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फरिहा और असेवटा गांव के विद्यालयों को देखा
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अयाना (औरैया)। अतिरिक्त एसडीएम रमेश यादव ने शुक्रवार को असेवटा और फरिहा के परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान असेवटा में पूर्व माध्यमिक विद्यालय बंद पाया गया। प्राथमिक विद्यालय से प्रधानाध्यापक नदारद पाए गए। इस पर उन्होंने चार अध्यापकों का वेतन रोकने की कार्रवाई की। इसी तरह फरिहा में पढ़ाई की गुणवत्ता को जांचा। इस दौरान अध्यापक व बच्चे सवालों से सही जवाब नहीं दे सके।
क्षेत्र के असेवटा में शुक्रवार को सुबह पहुंचे एसडीएम को असेवटा का पूर्व माध्यमिक विद्यालय बंद मिला। इस पर उन्होंने प्रधानाध्यापक प्रतीक्षा देवी, सहायक अध्यापक अमरीश कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। उसी परिसर में बने प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिनेश चंद्र यादव गैरहाजिर पाए गए। एसडीएम ने हाजिरी रजिस्टर पर प्रधानाध्यापक को गैरहाजिर लिख दिया।
कुछ देर बाद प्रधानाध्यापक दिनेश चंद्र यादव आ गए। उन्होंने सफाई दी कि ग्राम प्रधान सुषमा देवी ने उन्हें अपने घर अटसू में बुलाया था। यहां सहायक अध्यापक विशाल सिंह कक्षा पांच, छह, सात और आठ के बच्चों को एक साथ बरामदे में पढ़ाते मिले। एसडीएम ने शिक्षक डायरी न बनाने के कारण यहां प्रधानाध्यापक दिनेश चंद्र, सहायक अध्यापक विशाल सिंह, मधू सिंह और शिक्षा मित्र सुरेंद्र नारायण का जनवरी महीने का वेतन रोक दिया। यूनीफार्म वितरण में रजिस्टर में 18 छात्रों को स्वेटर न दिए जाने का विवरण मिला। जबकि स्टॉक में 13 स्वेटर मिले। मिड डे मील का खाना चूल्हे पर बनता पाया गया। प्रधानाध्यापक ने बताया कि अब तक गैस सिलिंडर स्कूल को नहीं दिया गया है।
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इसके बाद एसडीएम ने फरिहा गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच की छात्रा जाह्नवी से 69 और 79 लिखवाया जो कि छात्रा ने सही लिख दिया। यहां सहायक अध्यापक देवकांत, अरविंद कुमार और संजय सिंह को शिक्षा पर और सुधार लाने के लिए कहा। बच्चों से पूछा कि क्या उन्हें स्वेटर मिल गए है तो बच्चों ने हां में जवाब दिया। फरिहा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 27 में से चार ही बच्चे मिले जो कि कक्षा 8 के थे। उपस्थित रजिस्टर में 16 बच्चों की उपस्थिति दिखाई गई थी। हेडमास्टर ने बताया 12 बच्चों को उनके परिजन गांव में कार्यक्रम होने कारण लेकर चले गए हैं।
एसडीएम रमेश यादव ने प्रधानाध्यापक मोहम्मद मोहसिन, सहायक अध्यापक जसवंत सिंह, और चंद्रभान सिंह के खिलाफ बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत कार्रवाई किए जाने की बात कही। साथ में खंड शिक्षा अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई किए जाने की बात कही। एसडीएम ने कक्षा आठ के छात्रों से सवाल पूछा तो कोई भी छात्र उत्तर नहीं दे पाया। इसके बाद वही प्रश्न अध्यापक जसवंत सिंह से पूछा तो जसवंत सिंह ने गलत उत्तर दिया। जसवंत सिंह ने 9 केंद्रशासित प्रदेश और 28 राज्य बताए थे। आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक विद्यालय में बंद मिला, तो ग्रामीणों ने बताया संगीता सेंगर घर पर पढ़ाती है।
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क्षेत्र के असेवटा में शुक्रवार को सुबह पहुंचे एसडीएम को असेवटा का पूर्व माध्यमिक विद्यालय बंद मिला। इस पर उन्होंने प्रधानाध्यापक प्रतीक्षा देवी, सहायक अध्यापक अमरीश कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। उसी परिसर में बने प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिनेश चंद्र यादव गैरहाजिर पाए गए। एसडीएम ने हाजिरी रजिस्टर पर प्रधानाध्यापक को गैरहाजिर लिख दिया।
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कुछ देर बाद प्रधानाध्यापक दिनेश चंद्र यादव आ गए। उन्होंने सफाई दी कि ग्राम प्रधान सुषमा देवी ने उन्हें अपने घर अटसू में बुलाया था। यहां सहायक अध्यापक विशाल सिंह कक्षा पांच, छह, सात और आठ के बच्चों को एक साथ बरामदे में पढ़ाते मिले। एसडीएम ने शिक्षक डायरी न बनाने के कारण यहां प्रधानाध्यापक दिनेश चंद्र, सहायक अध्यापक विशाल सिंह, मधू सिंह और शिक्षा मित्र सुरेंद्र नारायण का जनवरी महीने का वेतन रोक दिया। यूनीफार्म वितरण में रजिस्टर में 18 छात्रों को स्वेटर न दिए जाने का विवरण मिला। जबकि स्टॉक में 13 स्वेटर मिले। मिड डे मील का खाना चूल्हे पर बनता पाया गया। प्रधानाध्यापक ने बताया कि अब तक गैस सिलिंडर स्कूल को नहीं दिया गया है।
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इसके बाद एसडीएम ने फरिहा गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच की छात्रा जाह्नवी से 69 और 79 लिखवाया जो कि छात्रा ने सही लिख दिया। यहां सहायक अध्यापक देवकांत, अरविंद कुमार और संजय सिंह को शिक्षा पर और सुधार लाने के लिए कहा। बच्चों से पूछा कि क्या उन्हें स्वेटर मिल गए है तो बच्चों ने हां में जवाब दिया। फरिहा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 27 में से चार ही बच्चे मिले जो कि कक्षा 8 के थे। उपस्थित रजिस्टर में 16 बच्चों की उपस्थिति दिखाई गई थी। हेडमास्टर ने बताया 12 बच्चों को उनके परिजन गांव में कार्यक्रम होने कारण लेकर चले गए हैं।
एसडीएम रमेश यादव ने प्रधानाध्यापक मोहम्मद मोहसिन, सहायक अध्यापक जसवंत सिंह, और चंद्रभान सिंह के खिलाफ बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत कार्रवाई किए जाने की बात कही। साथ में खंड शिक्षा अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई किए जाने की बात कही। एसडीएम ने कक्षा आठ के छात्रों से सवाल पूछा तो कोई भी छात्र उत्तर नहीं दे पाया। इसके बाद वही प्रश्न अध्यापक जसवंत सिंह से पूछा तो जसवंत सिंह ने गलत उत्तर दिया। जसवंत सिंह ने 9 केंद्रशासित प्रदेश और 28 राज्य बताए थे। आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक विद्यालय में बंद मिला, तो ग्रामीणों ने बताया संगीता सेंगर घर पर पढ़ाती है।