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Auraiya News: गांव नवादा की हालत बदहाल, प्रधान बोले पैसा ही नहीं आता
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फफूंद। भाग्यनगर ब्लाक की पंचायत ममरेजपुर खाम के गांव नवादा की हालत बहुत बदहाल है। गांव की 20 साल पुरानी खड़ंजे से बनी गलियां खराब होकर दलदल बन चुकी हैं। खंभों पर स्ट्रीट लाइट और बल्ब नहीं हैं। जिससे रात में अंधेरा छाया रहता है। ग्रामीणों की मांग पर प्रधान और सचिव के ध्यान न देने से गलियों में जलभराव और गंदगी भी फैली हुई है। सरकारी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र के पास भी जलभराव है। जिससे बच्चों के बीमार होने का खतरा बढ़ गया है। गांव की बदहाल हालत पर ग्रामीणों में नाराजगी है।
भाग्यनगर ब्लॉक की ग्राम पंचायत ममरेजपुर खाम के गांव नवादा के निवासी नरकीय जीवन जीने को मजबूर है। गांव में विकास के नाम पर कोई काम नहीं दिखता है। 20 साल पुरानी खड़ंजे की बनी गलियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर गंदगी और जलभराव से दलदल बन चुकी हैं। लोग बड़ी मुश्किल से आवागमन करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सफाई कर्मी हफ्तों नहीं आता है। जिससे अधिकतर गलियों में गंदगी व जल भराव से मच्छरों की तादाद बढ़ गई है। गांव स्वच्छ भारत मिशन की तस्वीर को धूमिल करता दिखाई दे रहा है। गांव के सरकारी विद्यालय और आंगनवाड़ी केंद्र के बच्चों के लिए बने शौचालयों के सामने भी जल भराव और गंदगी है। जिससे बच्चे संचारी रोगों की चपेट में आ सकते हैं। शौचालयों के बाहर टैब में टोटियां लापता है। यहां पाइप से बाहर निकलने वाले पानी को रोकने के लिए लकड़ी डाली जा रही है। गांव में पसरी गंदगी बहुत को बेहाली का मंजर बयां कर रहा है। अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना होगा।
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बोले ग्रामीण
‘गांव की हालत बहुत खराब है। रिश्तेदार भी आने में कतराते हैं। सचिव व प्रधान गंदगी की समस्या जानने के बाद भी सुध नहीं ले रहे हैं। स्ट्रीट लाइटें और बल्व खराब पड़े हैं। कोई सुनवाई नहीं हो रही है।’-सुधीर उर्फ शीलू, नवादा
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रोहित। संवाद
‘गांव की गलियों में जगह-जगह जलभराव है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है। गंदगी को लेकर यदि ध्यान नहीं दिया गया तो संक्रमण फैलने की आशंका है।’-रोहित, नवादा
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बोले ग्राम प्रधान
ग्राम प्रधान प्रमोद कुमार ने बताया की पंचायत में पैसा ही नहीं आता है। थोड़ा बहुत जो आता है, वह केयर टेकर, पंचायत सहायक और मानदेय में ही चला जाता है। फिर भी जो धन बचता है, उससे कार्य कराए जाते हैं। गांव में रोस्टर के तहत सफाई कराई गई है।
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भाग्यनगर ब्लॉक की ग्राम पंचायत ममरेजपुर खाम के गांव नवादा के निवासी नरकीय जीवन जीने को मजबूर है। गांव में विकास के नाम पर कोई काम नहीं दिखता है। 20 साल पुरानी खड़ंजे की बनी गलियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर गंदगी और जलभराव से दलदल बन चुकी हैं। लोग बड़ी मुश्किल से आवागमन करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सफाई कर्मी हफ्तों नहीं आता है। जिससे अधिकतर गलियों में गंदगी व जल भराव से मच्छरों की तादाद बढ़ गई है। गांव स्वच्छ भारत मिशन की तस्वीर को धूमिल करता दिखाई दे रहा है। गांव के सरकारी विद्यालय और आंगनवाड़ी केंद्र के बच्चों के लिए बने शौचालयों के सामने भी जल भराव और गंदगी है। जिससे बच्चे संचारी रोगों की चपेट में आ सकते हैं। शौचालयों के बाहर टैब में टोटियां लापता है। यहां पाइप से बाहर निकलने वाले पानी को रोकने के लिए लकड़ी डाली जा रही है। गांव में पसरी गंदगी बहुत को बेहाली का मंजर बयां कर रहा है। अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना होगा।
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बोले ग्रामीण
‘गांव की हालत बहुत खराब है। रिश्तेदार भी आने में कतराते हैं। सचिव व प्रधान गंदगी की समस्या जानने के बाद भी सुध नहीं ले रहे हैं। स्ट्रीट लाइटें और बल्व खराब पड़े हैं। कोई सुनवाई नहीं हो रही है।’-सुधीर उर्फ शीलू, नवादा
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रोहित। संवाद
‘गांव की गलियों में जगह-जगह जलभराव है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है। गंदगी को लेकर यदि ध्यान नहीं दिया गया तो संक्रमण फैलने की आशंका है।’-रोहित, नवादा
बोले ग्राम प्रधान
ग्राम प्रधान प्रमोद कुमार ने बताया की पंचायत में पैसा ही नहीं आता है। थोड़ा बहुत जो आता है, वह केयर टेकर, पंचायत सहायक और मानदेय में ही चला जाता है। फिर भी जो धन बचता है, उससे कार्य कराए जाते हैं। गांव में रोस्टर के तहत सफाई कराई गई है।