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Auraiya News: मंदिर की जमीन पर कब्जा करने पहुंचे लोगों को ग्रामीणों ने खदेड़ा
Sat, 31 May 2025 12:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 31 May 2025 12:07 AM IST
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मंदिर पर एकत्रित ग्रामीण।
- फोटो : मंदिर पर एकत्रित ग्रामीण।
सहार। गांव रामनगर में कुछ लोग शुक्रवार को मंदिर की जमीन पर कब्जा करने पहुंच गए। इसकी भनक लगते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए और बड़ी संख्या में महिलाओं, बच्चों समेत वहां पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया।
इससे कब्जे की कोशिश कर रहे लोग वहां से खदेड़ दिया। सूचना पाकर पुलिस और तहसील प्रशासन ने पहुंचकर जांच की। रामनगर गांव में एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर वर्ष 1955 में बनना शुरू हुआ था और 1963 में बनकर तैयार हुआ था। इस मंदिर में भगवान शंकर समेत अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं।
शुक्रवार को कुछ लोग इस मंदिर की ज़मीन पर कथित तौर पर कब्जा करने पहुंच गए। इसकी जानकारी मिलते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए और भारी संख्या में लोग मंदिर पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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भीड़ देखकर आरोपी भागने लगे तो ग्रामीणों ने उन्हें खदेड़ दिया। मौके पर मौजूद मुलायम सिंह, नरेश प्रधान, रामबरन ऐवरन, जयचंद्र, रामदास, संदीप कुमार, विजयनंदन, शिवप्रसाद, विद्याराम, गोविंद, मनोज मौजूद रहे। इनके अलावा राधाकिशन, विष्णु हजारी, रामप्रकाश, देवांश, महेश, जयनारायण, नेकराम, सुरजबली, शिवनाथ, इकबाल, फूलसिंह, रमेश जाटव, नेकराम जाटव आदि लोग शामिल रहे।
उधर, सूचना पाकर पुलिस व तहसील प्रशासन के कर्मचारी भी पहुंच गए। बिधूना तहसीलदार जितेश वर्मा ने बताया कि गुरुवार को शिकायत मिलने के बाद मौके पर जाकर नाप कराई गई थी। नाप में यह बात सामने आई कि मंदिर की जमीन राजस्व अभिलेखों में मंदिर के नाम दर्ज नहीं है। हालांकि प्रशासन ने मंदिर परिसर को सुरक्षित कर दिया है।
सहार थाना प्रभारी पंकज मिश्रा ने बताया कि इस संबंध में अब तक थाने में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। न ही कोई जानकारी देने आया है।
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इससे कब्जे की कोशिश कर रहे लोग वहां से खदेड़ दिया। सूचना पाकर पुलिस और तहसील प्रशासन ने पहुंचकर जांच की। रामनगर गांव में एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर वर्ष 1955 में बनना शुरू हुआ था और 1963 में बनकर तैयार हुआ था। इस मंदिर में भगवान शंकर समेत अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं।
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शुक्रवार को कुछ लोग इस मंदिर की ज़मीन पर कथित तौर पर कब्जा करने पहुंच गए। इसकी जानकारी मिलते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए और भारी संख्या में लोग मंदिर पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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भीड़ देखकर आरोपी भागने लगे तो ग्रामीणों ने उन्हें खदेड़ दिया। मौके पर मौजूद मुलायम सिंह, नरेश प्रधान, रामबरन ऐवरन, जयचंद्र, रामदास, संदीप कुमार, विजयनंदन, शिवप्रसाद, विद्याराम, गोविंद, मनोज मौजूद रहे। इनके अलावा राधाकिशन, विष्णु हजारी, रामप्रकाश, देवांश, महेश, जयनारायण, नेकराम, सुरजबली, शिवनाथ, इकबाल, फूलसिंह, रमेश जाटव, नेकराम जाटव आदि लोग शामिल रहे।
उधर, सूचना पाकर पुलिस व तहसील प्रशासन के कर्मचारी भी पहुंच गए। बिधूना तहसीलदार जितेश वर्मा ने बताया कि गुरुवार को शिकायत मिलने के बाद मौके पर जाकर नाप कराई गई थी। नाप में यह बात सामने आई कि मंदिर की जमीन राजस्व अभिलेखों में मंदिर के नाम दर्ज नहीं है। हालांकि प्रशासन ने मंदिर परिसर को सुरक्षित कर दिया है।
सहार थाना प्रभारी पंकज मिश्रा ने बताया कि इस संबंध में अब तक थाने में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। न ही कोई जानकारी देने आया है।