{"_id":"5d79488b8ebc3e93de124090","slug":"transfarmer-auraiya-news-knp5130069197","type":"story","status":"publish","title_hn":"खतरा बन सकते हैं खुले में रखे ट्रांसफार्मर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खतरा बन सकते हैं खुले में रखे ट्रांसफार्मर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया। जिले भर में दर्जन भर से अधिक स्थानों ट्रांसफार्मर खुले में रखे हैं। कई में तो सुरक्षा के लिहाज से जाली या ग्रिल तक नहीं लगी है। ऐसे में हर वक्त किसी न किसी हादसे की आशंका बनी रहती है। इलाकाई लोगों की मानें तो इस बारे में विद्युत महकमे के बड़े अफसरों को कई मर्तबा अवगत कराया जा चुका है, लेकिन आज तक आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला है।
तिलक नगर व गांधीनगर में ट्रांसफार्मर खुले में रखा है। दिबियापुर रोड पर ट्रांसफार्मर फुटपाथ पर रखा है। इसी तरह जिले भर में दर्जन भर से ज्यादा इलाकों में ट्रांसफार्मर खुले में रखे हैं। कई जगह तो ट्रांसफार्मर के चारों ओर सुरक्षा के लिहाज से जाली तक नहीं लगाई गई है। कई जगह ट्रांसफार्मर के तार व उसकी खूंटी सड़क की ओर निकली हुई है। दिबियापुर रोड पर भारतीय विद्यालय व तिलक नगर में हाजी पेट्रोल पंप वाली गली में ट्रांसफार्मर सड़क की पटरी पर रखा है। कमोवेश यही स्थिति अजीतमल, दिबियापुर, बिधूना, अछल्दा, सहार, अटसू, फफूंद कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी है। इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
ट्रांसफार्मर लगाने के लिए विभाग से मानक बनाए गए हैं। इसके तहत खुले स्थान पर लगे ट्रांसफार्मर को जाली से घेरकर सुरक्षा के प्रबंध किए जाते हैं। साथ ही ऐसे स्थान पर ट्रांसफार्मर लगाने की मनाही है, जहां पानी भरने का खतरा हो। वहीं ट्रांसफार्मर सड़क के किनारे लगाने के लिए उसे ऊंचाई पर चबूतरा बनाकर स्थापित करने का नियम है। इन नियमों की पूरी तरह अनदेखी हो रही है। मालूम हो कि दक्षिणांचल विद्युत वितरण खंड के पूर्व एमडी एसके वर्मा ने अपने कार्यकाल के दौरान निरीक्षण कर विद्युत विभाग के अधिकारियों को खुले में रखे ट्रांसफार्मरों में जाली लगवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन बाद में कुछ नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
तिलक नगर व गांधीनगर में ट्रांसफार्मर खुले में रखा है। दिबियापुर रोड पर ट्रांसफार्मर फुटपाथ पर रखा है। इसी तरह जिले भर में दर्जन भर से ज्यादा इलाकों में ट्रांसफार्मर खुले में रखे हैं। कई जगह तो ट्रांसफार्मर के चारों ओर सुरक्षा के लिहाज से जाली तक नहीं लगाई गई है। कई जगह ट्रांसफार्मर के तार व उसकी खूंटी सड़क की ओर निकली हुई है। दिबियापुर रोड पर भारतीय विद्यालय व तिलक नगर में हाजी पेट्रोल पंप वाली गली में ट्रांसफार्मर सड़क की पटरी पर रखा है। कमोवेश यही स्थिति अजीतमल, दिबियापुर, बिधूना, अछल्दा, सहार, अटसू, फफूंद कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी है। इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
विज्ञापन
ट्रांसफार्मर लगाने के लिए विभाग से मानक बनाए गए हैं। इसके तहत खुले स्थान पर लगे ट्रांसफार्मर को जाली से घेरकर सुरक्षा के प्रबंध किए जाते हैं। साथ ही ऐसे स्थान पर ट्रांसफार्मर लगाने की मनाही है, जहां पानी भरने का खतरा हो। वहीं ट्रांसफार्मर सड़क के किनारे लगाने के लिए उसे ऊंचाई पर चबूतरा बनाकर स्थापित करने का नियम है। इन नियमों की पूरी तरह अनदेखी हो रही है। मालूम हो कि दक्षिणांचल विद्युत वितरण खंड के पूर्व एमडी एसके वर्मा ने अपने कार्यकाल के दौरान निरीक्षण कर विद्युत विभाग के अधिकारियों को खुले में रखे ट्रांसफार्मरों में जाली लगवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन बाद में कुछ नहीं हुआ।
विज्ञापन