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Auraiya News: आवास विकास कॉलोनी से विकास ही लापता
Sun, 07 Jun 2026 11:54 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sun, 07 Jun 2026 11:54 PM IST
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फोटो -17- खाली पडे़ प्लाट में गंदगी। संवाद
औरैया। शहर की वीआईपी कॉलोनियों में शुमार आवास विकास कॉलोनी 45 वर्ष बाद भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है।
वर्ष 1980 में बसाई गई इस कॉलोनी के करीब 600 परिवार आज भी सीवर, सड़क और जलनिकासी जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। आवास विकास परिषद व नगर पालिका के बीच जिम्मेदारी तय न होने से कॉलोनी का विकास अधर में लटका हुआ है।
कॉलोनी में सात ब्लॉक प्रस्तावित थे लेकिन विवादों के चलते ब्लॉक नंबर पांच का आज तक सृजन नहीं हो सका। पिछले डेढ़ दशक से दो ब्लॉक के 600 परिवार के लोग प्रशासनिक उदासीनता और अव्यवस्थाओं का खामियाजा भुगत रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या सीवर व्यवस्था की है।
आवास विकास जनकल्याण समिति के संस्थापक दिनेश मिश्रा और देवमुनि पोरवाल बताते हैं कि कॉलोनी बसने के समय वर्ष 1980 में सीवर लाइन बिछाई गई थी लेकिन निर्माण में बरती गई लापरवाही के कारण कई हिस्सों में पाइप ही नहीं डाले गए। नतीजा यह हुआ कि पूरी सीवर व्यवस्था कभी चालू नहीं हो सकी। करीब पांच वर्ष पूर्व तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी के निर्देश पर हुई जांच में जल निगम ने पुरानी सीवर लाइन को पूरी तरह अनुपयोगी बताते हुए नई लाइन डालने की संस्तुति की थी। इसके बावजूद आज तक काम शुरू नहीं हो सका।
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सरी ओर सड़कों के निर्माण और मरम्मत का मामला भी विभागों के बीच उलझा हुआ है। नगर पालिका का कहना है कि कॉलोनी अभी उनके अधिकार क्षेत्र में हस्तांतरित नहीं हुई है जबकि आवास विकास परिषद नए एस्टीमेट का हवाला देकर जल्द कार्य पूरा करने का दावा कर रही है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव का असर कॉलोनी के विकास पर भी पड़ रहा है। कई खाली प्लॉटों पर जलभराव और गंदगी का आलम है।
हालात ऐसे हैं कि लोग यहां नए मकान बनाने से भी बच रहे हैं। वर्षों से समाधान की आस लगाए बैठे लोगों का कहना है कि हर बार आश्वासन तो मिलता है लेकिन समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। बारिश के दिनों तो हालात बहुत बुरे हो जाते हैं।
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नाला सफाई के लिए आगरा से मंगाई जा रही रोबोटिक मशीन
कॉलोनी के विकास के लिए एक करोड़ तीन लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया है। इसके तहत नालों की सफाई के लिए विशेष रूप से आगरा से रोबोटिक मशीन बुलाई जा रही है। इसके अलावा 12 मीटर चौड़ी दो मुख्य सड़कों का निर्माण होगा, पहली सड़क काशीराम कॉलोनी से एलआईसी के आगे तक और दूसरी सड़क आईडीबीआई बैंक से एलआईसी तक बनाई जाएगी।
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नगर पालिका कर रहे हैंडओवर का इंतजार
आवास विकास कॉलोनी को बने 45 वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन कॉलोनी आज तक नगर पालिका को हैंडओवर नहीं हो सकी है। इस प्रशासनिक रवैए के कारण स्थानीय निवासी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। आवास विकास परिषद के पूर्व में कराए गए निर्माण कार्य अब पूरी तरह बदहाल हो चुके हैं, सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं और सीवर व्यवस्था ठप पड़ी है।
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कोई सुनने वाला नहीं
कॉलोनी की बदहाली को लेकर कई बार पत्राचार किया गया। तत्कालीन डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए इसे आगे भी बढ़ाया था लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया। कोई सुनने वाला नहीं है।
-दिनेश मिश्रा, संरक्षक आवास विकास जनकल्याण समिति
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स्थिति बिगड़ रही है
पिछले करीब पांच साल से आवास विकास कॉलोनी में निवास कर रहा हूं। इतने सालों में स्थिति सुधरने के बजाय और बिगड़ती जा रही है। बदबू के कारण यहां के निवासियों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
-लवी भदौरिया
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सीवर लाइन का काम गति पर है और सड़कों का भी टेंडर हो चुका है। जैसे ही विकास कार्य पूरे होंगे, इस क्षेत्र को पूरी तरह नगर पालिका को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
