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एक बाबू के सहारे चल रहा परिवहन कार्यालय

Sat, 19 Sep 2020 10:57 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2020 10:57 PM IST
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फोटो 19 एयूआरपी 22 - आफिस में कामकाज निपटाते आरआई बलवंत सिंह - फोटो : AURAIYA
औरैया। सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय सिर्फ एक बाबू के सहारे संचालित हो रहा है। यहां लिपिक के छह पद सृजित हैं। यह बाबू भी आटीओ कार्यालय कानपुर से संबद्ध किया गया है। लिपिक गंभीर बीमारी के चलते कानपुर में अस्पताल में लंबे समय से भर्ती हैं। एआरटीओ प्रशासन को पिछले दिनों शासन ने अनियमितता के चलते निलंबित कर दिया था। इससे कार्यालय में आरटीओ प्रशासन और प्रर्वतन दोनों के पद रिक्त हैं।
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सहायक संभागीय कार्यालय अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। कहने को तो शासन से प्रत्येक सरकारी कार्यालय के स्टाफ और स्थिति की समीक्षा होती है और प्रगति रिपोर्ट मांगी जाती है। विभागीय सूत्रों की मानें तो लंबे समय से कार्यालय एक लिपिक के भरोसे है। चौकीदार और चपरासी तक की व्यवस्था नहीं है। आरआई बलवंत सिंह और लिपिक दो लोग मिलकर विभागीय कामकाज निपटा रहे हैं। पुराने रिकार्ड निकालने से लेकर फाइल ढूंढने तक का जिम्मा इन्हीं दो लोगों के भरोसे है। ऐसे में कार्यालय में कामकाज की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
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एरवाकटरा, बेला, सहार, अजीतमल आदि दूरस्थ स्थानों से जरूरी काम के लिए आने वाले लोगों में रिकार्ड को लेकर अक्सर कहासुनी की स्थिति बन जाती है। कभी-कभार हाथपाई की भी नौबत बन जाती है। आरआई बलवंत सिंह का कहना है कि जनता को परेशानी न हो, इसके लिए वह स्वयं कार्यालय में बैठकर काम निपटाते हैं। यदि किसी को कोई काम है तो सीधे उनसे मिले। दलालों के चक्कर में पड़ने की जरूरत नहीं है। उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा।
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