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Auraiya News: धोखाधड़ी के तीन दोषियों को तीन साल की सजा
Sun, 04 Jan 2026 12:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sun, 04 Jan 2026 12:09 AM IST
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औरैया। सिविल जज जूनियर डिवीजन एफटीसी विजय प्रकाश ने नौकरी का झांसा देकर रुपये हड़पने के मामले में शनिवार को फैसला सुनाया।
तीन आरोपियों महावीर सिंह, रुकमणि देवी, अरविंद्र कुमार को दोषी मानते हुए कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही 1.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
इटावा थाना बकेवर के गांव भरेईपुर निवासी शैलेंद्र कुमार ने चार जुलाई 2017 को दिबियापुर थाना क्षेत्र के गांव हरी का पुरवा निवासी महावीर सिंह, रुकमणि देवी, अरविंद्र कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया कि 23 अप्रैल 2017 को आरोपियों ने नौकरी का झांसा देकर 2.25 लाख रुपये ले लिए थे। नौकरी न लगने के बाद रुपये की मांग की तो आरोपी टरकाने और धमकी देने लगे।
पुलिस ने मामले में जांच करने के बाद 18 अक्तूबर 2018 को तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया। शनिवार को मामले की सुनवाई की गई। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद सिविल जज जूनियर डिवीजन एफटीसी विजय प्रकाश तीनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। तीनों को तीन-तीन साल का कारावास सुनाया। इसके के साथ 1.80 लाख रुपये अर्थदंड लगाया।
कोर्ट ने जमा कराई गई धनराशि में 1.70 लाख रुपये वादी को दिए जाने के आदेश दिया। जुर्माना जमा न करने पर एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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तीन आरोपियों महावीर सिंह, रुकमणि देवी, अरविंद्र कुमार को दोषी मानते हुए कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही 1.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
इटावा थाना बकेवर के गांव भरेईपुर निवासी शैलेंद्र कुमार ने चार जुलाई 2017 को दिबियापुर थाना क्षेत्र के गांव हरी का पुरवा निवासी महावीर सिंह, रुकमणि देवी, अरविंद्र कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया कि 23 अप्रैल 2017 को आरोपियों ने नौकरी का झांसा देकर 2.25 लाख रुपये ले लिए थे। नौकरी न लगने के बाद रुपये की मांग की तो आरोपी टरकाने और धमकी देने लगे।
पुलिस ने मामले में जांच करने के बाद 18 अक्तूबर 2018 को तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया। शनिवार को मामले की सुनवाई की गई। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद सिविल जज जूनियर डिवीजन एफटीसी विजय प्रकाश तीनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। तीनों को तीन-तीन साल का कारावास सुनाया। इसके के साथ 1.80 लाख रुपये अर्थदंड लगाया।
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कोर्ट ने जमा कराई गई धनराशि में 1.70 लाख रुपये वादी को दिए जाने के आदेश दिया। जुर्माना जमा न करने पर एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।