-दीपक कुमार, अधिशासी अभियंता आवास विकास
आवास विकास कॉलोनी का नगर पालिका को हैंडओवर होना बेहद जरूरी है। जनता की सुविधा के लिए पालिका ने कुछ प्रमुख सड़कों को दुरुस्त करने की कार्ययोजना बनाई है, जल्द ही काम शुरू होगा। अनूप गुप्ता, पालिकाध्यक्ष, औरैया
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वर्ष 1980 में बसाई गई इस कॉलोनी के करीब 600 परिवार आज भी सीवर, सड़क और जलनिकासी जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। आवास विकास परिषद व नगर पालिका के बीच जिम्मेदारी तय न होने से कॉलोनी का विकास अधर में लटका हुआ है।
कॉलोनी में सात ब्लॉक प्रस्तावित थे लेकिन विवादों के चलते ब्लॉक नंबर पांच का आज तक सृजन नहीं हो सका। पिछले डेढ़ दशक से दो ब्लॉक के 600 परिवार के लोग प्रशासनिक उदासीनता और अव्यवस्थाओं का खामियाजा भुगत रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या सीवर व्यवस्था की है।
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आवास विकास जनकल्याण समिति के संस्थापक दिनेश मिश्रा और देवमुनि पोरवाल बताते हैं कि कॉलोनी बसने के समय वर्ष 1980 में सीवर लाइन बिछाई गई थी लेकिन निर्माण में बरती गई लापरवाही के कारण कई हिस्सों में पाइप ही नहीं डाले गए। नतीजा यह हुआ कि पूरी सीवर व्यवस्था कभी चालू नहीं हो सकी। करीब पांच वर्ष पूर्व तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी के निर्देश पर हुई जांच में जल निगम ने पुरानी सीवर लाइन को पूरी तरह अनुपयोगी बताते हुए नई लाइन डालने की संस्तुति की थी। इसके बावजूद आज तक काम शुरू नहीं हो सका।
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सरी ओर सड़कों के निर्माण और मरम्मत का मामला भी विभागों के बीच उलझा हुआ है। नगर पालिका का कहना है कि कॉलोनी अभी उनके अधिकार क्षेत्र में हस्तांतरित नहीं हुई है जबकि आवास विकास परिषद नए एस्टीमेट का हवाला देकर जल्द कार्य पूरा करने का दावा कर रही है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव का असर कॉलोनी के विकास पर भी पड़ रहा है। कई खाली प्लॉटों पर जलभराव और गंदगी का आलम है।
हालात ऐसे हैं कि लोग यहां नए मकान बनाने से भी बच रहे हैं। वर्षों से समाधान की आस लगाए बैठे लोगों का कहना है कि हर बार आश्वासन तो मिलता है लेकिन समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। बारिश के दिनों तो हालात बहुत बुरे हो जाते हैं।
नाला सफाई के लिए आगरा से मंगाई जा रही रोबोटिक मशीन
कॉलोनी के विकास के लिए एक करोड़ तीन लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया है। इसके तहत नालों की सफाई के लिए विशेष रूप से आगरा से रोबोटिक मशीन बुलाई जा रही है। इसके अलावा 12 मीटर चौड़ी दो मुख्य सड़कों का निर्माण होगा, पहली सड़क काशीराम कॉलोनी से एलआईसी के आगे तक और दूसरी सड़क आईडीबीआई बैंक से एलआईसी तक बनाई जाएगी।
नगर पालिका कर रहे हैंडओवर का इंतजार
आवास विकास कॉलोनी को बने 45 वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन कॉलोनी आज तक नगर पालिका को हैंडओवर नहीं हो सकी है। इस प्रशासनिक रवैए के कारण स्थानीय निवासी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। आवास विकास परिषद के पूर्व में कराए गए निर्माण कार्य अब पूरी तरह बदहाल हो चुके हैं, सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं और सीवर व्यवस्था ठप पड़ी है।
कोई सुनने वाला नहीं
कॉलोनी की बदहाली को लेकर कई बार पत्राचार किया गया। तत्कालीन डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए इसे आगे भी बढ़ाया था लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया। कोई सुनने वाला नहीं है।
-दिनेश मिश्रा, संरक्षक आवास विकास जनकल्याण समिति
स्थिति बिगड़ रही है
पिछले करीब पांच साल से आवास विकास कॉलोनी में निवास कर रहा हूं। इतने सालों में स्थिति सुधरने के बजाय और बिगड़ती जा रही है। बदबू के कारण यहां के निवासियों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
-लवी भदौरिया
सीवर लाइन का काम गति पर है और सड़कों का भी टेंडर हो चुका है। जैसे ही विकास कार्य पूरे होंगे, इस क्षेत्र को पूरी तरह नगर पालिका को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
-दीपक कुमार, अधिशासी अभियंता आवास विकास
आवास विकास कॉलोनी का नगर पालिका को हैंडओवर होना बेहद जरूरी है। जनता की सुविधा के लिए पालिका ने कुछ प्रमुख सड़कों को दुरुस्त करने की कार्ययोजना बनाई है, जल्द ही काम शुरू होगा। अनूप गुप्ता, पालिकाध्यक्ष, औरैया

फोटो -17- खाली पडे़ प्लाट में गंदगी। संवाद

फोटो -17- खाली पडे़ प्लाट में गंदगी। संवाद

फोटो -17- खाली पडे़ प्लाट में गंदगी। संवाद