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बारिश के बाद सड़के हुई बदहाल, चलना हुआ मुहाल
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औरैया-बेला रोड के अरियारी मार्ग की जर्जर सड़क
- फोटो : AURAIYA
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औरैया। बारिश में सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें बदहाल हैं। मुश्किल डगर पर हर समय हादसों का डर सताता रहता है। लोक निर्माण विभाग गिट्टी और मिट्टी डालकर गड्ढे भरने में जुटा है। जिम्मेदार बारिश के बाद सड़कों की मरम्मत की बात कह रहे हैं। वहीं लोगों का कहना है कि निर्माण में लापरवाही की गई और अब पैचवर्क भी ठीक से नहीं किया गया।
हर साल करोड़ों रुपये सड़कों के निर्माण पर खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन मानकों की अनदेखी कर बनाई जा रही सड़कें एक बारिश भी नहीं झेल पा रही हैं। छह माह और एक साल पहले बनीं सड़कों की परतें भी खुलने लगीं हैं।
शहर के जालौन रोड, फफूंद रोड पर कई किलोमीटर तक बड़े-बड़े गड्ढे हैं। बिधूना-बेला स्टेट हाईवे करीब 25 किलोमीटर तक गड्ढों में तब्दील है। गड्ढे हादसे का कारण बन रहे हैं। इसके अलावा अछल्दा, अयाना, अजीतमल, सहार, कंचौसी क्षेत्र के मुख्य मार्ग भी निर्माण की हकीकत बयान कर रहे हैं। कई सड़कें ऐसी हैं, जिन्हें बने अभी साल भर भी नहीं हुआ, और कुछ सड़कों में बारिश से पहले मरम्मत कराई गई थी।
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पांच माह भी नहीं चली सड़क
बेला तिर्वा रोड से बेला-बिधूना मार्ग तक लोक निर्माण विभाग द्वारा फोरलेन सड़क बनाई गई लेकिन ये जर्जर हो गई है। नवंबर 2020 में इस सड़क का निर्माण शुरू हुआ और अप्रैल 2021 में काम पूरा हो गया। लेकिन बेला- बिधूना मार्ग पर लगभग चार किलोमीटर सड़क का पांच माह में ही दम निकल गया। जगह-जगह सड़क धंस गई है। अब अधिकारी भी इस सड़क के निर्माण को लेकर ठेकेदारों पर ठीकरा फोड़ जांच की बात कह रहे हैं।
सभी जेई से बारिश के बाद खराब हुई सड़कों व बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सड़कों का सर्वे कराकर रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। इसकी रिपोर्ट शासन भेजी जाएगी। जल्द ही सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी। - अनिल कुमार जाटव, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण
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हर साल करोड़ों रुपये सड़कों के निर्माण पर खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन मानकों की अनदेखी कर बनाई जा रही सड़कें एक बारिश भी नहीं झेल पा रही हैं। छह माह और एक साल पहले बनीं सड़कों की परतें भी खुलने लगीं हैं।
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शहर के जालौन रोड, फफूंद रोड पर कई किलोमीटर तक बड़े-बड़े गड्ढे हैं। बिधूना-बेला स्टेट हाईवे करीब 25 किलोमीटर तक गड्ढों में तब्दील है। गड्ढे हादसे का कारण बन रहे हैं। इसके अलावा अछल्दा, अयाना, अजीतमल, सहार, कंचौसी क्षेत्र के मुख्य मार्ग भी निर्माण की हकीकत बयान कर रहे हैं। कई सड़कें ऐसी हैं, जिन्हें बने अभी साल भर भी नहीं हुआ, और कुछ सड़कों में बारिश से पहले मरम्मत कराई गई थी।
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पांच माह भी नहीं चली सड़क
बेला तिर्वा रोड से बेला-बिधूना मार्ग तक लोक निर्माण विभाग द्वारा फोरलेन सड़क बनाई गई लेकिन ये जर्जर हो गई है। नवंबर 2020 में इस सड़क का निर्माण शुरू हुआ और अप्रैल 2021 में काम पूरा हो गया। लेकिन बेला- बिधूना मार्ग पर लगभग चार किलोमीटर सड़क का पांच माह में ही दम निकल गया। जगह-जगह सड़क धंस गई है। अब अधिकारी भी इस सड़क के निर्माण को लेकर ठेकेदारों पर ठीकरा फोड़ जांच की बात कह रहे हैं।
सभी जेई से बारिश के बाद खराब हुई सड़कों व बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सड़कों का सर्वे कराकर रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। इसकी रिपोर्ट शासन भेजी जाएगी। जल्द ही सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी। - अनिल कुमार जाटव, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण