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शिकारियों की गोली से घायल सांभर घर में घुसा
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Tue, 01 Nov 2016 11:22 PM IST
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घायल सांभर को सुरक्षित स्थान पर रखवाली करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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एक तरफ इटावा सफारी पार्क में हिरन सफारी खोली जा रही है तो दूसरी तरफ चंबल के बीहड़ों में वन्य जीवों का शिकार हो रहा है। मंगलवार को इसका प्रमाण भी मिला। शिकारियों की गोली से घायल हुआ सांभर भाग कर गांव में पहुंचा। ग्रामीणोें ने उसे पकड़ कर इलाज कराया। सांभर को वन विभाग की टीम साथ ले गई है।
क्षेत्र के गांव सौहरी गड़िया गांव में मंगलवार सुबह लहूलुहान स्थिति में पहुंचे सांभर (हिरन) को कुत्ते दौड़ा रहे थे। यह देख ग्रामीणों ने कुत्तों को भगाया और काफी मशक्कत के बाद सांभर को पकड़ लिया। उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर वन विभाग की टीम को सूचना दी। करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने चिकित्सकों को बुलाई। इसके बाद सांभर के जांच में लगी गोली निकाली गई।
गोली निकालने के बाद उसकी ड्रेसिंग कर दी गई है। चिकित्सकों ने बताया कि अब सांभर खतरे से बाहर है। वन रेंजर प्रवीण गुप्ता ने बताया कि इसे वन विभाग कार्यालय ले जाया जा रहा है। जहां कुछ दिन देखरेख की जाएगी। सांभर के स्वस्थ होने पर उसे जंगल में छो़ड़ दिया जाएगा। उनका कहना है कि शिकारियोें को पाबंद करने के लिए पुलिस की मदद ली जाएगी।
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चंबल के बिहड़ी इलाके में रह रहे वन्य जीवों का धड़ल्ले से शिकार हो रहा है। सब जानते हुए भी वन विभाग और पुलिस चुप्पी साधे हुए हैं। इस वजह से इस इलाके में पाने वाले वन्य जीव विलुप्त होते जा रहे हैं।
चंबल के बिहड़ में सांभर के अलावा चीतल, व अन्य जानवर भी पाए जाते हैं। लेकिन उनका संरक्षण नहीं होने की वजह से दिनोंदिन खत्म होते जा रहे हैं। शिकारी उन्हें निशाना बनाते हैं।
इसका प्रत्यक्ष प्रमाण मंगलवार को मिला। सांभर के जांच में लगी गोली से स्पष्ट है कि उसे शिकारियों ने गोली मारी थी। मगर फुर्तीला होने के कारण यह वहां से भाग आया। इस इलाके में आठ से दस सांभर मौजूद हैं। पहले इनकी संख्या हजारों में थी। सोसायटी फार नेचर आफ कनजर्वेशन के राजीव चौहान का कहना है कि सरकार इनके संरक्षण के प्रति चिंतित नही है। जिसके कारण यह जीव भी भारत में विलुप्त हो जाएगा।
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क्षेत्र के गांव सौहरी गड़िया गांव में मंगलवार सुबह लहूलुहान स्थिति में पहुंचे सांभर (हिरन) को कुत्ते दौड़ा रहे थे। यह देख ग्रामीणों ने कुत्तों को भगाया और काफी मशक्कत के बाद सांभर को पकड़ लिया। उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर वन विभाग की टीम को सूचना दी। करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने चिकित्सकों को बुलाई। इसके बाद सांभर के जांच में लगी गोली निकाली गई।
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गोली निकालने के बाद उसकी ड्रेसिंग कर दी गई है। चिकित्सकों ने बताया कि अब सांभर खतरे से बाहर है। वन रेंजर प्रवीण गुप्ता ने बताया कि इसे वन विभाग कार्यालय ले जाया जा रहा है। जहां कुछ दिन देखरेख की जाएगी। सांभर के स्वस्थ होने पर उसे जंगल में छो़ड़ दिया जाएगा। उनका कहना है कि शिकारियोें को पाबंद करने के लिए पुलिस की मदद ली जाएगी।
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चंबल के बिहड़ी इलाके में रह रहे वन्य जीवों का धड़ल्ले से शिकार हो रहा है। सब जानते हुए भी वन विभाग और पुलिस चुप्पी साधे हुए हैं। इस वजह से इस इलाके में पाने वाले वन्य जीव विलुप्त होते जा रहे हैं।
चंबल के बिहड़ में सांभर के अलावा चीतल, व अन्य जानवर भी पाए जाते हैं। लेकिन उनका संरक्षण नहीं होने की वजह से दिनोंदिन खत्म होते जा रहे हैं। शिकारी उन्हें निशाना बनाते हैं।
इसका प्रत्यक्ष प्रमाण मंगलवार को मिला। सांभर के जांच में लगी गोली से स्पष्ट है कि उसे शिकारियों ने गोली मारी थी। मगर फुर्तीला होने के कारण यह वहां से भाग आया। इस इलाके में आठ से दस सांभर मौजूद हैं। पहले इनकी संख्या हजारों में थी। सोसायटी फार नेचर आफ कनजर्वेशन के राजीव चौहान का कहना है कि सरकार इनके संरक्षण के प्रति चिंतित नही है। जिसके कारण यह जीव भी भारत में विलुप्त हो जाएगा।