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Auraiya News: प्रायोगिक ठहराव पर रुकी स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस, लगातार रुकने की उम्मीदें बढ़ीं
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गोपाल शंकर पोरवाल..
दिबियापुर। रेलवे स्टेशन फफूंद पर रुकने वाली वीआईपी ट्रेन स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस पर दिबियापुर समेत जिले के लोगों ने जमकर प्यार लुटाया। छह महीने के ट्राॅयल पर रुकी ट्रेन के अब लगातार रुकने की संभावनाएं काफी अधिक बढ़ गईं हैं। महीने में लगभग 1200 यात्री आरक्षण केंद्र से टिकट लेकर ट्रेन में यात्रा कर रहे हैं।
छह सितंबर 2023 को जिले के प्रमुख रेलवे स्टेशन फफूंद पर वीआईपी ट्रेन कही जाने वाली 12003 अप एवं 12004 डाउन स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस का ठहराव शुरू हो गया था। प्रायोगिक तौर पर शुरू की गई स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस को लेकर जिले वासियों में पहले ही दिन से जमकर उत्साह दिखा। स्टाॅपेज के पहले दिन दिल्ली जाने वाली 12003 स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस में 18 यात्रियों ने यात्रा शुरू की थी।
यहां एनटीपीसी, गेल समेत जिले भर के अधिकारी दिल्ली और लखनऊ जाने के लिए ट्रेन का इस्तेमाल करते नजर आते हैं। रेल कर्मियों के अनुसार यात्रियों द्वारा आरक्षित टिकट खिड़की के साथ ही जमकर ऑनलाइन टिकट बुकिंग भी की जा रही है। रेलवे से उपलब्ध आकड़ों के अनुसार मार्च 2024 माह में लखनऊ की ओर जाने वाली 12004 स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस में प्रतिदिन 15 सीटों के लिए यात्रियों ने आरक्षण कराए।
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महीने में कुल लगभग 450 यात्रियों ने लखनऊ की ओर बैठकर यात्रा की जबकि दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या डेढ़ गुना से अधिक रही। दिल्ली की ओर जाने के लिए प्रतिदिन औसतन 25 यात्रियों ने यात्रा शुरू की और महीने में लगभग 750 यात्रियों ने यात्रा की। बताते हैं कि यह आंकड़ा अनारक्षित टिकट खिड़की से टिकट लेकर यात्रा करने वालों का है जबकि ऑनलाइन टिकट लेकर यात्रा करने वालों की संख्या अलग है।
इंसेट-- -
फोटो18एयूआरपी 20- स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस में लगा अनुभूति कोच। संवाद
फोटो18एयूआरपी 21- गौरव गुप्ता द्वारा किया गया ट्वीट। स्रोत: एक्स स्क्रीन शाॅट
अनुभूति कोच में यात्रा के लिए टिकट नहीं मिलते
रेलवे स्टेशन फफूंद पर स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस के ठहराव के छह माह होने के बाद भी जिलेवासियों को अभी ट्रेन के अनुभूति कोच (प्रथम वातानुकूलित कुर्सी यान) में यात्रा की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसकी शिकायत एक्स प्लेटफार्म पर भी की गई है। गौरव गुप्ता नाम के यूजर ने ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को टैग करते हुए लिखा है कि फफूंद का शताब्दी का अनुभूति क्लास (ईए) आईआरसीटीसी में बंद है। यहां ट्राॅयल के छह माह हो चुके हैं। सर अगर राजस्व सही हो तो ईए खुलवा दीजिए।
वर्जन
ट्रेनों के स्टापेज का जो भी निर्णय होता है वह रेलवे बोर्ड करता है। छह माह का मिनिमम ट्राॅयल होता है। इसके बाद बोर्ड स्तर पर ही रिव्यू होगा। रिव्यू के बाद ही स्टाॅपेज रहने या न रहने के बारे में स्थिति साफ हो सकेगी। अनुभूति कोच के लिए आरक्षण क्रिस से साॅफ्टवेयर आधारित ऑनलाइन होता है। अभी 12003 स्वर्ण शताब्दी में प्रतिमाह लगभग 750 एवं 12004 में प्रतिमाह लगभग 450 यात्रियों द्वारा आरक्षण कराए जा रहे हैं।
