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गिरोह बंदी करने में पांच साल कैद
औरैया
Updated Mon, 23 Jan 2017 10:32 PM IST
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court shimla
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विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट राम अवतार यादव ने थाना सहायल क्षेत्र के ग्राम भगत पुर्वा निवासी अनिरुद्ध उर्फ छुटई पुत्र करन सिंह यादव को गिरोह बंदी एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप का दोषी मानते हुए पांच साल कारावास और छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार थानाध्यक्ष सहालय शिव कुमार ने अनिरूद्ध सिंह उर्फ छुटई को संगठित गिरोह का सदस्य बताते हुए उस पर अपहरण, हत्या जैसे कई मुकदमे दर्ज किए। आरोप पत्र के वाद यह मुकदमा एडीजे गैंगस्टर कोर्ट रामअवतार के समक्ष चला। अभियोजन की ओर से एडीजीसी प्रमोद यादव व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद एडीजे ने अनिरूद्ध उर्फ छुटई को दोषी माना। उसे पांच साल के कठोर कारावास व छह हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। सत्र लिपिक विजय कुमार गुप्ता व रीडर बड़े लाल शर्मा के अनुसार अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को पांच माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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अभियोजन के अनुसार थानाध्यक्ष सहालय शिव कुमार ने अनिरूद्ध सिंह उर्फ छुटई को संगठित गिरोह का सदस्य बताते हुए उस पर अपहरण, हत्या जैसे कई मुकदमे दर्ज किए। आरोप पत्र के वाद यह मुकदमा एडीजे गैंगस्टर कोर्ट रामअवतार के समक्ष चला। अभियोजन की ओर से एडीजीसी प्रमोद यादव व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद एडीजे ने अनिरूद्ध उर्फ छुटई को दोषी माना। उसे पांच साल के कठोर कारावास व छह हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। सत्र लिपिक विजय कुमार गुप्ता व रीडर बड़े लाल शर्मा के अनुसार अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को पांच माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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