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Auraiya News: सड़क बनाई नहीं, बस अड्डा बनाकर उद्घाटन भी करा दिया, नहीं चल रहीं बसें
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औरैया। दिबियापुर में सात करोड़ रुपये की लागत से बस अड्डा बना दिया गया। एक साल पहले इसका सीएम योगी से उद्घाटन भी करा दिया गया। इसके बावजूद यहां से बसें नहीं चल रही हैं। वजह यह है कि बस अड्डे तक सड़क नहीं बनी है। कब तक बनेगी इसका पता नहीं है। जिस जगह पर सड़क बननी है वह वन विभाग की है। बिना सड़क के बस अड्डा बनाए जाने पर सवाल उठने लगे हैं।
विकास कार्यों के लिए पहले रोडमैप बनाया जाता है। फिर कागज पर खाका खींचा जाता है। ऐसा लगता है कि दिबियापुर बस अड्डा बनाने के लिए तत्कालीन अधिकारियों ने कोई तैयारी नहीं की थी। यही वजह है कि बस अड्डे को जाने वाली संपर्क सड़क का निर्माण नहीं हो पा रहा है। कायदे से उद्घाटन के बाद से बसों का संचालन शुरू हो जाना चाहिए, लेकिन बिना सड़क के बसें किधर से आएं-जाएं? इसलिए बस अड्डे पर एक साल से सन्नाटा पसरा है।
बताया जाता है कि बस स्टैंड तक सड़क बनाने के लिए प्रशासन के पास सिर्फ तीन मीटर चौड़ी जमीन है। इसके बाद वन विभाग की जमीन है। सड़क के लिए कम से कम साढ़े पांच मीटर जगह की आवश्यकता है। जाहिर है कि शेष जगह के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग को वन विभाग की तरफ देखना पड़ रहा है। पीडब्ल्यूडी की ओर से जिला प्रशासन के माध्यम से वन जरूरत के मुताबिक जमीन देने के लिए पत्राचार किया गया है। जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया इतनी जटिल है कि कहा नहीं जा सकता कि कब तक हो पाएगा। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय स्तर से वन विभाग की एनओसी मिलती है। इससे पहले वन विभाग से जितनी जमीन ली जानी है, उतनी वन विभाग को हस्तांतरित करनी होती है।
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बता दें कि वर्ष 2021 से दिबियापुर में 689.25 लाख रुपये से उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने बस अड्डे का निर्माण शुरू कराया था, जो 2023 में बनकर तैयार हो गया। 28 अक्तूबर 2023 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका वर्चुअल उद्घाटन किया था। इसके बाद से यहां से बसें नहीं चल रही हैं।
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विकास कार्यों के लिए पहले रोडमैप बनाया जाता है। फिर कागज पर खाका खींचा जाता है। ऐसा लगता है कि दिबियापुर बस अड्डा बनाने के लिए तत्कालीन अधिकारियों ने कोई तैयारी नहीं की थी। यही वजह है कि बस अड्डे को जाने वाली संपर्क सड़क का निर्माण नहीं हो पा रहा है। कायदे से उद्घाटन के बाद से बसों का संचालन शुरू हो जाना चाहिए, लेकिन बिना सड़क के बसें किधर से आएं-जाएं? इसलिए बस अड्डे पर एक साल से सन्नाटा पसरा है।
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बताया जाता है कि बस स्टैंड तक सड़क बनाने के लिए प्रशासन के पास सिर्फ तीन मीटर चौड़ी जमीन है। इसके बाद वन विभाग की जमीन है। सड़क के लिए कम से कम साढ़े पांच मीटर जगह की आवश्यकता है। जाहिर है कि शेष जगह के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग को वन विभाग की तरफ देखना पड़ रहा है। पीडब्ल्यूडी की ओर से जिला प्रशासन के माध्यम से वन जरूरत के मुताबिक जमीन देने के लिए पत्राचार किया गया है। जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया इतनी जटिल है कि कहा नहीं जा सकता कि कब तक हो पाएगा। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय स्तर से वन विभाग की एनओसी मिलती है। इससे पहले वन विभाग से जितनी जमीन ली जानी है, उतनी वन विभाग को हस्तांतरित करनी होती है।
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बता दें कि वर्ष 2021 से दिबियापुर में 689.25 लाख रुपये से उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने बस अड्डे का निर्माण शुरू कराया था, जो 2023 में बनकर तैयार हो गया। 28 अक्तूबर 2023 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका वर्चुअल उद्घाटन किया था। इसके बाद से यहां से बसें नहीं चल रही हैं।