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Auraiya News: लाइट जाने पर एसी में डॉक्टर, मरीजों को पंखे भी नसीब नहीं

Mon, 15 Sep 2025 11:18 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Mon, 15 Sep 2025 11:18 PM IST
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When the power goes out, doctors work in AC, patients don't even have fans
फोटो-15एयूआरपी 10- नई बिल्डिंग में लगे जनरेटर। संवाद
औरैया। मेडिकल कॉलेज को धरातल पर आए करीब दो साल हो गया है। 300 बेड की नई बिल्डिंग में ओपीडी से लेकर इमरजेंसी व सेंट्रल लैब की सुविधा शुरू कर दी गई है लेकिन यहां लाइट जाने पर मरीजों का हाल बेहाल हो जाता है। डॉक्टर के लिए एसी का बैकअप है लेकिन मरीजों को पंखे की हवा तक नसीब नहीं होती है। कांच से लैस इस बिल्डिंग में जेनरेटर की बैकअप वायरिंग कई जगह अधूरी है जो कि मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है।
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मेडिकल कॉलेज की ओपीडी दो हजार के पार जा चुकी है। ऐसे में रोजाना भारी तादाद में मरीज व तीमारदारों का यहां पहुंचना होता है। 300 बेड की नई बिल्डिंग में ओपीडी, इमरजेंसी व दवा वितरण से लेकर कई विभाग हैं। करीब दो साल पहले इस बिल्डिंग का अधिग्रहण किया गया था। अधिग्रहण के दौरान बुनियादी व्यवस्थाओं को जांचा गया था। शायद इस जांच के दौरान बिल्डिंग की बैकअप वायरिंग पर अफसरों का ध्यान ही नहीं गया। यही वजह रही कि लाइट जाने पर जनरेटर की सुविधा होने के बाद भी बिल्डिंग के पंखे नहीं चल रहे हैं।
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बिल्डिंग में लाइट जाने की स्थिति में दो जनरेटर जुटाए गए हैं जिन्हें चलाया भी जाता है लेकिन बिल्डिंग में जनरेटर की बैकअप वायरिंग का अभाव है। पर्चा काउंटर से लेकर इमरजेंसी, ओपीडी के बाहर लाइट जाने की स्थिति में पंखे की हवा मरीजों व तीमारदारों को नसीब नहीं होती है। कांच से लैस इस बिल्डिंग में कुछ देर के लिए बिजली जाने पर घुटन की स्थिति बन जाती है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी इस खामी को स्वीकार कर रहा है। इसे देखते हुए प्राचार्य डॉ. मुकेश वीर सिंह ने संबंधित कार्यदायी संस्था से बैकअप वायरिंग कराए जाने की मांग की है। न हो पाने की स्थिति में जरूरी एस्टीमेट बनाने के लिए भी कहा गया है जिससे समस्या का हल निकाला जा सके।
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बारिश व आंधी तूफान में बढ़ती मुश्किलें
मेडिकल कॉलेज के लिए बिजली सप्लाई सीधे उपकेंद्र से दी जाती है। ये बिजली तब बेपटरी होती है जब बारिश व आंधी-तूफान से फाॅल्ट होते हैं। ऐसी स्थिति में बिजली बाधित होने पर जनरेटर चलाए जाते हैं लेकिन जनरेटर की बैकअप वायरिंग दुरुस्त न होने से पंखे बंद हो जाते हैं।
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कभी-कभी होती है समस्या
कभी-कभार बारिश आंधी तूफान आने पर बिजली जाती है। बिल्डिंग में बैकअप वायरिंग का अभाव होने से पंखे न चलने की समस्या है।
- सुनील पाल, क्वाॅलिटी मैनेजर, मेडिकल कॉलेज
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बनाया जाएगा प्रस्ताव
कार्यदायी संस्था से बात गई है। जनरेटर की बैकअप वायरिंग न होने के संबंध में बताया गया है कि काम के मिले टेंडर में इसका जिक्र भी नहीं था। इस स्थिति में बैकअप वायरिंग को लेकर नया प्रस्ताव बनाने की मांग की गई है। इससे कि नई बिल्डिंग में वायरिंग व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके।

-डॉ. मुकेश वीर सिंह, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज

फोटो-15एयूआरपी 10- नई बिल्डिंग में लगे जनरेटर। संवाद

फोटो-15एयूआरपी 10- नई बिल्डिंग में लगे जनरेटर। संवाद

फोटो-15एयूआरपी 10- नई बिल्डिंग में लगे जनरेटर। संवाद

फोटो-15एयूआरपी 10- नई बिल्डिंग में लगे जनरेटर। संवाद

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