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Auraiya News: अफसरों की नोटिस का जवाब नहीं दे रहे सचिव, बैठी जांच
Fri, 16 May 2025 11:58 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Fri, 16 May 2025 11:58 PM IST
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औरैया। भाग्यनगर ब्लॉक की पांच ग्राम पंचायतों में कार्यभार संभाल रहे सचिव के खिलाफ जांच कमेटी गठित की गई है।यहां विकास कार्यों में धांधली की एक शिकायत पर पंचायती राज विभाग ने अनियमितता का मामला पकड़ा है।
मामले में सचिव अफसरों के नोटिस का कोई जवाब भी नहीं दे रहे। इस मामले में अप्रैल माह में डीपीआरओ श्रीकांत यादव ने भाग्यनगर ब्लॉक की पांच ग्राम पंचायतों हर्राजपुर, उसरारी, रानीपुर, सल्लाहपुर व कंचौसी में कुल 19 भुगतान संदिग्ध पाए थे। इस भुगतान में एक ही युवक के व्यक्तिगत बैंक खाते में 19 बार में तीन लाख रुपये से ज्यादा का भुगतान कर दिया गया।
ग्राम स्वराज के एकीकृत सॉफ्टवेयर में इसे अपलोड भी कर दिया गया। व्यक्तिगत खाते में पंचायत सचिव की आईडी से हुए ये भुगतान अपने आप में सवालों के घेरे में पाए गए। अप्रैल माह में जारी हुए नोटिस का जवाब न आने पर मई माह एक बार फिर से सचिव को रिमाइंडर भेजा गया।
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बावजूद इसके सचिव की ओर से जवाब दाखिल नहीं किया गया। अंत में डीपीआरओ ने इस मामले में जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम गठित करते हुए जांच शुरू कराई है।
विभागीय सूत्रों की माने तो इसमें जिस युवक के बैंक खाते में भुगतान किया गया है, वह सचिव के पिता की दुकान पर काम करता है। मामले में पंचायत के कार्यों में फर्म को भुगतान किया जाना चाहिए था।
सचिव की आईडी से होने वाले भुगतान की फीडिंग से लेकर भौतिक सत्यापन का काम होता है। ब्लॉक स्तर पर भी इसकी मॉनीटरिंग होती है। इस सबके बावजूद व्यक्तिगत खाते में भुगतान कैसे हो गया। अधिकारी इस मामले में सचिव के अलावा अन्य कर्मचारियों की भी संलिप्तता का आंक रहे हैं।
एक युवक के व्यक्तिगत खाते में पांच अलग-अलग पंचायतों से 19 बार में भुगतान किया गया है। इस मामले में सचिव को पहले नोटिस फिर रिमाइंडर दिया गया। अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।
अब इस मामले में जिला स्तरीय अधिकारियों की जांच कमेटी गठित कर दी है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। वित्तीय अनियमितता के इस मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।-श्रीकांत यादव, डीपीआरओ
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मामले में सचिव अफसरों के नोटिस का कोई जवाब भी नहीं दे रहे। इस मामले में अप्रैल माह में डीपीआरओ श्रीकांत यादव ने भाग्यनगर ब्लॉक की पांच ग्राम पंचायतों हर्राजपुर, उसरारी, रानीपुर, सल्लाहपुर व कंचौसी में कुल 19 भुगतान संदिग्ध पाए थे। इस भुगतान में एक ही युवक के व्यक्तिगत बैंक खाते में 19 बार में तीन लाख रुपये से ज्यादा का भुगतान कर दिया गया।
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ग्राम स्वराज के एकीकृत सॉफ्टवेयर में इसे अपलोड भी कर दिया गया। व्यक्तिगत खाते में पंचायत सचिव की आईडी से हुए ये भुगतान अपने आप में सवालों के घेरे में पाए गए। अप्रैल माह में जारी हुए नोटिस का जवाब न आने पर मई माह एक बार फिर से सचिव को रिमाइंडर भेजा गया।
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बावजूद इसके सचिव की ओर से जवाब दाखिल नहीं किया गया। अंत में डीपीआरओ ने इस मामले में जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम गठित करते हुए जांच शुरू कराई है।
विभागीय सूत्रों की माने तो इसमें जिस युवक के बैंक खाते में भुगतान किया गया है, वह सचिव के पिता की दुकान पर काम करता है। मामले में पंचायत के कार्यों में फर्म को भुगतान किया जाना चाहिए था।
सचिव की आईडी से होने वाले भुगतान की फीडिंग से लेकर भौतिक सत्यापन का काम होता है। ब्लॉक स्तर पर भी इसकी मॉनीटरिंग होती है। इस सबके बावजूद व्यक्तिगत खाते में भुगतान कैसे हो गया। अधिकारी इस मामले में सचिव के अलावा अन्य कर्मचारियों की भी संलिप्तता का आंक रहे हैं।
एक युवक के व्यक्तिगत खाते में पांच अलग-अलग पंचायतों से 19 बार में भुगतान किया गया है। इस मामले में सचिव को पहले नोटिस फिर रिमाइंडर दिया गया। अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।
अब इस मामले में जिला स्तरीय अधिकारियों की जांच कमेटी गठित कर दी है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। वित्तीय अनियमितता के इस मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।-श्रीकांत यादव, डीपीआरओ