- अमित सिंह, जनसंपर्क अधिकारी उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज
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दिबियापुर। रेलवे स्टेशन फफूंद पर रुकने वाली वीआईपी ट्रेन स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस पर दिबियापुर समेत जिले के लोगों ने जमकर प्यार लुटाया। छह महीने के ट्राॅयल पर रुकी ट्रेन के अब लगातार रुकने की संभावनाएं काफी अधिक बढ़ गईं हैं। महीने में लगभग 1200 यात्री आरक्षण केंद्र से टिकट लेकर ट्रेन में यात्रा कर रहे हैं।
छह सितंबर 2023 को जिले के प्रमुख रेलवे स्टेशन फफूंद पर वीआईपी ट्रेन कही जाने वाली 12003 अप एवं 12004 डाउन स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस का ठहराव शुरू हो गया था। प्रायोगिक तौर पर शुरू की गई स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस को लेकर जिले वासियों में पहले ही दिन से जमकर उत्साह दिखा। स्टाॅपेज के पहले दिन दिल्ली जाने वाली 12003 स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस में 18 यात्रियों ने यात्रा शुरू की थी।
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यहां एनटीपीसी, गेल समेत जिले भर के अधिकारी दिल्ली और लखनऊ जाने के लिए ट्रेन का इस्तेमाल करते नजर आते हैं। रेल कर्मियों के अनुसार यात्रियों द्वारा आरक्षित टिकट खिड़की के साथ ही जमकर ऑनलाइन टिकट बुकिंग भी की जा रही है। रेलवे से उपलब्ध आकड़ों के अनुसार मार्च 2024 माह में लखनऊ की ओर जाने वाली 12004 स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस में प्रतिदिन 15 सीटों के लिए यात्रियों ने आरक्षण कराए।
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महीने में कुल लगभग 450 यात्रियों ने लखनऊ की ओर बैठकर यात्रा की जबकि दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या डेढ़ गुना से अधिक रही। दिल्ली की ओर जाने के लिए प्रतिदिन औसतन 25 यात्रियों ने यात्रा शुरू की और महीने में लगभग 750 यात्रियों ने यात्रा की। बताते हैं कि यह आंकड़ा अनारक्षित टिकट खिड़की से टिकट लेकर यात्रा करने वालों का है जबकि ऑनलाइन टिकट लेकर यात्रा करने वालों की संख्या अलग है।
इंसेट
फोटो18एयूआरपी 20- स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस में लगा अनुभूति कोच। संवाद
फोटो18एयूआरपी 21- गौरव गुप्ता द्वारा किया गया ट्वीट। स्रोत: एक्स स्क्रीन शाॅट
अनुभूति कोच में यात्रा के लिए टिकट नहीं मिलते
रेलवे स्टेशन फफूंद पर स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस के ठहराव के छह माह होने के बाद भी जिलेवासियों को अभी ट्रेन के अनुभूति कोच (प्रथम वातानुकूलित कुर्सी यान) में यात्रा की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसकी शिकायत एक्स प्लेटफार्म पर भी की गई है। गौरव गुप्ता नाम के यूजर ने ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को टैग करते हुए लिखा है कि फफूंद का शताब्दी का अनुभूति क्लास (ईए) आईआरसीटीसी में बंद है। यहां ट्राॅयल के छह माह हो चुके हैं। सर अगर राजस्व सही हो तो ईए खुलवा दीजिए।
वर्जन
ट्रेनों के स्टापेज का जो भी निर्णय होता है वह रेलवे बोर्ड करता है। छह माह का मिनिमम ट्राॅयल होता है। इसके बाद बोर्ड स्तर पर ही रिव्यू होगा। रिव्यू के बाद ही स्टाॅपेज रहने या न रहने के बारे में स्थिति साफ हो सकेगी। अनुभूति कोच के लिए आरक्षण क्रिस से साॅफ्टवेयर आधारित ऑनलाइन होता है। अभी 12003 स्वर्ण शताब्दी में प्रतिमाह लगभग 750 एवं 12004 में प्रतिमाह लगभग 450 यात्रियों द्वारा आरक्षण कराए जा रहे हैं।
- अमित सिंह, जनसंपर्क अधिकारी उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज