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Auraiya News: आधे-अधूरे सिस्टम के सहारे दमकल विभाग
Mon, 23 Jun 2025 11:34 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 23 Jun 2025 11:34 PM IST
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फायर स्टेशन में खड़े वाहन।
- फोटो : फायर स्टेशन में खड़े वाहन।
औरैया। जिले में दमकल विभाग के पास न चालक हैं न कर्मचारी। विभाग आधे-अधूरे सिस्टम के सहारे चल रहा है। हालत यह है कि विभाग में फायर इंस्पेक्टर व सब इंस्पेक्टर के छह पद स्वीकृत हैं, लेकिन तैनाती एक भी नहीं है।
विभाग में 13 वाहनों को चलाने के लिए मात्र तीन चालक हैं। वर्ष 1997 में अस्तित्व में आया औरैया जनपद सितंबर में 28 साल का सफर पूरा कर लेगा। इतने अंतराल के बावजूद यहां अभी तक संसाधनों के नाम पर कई विभाग आधे-अधूरे सिस्टम में काम कर रहे हैं।
जिले में आग व बाढ़ जैसी आपदाओं पर नियंत्रण के लिए दमकल विभाग भी एक अहम महकमा है। फिर भी यहां हालात अच्छे नहीं हैं। जिले की तीन तहसीलों के लिए विभाग में छोटे-बड़े 13 वाहन उपलब्ध हैं। इनमें सात बड़ी गाड़ियां, चार पहिया वाहन चार और दो बुलेट बाइकें शामिल हैं।
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हैरत की बात यह है कि इन वाहनों के चालकों के नाम पर मात्र तीन चालक ही हैं। जबकि चालकों के आठ पद यहां सृजित हैं। आग की घटनाओं के दौरान विभागीय सिपाही व क्लर्कों को वाहन लेकर घटनास्थल तक पहुंचना पड़ता है।
यहां तीन पद फायर इंस्पेक्टर और तीन पद फायर सब इंस्पेक्टर के सृजित हैं, लेकिन इनके सभी छह पद रिक्त पड़े हैं। फायरमैन के आठ पद हैं, लेकिन मौजूदा समय में केवल तीन पदों पर ही तैनाती है।
सीएफओ पर भी दो जिलों का चार्ज
जिले में दमकल विभाग आधी-अधूरी व्यवस्था में काम कर रहा है। इसके बावजूद मुख्य अग्निशमन अधिकारी को दो जिलों का चार्ज दिया गया है। मौजूदा सीएफओ तेजवीर सिंह के पास औरैया के साथ-साथ जालौन जिले का भी प्रभार है। इससे वह आधा समय औरैया व आधा समय जालौन में सेवाएं दे रहे हैं।
शासन से हुई हैं कुछ नई नियुक्तियां
सीएफओ तेजवीर सिंह ने बताया कि काम चल रहा है। शासन से सब इंसपेक्टर, फायरमैन व चालकों की कुछ नई नियुक्तियां हुई हैं। इन लोगों के जल्द ज्वाइन करने की उम्मीद है।
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विभाग में 13 वाहनों को चलाने के लिए मात्र तीन चालक हैं। वर्ष 1997 में अस्तित्व में आया औरैया जनपद सितंबर में 28 साल का सफर पूरा कर लेगा। इतने अंतराल के बावजूद यहां अभी तक संसाधनों के नाम पर कई विभाग आधे-अधूरे सिस्टम में काम कर रहे हैं।
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जिले में आग व बाढ़ जैसी आपदाओं पर नियंत्रण के लिए दमकल विभाग भी एक अहम महकमा है। फिर भी यहां हालात अच्छे नहीं हैं। जिले की तीन तहसीलों के लिए विभाग में छोटे-बड़े 13 वाहन उपलब्ध हैं। इनमें सात बड़ी गाड़ियां, चार पहिया वाहन चार और दो बुलेट बाइकें शामिल हैं।
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हैरत की बात यह है कि इन वाहनों के चालकों के नाम पर मात्र तीन चालक ही हैं। जबकि चालकों के आठ पद यहां सृजित हैं। आग की घटनाओं के दौरान विभागीय सिपाही व क्लर्कों को वाहन लेकर घटनास्थल तक पहुंचना पड़ता है।
यहां तीन पद फायर इंस्पेक्टर और तीन पद फायर सब इंस्पेक्टर के सृजित हैं, लेकिन इनके सभी छह पद रिक्त पड़े हैं। फायरमैन के आठ पद हैं, लेकिन मौजूदा समय में केवल तीन पदों पर ही तैनाती है।
सीएफओ पर भी दो जिलों का चार्ज
जिले में दमकल विभाग आधी-अधूरी व्यवस्था में काम कर रहा है। इसके बावजूद मुख्य अग्निशमन अधिकारी को दो जिलों का चार्ज दिया गया है। मौजूदा सीएफओ तेजवीर सिंह के पास औरैया के साथ-साथ जालौन जिले का भी प्रभार है। इससे वह आधा समय औरैया व आधा समय जालौन में सेवाएं दे रहे हैं।
शासन से हुई हैं कुछ नई नियुक्तियां
सीएफओ तेजवीर सिंह ने बताया कि काम चल रहा है। शासन से सब इंसपेक्टर, फायरमैन व चालकों की कुछ नई नियुक्तियां हुई हैं। इन लोगों के जल्द ज्वाइन करने की उम्मीद है।