं मई व नौरी के संपर्क मार्ग पर पानी भर जाने से दोनों गांवों का संपर्क कट गया है। निगरानी के लिए बीझलपुर बाढ़ राहत चौकी पर लेखपाल अखिल कुमार व समीक्षा सेंगर की तैनाती की गई है। वहीं ग्रामीण भी नदी किनारे बैठ कर बढ़ते जलस्तर पर टकटकी लगाए हैं।
विज्ञापन
बुधवार शाम को डिप्टी सीएमओ डॉ. मनोज सिंह, अयाना सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुनील शर्मा, एपीडेमियोलॉजिस्ट डॉ. सर्फराज आलम अंसारी टीम के साथ नाव से सफर कर नौरी गांव पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने लोगों को आवश्यक दवाइयां मुहैया करवाईं।
साथ ही आपदा के दौरान किसी के बीमार पड़ने या घायल होने पर प्राथमिक उपचार देने की विधि भी सिखाई। इधर, थानाध्यक्ष अजय कुमार ने गश्त की। उन्होंने बताया कि जलस्तर अधिक बढ़ता है तो ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाएगा।
विज्ञापन
साल 2019 व 2021 में यमुना नदी में आई बाढ़ ने अयाना क्षेत्र के 12 गांवों में जनजीवन प्रभावित कर दिया था। इस बार पहाड़ी क्षेत्र में अधिक बारिश होने के चलते कोटा बैराज से चंबल में छोड़े गए पानी से यमुना नदी उफान पर है। मंगलवार से खतरे के निशान के ऊपर बह रही नदी का पानी जुहीखा, गूंज, असेवा, असेवटा, रमपुरा, फरिहा, बीझलपुर, मिश्रपुर, सिखरना आदि गांवों के किनारे पहुंच गया है।
विज्ञापन
वहीं मई व नौरी के संपर्क मार्ग पर पानी भर जाने से दोनों गांवों का संपर्क कट गया है। निगरानी के लिए बीझलपुर बाढ़ राहत चौकी पर लेखपाल अखिल कुमार व समीक्षा सेंगर की तैनाती की गई है। वहीं ग्रामीण भी नदी किनारे बैठ कर बढ़ते जलस्तर पर टकटकी लगाए हैं।
विज्ञापन
बुधवार शाम को डिप्टी सीएमओ डॉ. मनोज सिंह, अयाना सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुनील शर्मा, एपीडेमियोलॉजिस्ट डॉ. सर्फराज आलम अंसारी टीम के साथ नाव से सफर कर नौरी गांव पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने लोगों को आवश्यक दवाइयां मुहैया करवाईं।
साथ ही आपदा के दौरान किसी के बीमार पड़ने या घायल होने पर प्राथमिक उपचार देने की विधि भी सिखाई। इधर, थानाध्यक्ष अजय कुमार ने गश्त की। उन्होंने बताया कि जलस्तर अधिक बढ़ता है तो ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाएगा।