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Auraiya News: मायके से टूट चुका नाता, पहचान साबित करने को परेशान महिलाएं

Sat, 07 Feb 2026 12:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Sat, 07 Feb 2026 12:17 AM IST
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The connection with the maternal home has been broken, women are struggling to prove their identity.
फोटो-24-प्राथमिक विद्यालय अमलिया में मतदाताओं की सुनवाई करते अधिकारी। संवाद
औरैया। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग न होने पर नोटिस भेजकर सुनवाई चल रही है।
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इस सुनवाई के बीच कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनके सामने पहचान साबित करने का बड़ा संकट है। इनमें ऐसी महिलाओं की संख्या सबसे अधिक है, जिनके मायके में कोई बचा नहीं है तो वहीं किसी का संपर्क ही खत्म हो चुका है। ऐसे में अब उनके सामने कोई विकल्प नहीं है।
शुक्रवार को एसआईआर सुनवाई के दौरान महिलाओं के एक नहीं बल्कि कई मामले सामने आए। अजीतमल के गांव अमलिया निवासी अभिलाख सिंह की पत्नी पूजा नोटिस का जवाब देने पहुंचीं। उन्होंने बताया कि वह छत्तीसगढ़ की निवासी हैं और 15 साल पहले उनकी शादी यहां हुई थी। उनके चार बच्चे हैं, बीते चुनावों में उन्होंने वोट भी डाला, लेकिन अब उन्हें नोटिस मिला है।
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उन्होंने बताया कि मायके के लोगों से उनका कोई संपर्क नहीं है। पढ़ी-लिखी न होने के कारण उनके पास कोई शैक्षिक दस्तावेज भी नहीं है। यही कारण है कि उनकी मैपिंग नहीं हो पा रही है।
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ब्लॉक बिधूना में नोटिस का जवाब देने पहुंचीं सैंथरा निवासी नीलम ने बताया कि उनके मायके की परिवार रजिस्टर की नकल नहीं मिल रही है। ऐसे में कई दिनों से वह परेशान हैं। इसी तरह एरवाकटरा के गांव बढि़न निवासी लालपरी के कोलकाता निवासी पिता के कागजात नहीं मिल रहे हैं।
यह मामले केवल एसआईआर के चलते महिलाओं के लिए खड़ी हुई समस्याओं की बानगी मात्र हैं। हाल यह है कि सुनवाई के दौरान पहुंचने वाली कई महिलाएं अपनी पहचान साबित करने के लिए परेशान नजर आ रही हैं।

दावे और आपत्ति का समय बढ़ा तो राहत
एसआईआर के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए छह फरवरी अंतिम तारीख थी। इसके चलते कई लोग परेशान थे। सबसे अधिक परेशान वह लोग थे, जिनके घर के युवा बाहर रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं। वह न तो वोट बनवाने के लिए आ पाए और न ही ऐसे युवाओं को जारी किए नोटिसों का अब तक जवाब दाखिल हो सका। अब एक माह का समय बढ़ने से इन लोगों ने राहत की सांस ली है।


कई जगह शिविर लगाकर सुनवाई
मतदाताओं को मिले नोटिस का जवाब देने के लिए अब बूथ स्तर पर ही शिविरों का आयोजन शुरू हो गया है। शुक्रवार को अलग-अलग क्षेत्रों में सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा आसपास बूथों के मतदाताओं की सुनवाई की गई। इसमें नगर पंचायत बाबरपुर स्थिति वार्ड गांधीनगर में अधिकारी गौरव कुमार ने प्राथमिक विद्यालय अमलिया में पांच मतदाताओं की मैपिंग कराई। उन्होंने बताया कि मतदाताओं को समय दिया जा रहा है, ताकि वह अपने जरूरी अभिलेख जुटाकर प्रस्तुत कर सकें।

फोटो-24-प्राथमिक विद्यालय अमलिया में मतदाताओं की सुनवाई करते अधिकारी। संवाद

फोटो-24-प्राथमिक विद्यालय अमलिया में मतदाताओं की सुनवाई करते अधिकारी। संवाद

फोटो-24-प्राथमिक विद्यालय अमलिया में मतदाताओं की सुनवाई करते अधिकारी। संवाद

फोटो-24-प्राथमिक विद्यालय अमलिया में मतदाताओं की सुनवाई करते अधिकारी। संवाद

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