{"_id":"5ce5974dbdec22072d1b97c3","slug":"travelers-wait-buses-leave-out","type":"story","status":"publish","title_hn":"यात्री प्रतीक्षा करते रहते हैं, बाहर से निकल जाती हैं बसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यात्री प्रतीक्षा करते रहते हैं, बाहर से निकल जाती हैं बसें
Thu, 23 May 2019 12:09 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
auraiya
auraiya
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 23 May 2019 12:09 AM IST
विज्ञापन
डिपो के बाहर दोनों ओर खड़ी बसें, जिससे लगता है जाम।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर से इटावा जाने वाली रोडवेज बसें डिपो के अंदर आने के बजाए बाहर से ही चली जाती हैं। यही दिल्ली जाने वाली बसों का भी है, जो हाईवे पर ही सवारियों को उतारकर आगे बढ़ जाती हैं। इससे औरैया डिपो पर बसों का इंतजार कर रहे यात्रियों को खासी परेशानी हो रही है। औैरैया से सफर करने वाले यात्रियों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए पूरा किराया तो देना ही पड़ता है। साथ ही सफर करने से पहले धूप में घंटों रोडवेज बसों का इंतजार और हाईवे से शहर से तक पैदल सफर करने को भी मजबूर होना पड़ रहा है। ‘अमर उजाला’ टीम ने औरैया डिपो का जायजा लिया तो कमोबेश इसी तरह की तस्वीर सामने आई।
औरैया डिपो का हाल यह है कि कानपुर से इटावा की ओर जाने वाली बसें अंदर नहीं आती हैं। औरैया डिपो की बसें भी हाईवे पर सवारियों को उतारते हुए दिल्ली रवाना होती है। यात्रियों की मानें तो यह कई महीने से चल रहा है। इससे रात के समय यात्रियों को ज्यादा दिक्कत होती हैं। अजीतमल, बाबरपुर, भीखेपुर, मुरादगंज के यात्रियों ने कई बार अपनी शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन बसें अंदर आना प्रारंभ नहीं हो सकीं। जबकि औरैया डिपो के पास पर्याप्त जगह है। बसों के हिसाब से चालक व परिचालकों की भी कमी नहीं हैं। फिर भी दिन के समय सड़कों पर बसें खड़ी रहने से जाम की स्थिति बनी रहती है। डिपो के बाहर दिन में एक एक से दो घंटे में जाम की स्थिति देखने को मिलती है।
कानपुर से इटावा की ओर जाने वाली गाड़ियों के अंदर आने के लिए पिकेट प्वाइंट की जरूरत है। यात्रियों ने कई बार इसकी मांग की, लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हो सकी। यात्रियों ने इंडियन आयल, खानपुर चौराहा और मंडी समिति के बीच पिकेट प्वाइंट की मांग की थी, जिससे कि कानपुर की ओर से आने वाली गाड़ियों को अंदर भेजा जाए और उनके चालक डिपो से मोहर लगाकर आगे बढ़े। लेकिन आज तक अधिकारियों ने इस दिशा में कोई काम नहीं किया।
विज्ञापन
औरैया से आगरा और इटावा जाने वाले यात्रियों को सुबह 11 बजे से तीन घंटे तक बसों का इंतजार करना पड़ा। कड़ी धूप मेें यात्री कभी डिपो तो कभी डिपो के बाहर सामान लेकर इधर से उधर आते-जाते दिखाई दिए। यात्री कैलाश बाबू, सरला गुप्ता ने बताया कि उन्हें 11:30 बजे इटावा जाने के लिए एक बस जाने की जानकारी दी गई थी, लेकिन 12 बज चुके हैं कोई बस डिपो से बाहर नहीं निकली।
डिपो के बाहर पुखरायां जाने के लिए यात्रियों की भीड़ देखने को मिली। पुखरायां जाने वाले यात्रियों को डिपो के कर्मचारियों ने बस आने की बात कही। काफी इंतजार के बाद जब बस नहीं आई तो यात्रियों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेने को मजबूर होना पड़ा।
विज्ञापन
औरैया डिपो का हाल यह है कि कानपुर से इटावा की ओर जाने वाली बसें अंदर नहीं आती हैं। औरैया डिपो की बसें भी हाईवे पर सवारियों को उतारते हुए दिल्ली रवाना होती है। यात्रियों की मानें तो यह कई महीने से चल रहा है। इससे रात के समय यात्रियों को ज्यादा दिक्कत होती हैं। अजीतमल, बाबरपुर, भीखेपुर, मुरादगंज के यात्रियों ने कई बार अपनी शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन बसें अंदर आना प्रारंभ नहीं हो सकीं। जबकि औरैया डिपो के पास पर्याप्त जगह है। बसों के हिसाब से चालक व परिचालकों की भी कमी नहीं हैं। फिर भी दिन के समय सड़कों पर बसें खड़ी रहने से जाम की स्थिति बनी रहती है। डिपो के बाहर दिन में एक एक से दो घंटे में जाम की स्थिति देखने को मिलती है।
विज्ञापन
कानपुर से इटावा की ओर जाने वाली गाड़ियों के अंदर आने के लिए पिकेट प्वाइंट की जरूरत है। यात्रियों ने कई बार इसकी मांग की, लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हो सकी। यात्रियों ने इंडियन आयल, खानपुर चौराहा और मंडी समिति के बीच पिकेट प्वाइंट की मांग की थी, जिससे कि कानपुर की ओर से आने वाली गाड़ियों को अंदर भेजा जाए और उनके चालक डिपो से मोहर लगाकर आगे बढ़े। लेकिन आज तक अधिकारियों ने इस दिशा में कोई काम नहीं किया।
विज्ञापन
औरैया से आगरा और इटावा जाने वाले यात्रियों को सुबह 11 बजे से तीन घंटे तक बसों का इंतजार करना पड़ा। कड़ी धूप मेें यात्री कभी डिपो तो कभी डिपो के बाहर सामान लेकर इधर से उधर आते-जाते दिखाई दिए। यात्री कैलाश बाबू, सरला गुप्ता ने बताया कि उन्हें 11:30 बजे इटावा जाने के लिए एक बस जाने की जानकारी दी गई थी, लेकिन 12 बज चुके हैं कोई बस डिपो से बाहर नहीं निकली।
डिपो के बाहर पुखरायां जाने के लिए यात्रियों की भीड़ देखने को मिली। पुखरायां जाने वाले यात्रियों को डिपो के कर्मचारियों ने बस आने की बात कही। काफी इंतजार के बाद जब बस नहीं आई तो यात्रियों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेने को मजबूर होना पड़ा।