{"_id":"6287e271376167347a469f73","slug":"statement-of-constable-recorded-in-double-murder-auraiya-news-knp697930957","type":"story","status":"publish","title_hn":"दोहरे हत्याकांड में कांस्टेबल के बयान हुए दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दोहरे हत्याकांड में कांस्टेबल के बयान हुए दर्ज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया। शहर के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड के आरोपी सपा एमएलसी कमलेश पाठक समेत सभी 11 आरोपी विभिन्न जेलों से शुक्रवार को कोर्ट में पेश किए गए। जहां पर मामले के पांचवें गवाह कांस्टेबल इंद्रपाल सिंह की गवाही हुई। वकीलों की हड़ताल के कारण गवाह से जिरह नहीं हो सकी। कोर्ट ने सुनवाई की अगली तिथि 24 मई तय कर सभी आरोपियों को वापस जेल भेज दिया गया।
शहर के नरायनपुर मोहल्ला स्थित पंचमुखी मंदिर परिसर में 15 मार्च 2020 को हुई गोलीबारी की घटना में अधिवक्ता मंजुल चौबे व उसकी चचेरी बहन सुधा की जान चली गयी थी। इस दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने सपा एमएलसी कमलेश पाठक, उनके दो भाई संतोष पाठक व रामू पाठक, कार चालक, सरकारी गनर समेत 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था।
इनमें सिर्फ सपा एमएलसी कमलेश पाठक को ही हत्या के मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिली है, लेकिन उन पर गैंगस्टर का मामला भी दर्ज होने से इस मामले में सत्र न्यायालय से उनकी जमानत खारिज हो गई। अब हाईकोर्ट से गैंगस्टर मामले में जमानत होनी बाकी है। इधर हाईकोर्ट ने कमलेश पाठक की हत्या के मामले में जमानत मंजूर करते हुए अधीनस्थ एमपी/एमएलए कोर्ट को आदेशित किया कि वह इस मामले का शीघ्र निस्तारण करें। जिसके कारण उक्त दोहरे हत्याकांड में सुनवाई की तारीखें जल्दी-जल्दी लग रही हैं।
विज्ञापन
अभियोजन की ओर से मामले की पैरवी कर रहे एडीजीसी रमेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार को पांचवें गवाह के रूप में कांस्टेबल इंद्रपाल सिंह की गवाही दर्ज हुई, लेकिन वकीलों को हड़ताल के कारण बचाव पक्ष को जिरह नहीं हो सकी। सुनवाई कर रही एमपीएमएलए कोर्ट रजत सिन्हा ने अगली सुनवाई की तिथि 24 मई तय कर सभी आरोपियों को वापस जेल भेज दिया है।
विज्ञापन
शहर के नरायनपुर मोहल्ला स्थित पंचमुखी मंदिर परिसर में 15 मार्च 2020 को हुई गोलीबारी की घटना में अधिवक्ता मंजुल चौबे व उसकी चचेरी बहन सुधा की जान चली गयी थी। इस दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने सपा एमएलसी कमलेश पाठक, उनके दो भाई संतोष पाठक व रामू पाठक, कार चालक, सरकारी गनर समेत 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था।
विज्ञापन
इनमें सिर्फ सपा एमएलसी कमलेश पाठक को ही हत्या के मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिली है, लेकिन उन पर गैंगस्टर का मामला भी दर्ज होने से इस मामले में सत्र न्यायालय से उनकी जमानत खारिज हो गई। अब हाईकोर्ट से गैंगस्टर मामले में जमानत होनी बाकी है। इधर हाईकोर्ट ने कमलेश पाठक की हत्या के मामले में जमानत मंजूर करते हुए अधीनस्थ एमपी/एमएलए कोर्ट को आदेशित किया कि वह इस मामले का शीघ्र निस्तारण करें। जिसके कारण उक्त दोहरे हत्याकांड में सुनवाई की तारीखें जल्दी-जल्दी लग रही हैं।
विज्ञापन
अभियोजन की ओर से मामले की पैरवी कर रहे एडीजीसी रमेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार को पांचवें गवाह के रूप में कांस्टेबल इंद्रपाल सिंह की गवाही दर्ज हुई, लेकिन वकीलों को हड़ताल के कारण बचाव पक्ष को जिरह नहीं हो सकी। सुनवाई कर रही एमपीएमएलए कोर्ट रजत सिन्हा ने अगली सुनवाई की तिथि 24 मई तय कर सभी आरोपियों को वापस जेल भेज दिया है।