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जालौन से कन्नौज तक बन रहे फोरलेन मार्ग पर छूटे हिस्से को शामिल करने की कवायद शुरू
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फोटो 03 एयूआरपी18- दिबियापुर से गुजरा बिलरायां-पनवाड़ी राजमार्ग
- फोटो : AURAIYA
औरैया/ दिबियापुर। औरैया के शेरगढ़ घाट से लेकर बेला के बीच बिलरायां-पनवाड़ी राजमार्ग को फोरलेन करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पीडब्ल्यूडी इसकी तैयारी में जुट गया है। बीच में पड़ने वाली निचली गंगा नहर एवं दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग के ऊपर बनने वाले पुल की लागत का इस्टीमेट मांगा गया है। सब कुछ ठीकठाक रहा तो जल्द ही इसका काम शुरू हो जाएगा। इससे आवागमन में सहूलियत मिलेगी।
बिलरायां-पनवाड़ी राजमार्ग पर जालौन से औरैया जिले की सीमा में स्थित शेरगढ़ घाट तक व कन्नौज से औरैया जिले के बेला के बीच सड़क फोर लेन बन रही है। राजमार्ग पर यातायात बढ़ जाने के कारण बेला से औरैया के बीच शेष बचे भाग को भी फोरलेन बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी ने कवायद शुरू कर दी है।
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर इस मार्ग पर फोरलेन बनाने के लिए इस्टीमेट बनाया शुरू कर दिया गया है। इस मार्ग के बीच में पड़ने वाले दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग एवं निचली गंगा नहर पर पुल भी बनाया जाना है। रेल ओवरब्रिज का रेल पटरियों के ऊपर का हिस्सा रेलवे एवं रेलवे लाइन के दोनों ओर का हिस्सा सेतु निगम बनाएगा।
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इसे बनाने के लिए रेलवे और सेतु निगम से इस्टीमेट मांगा गया है। जबकि निचली गंगा नहर पर पुल बनाने के लिए सिंचाईं विभाग से इस्टीमेट मांगा गया है। सिंचाईं विभाग ने नहर पर बनने वाले पुल की अनुमानित लागत 11.46 करोड़ रुपये बताई है। जबकि सेतु निगम ने रेलवे लाइन पर बनने वाले ओवरब्रिज पर अपने हिस्से की लागत लगभग 56 करोड़ रुपये बताई है।
उधर, कृषि राज्य मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दिबियापुर में बाईपास निर्माण की मांग की है। पत्र में लिखा है कि बिलरायां पनवाड़ी राजमार्ग-21 पर दिबियापुर आबादी क्षेत्र में अत्यधिक जाम की समस्या रहती है। दुर्घटनाओं की संभावनाएं रहतीं हैं। इस समस्या के समाधान के लिए कंचौसी मोड़ से असेनी जोड़ते हुए बाईपास निर्माण जरूरी है।
औरैया से बेला के बीच बिलरायां-पनवाड़ी राजमार्ग को फोरलेन करने के लिए सबसे अधिक समस्या दिबियापुर में आ रही है। यहां पर दिबियापुर कस्बे का ज्यादातर हिस्सा बिलरायां-पनवाड़ी राजमार्ग पर ही बसा है। इसलिए पीडब्ल्यूडी ने यहां पर बाईपास के लिए सर्वे शुरू किया है। दो अलग-अलग रूटों पर बाईपास मार्गों की संभावनाएं तलाशी जा रहीं हैं। दोनों मार्गों पर संभावनाएं तलाशते हुए प्रोजेक्ट एवं आगणन रिपोर्ट शासन में भेजी जा रही है। पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिकारियों के अनुसार बाईपास के लिए एक मार्ग का सुझाव कंचौसी मोड़ से यूपीएसआईडीसी प्लास्टिक सिटी होते हुए असेनी तक का दिया गया है। बाईपास के लिए दूसरे मार्ग का सुझाव औरैया-फफूंद फोरलेन से असेनी का दिया गया है। यह मार्ग औरैया-फफूंद फोरलेन से भाग्यनगर एवं इसके बाद फफूंद दिबियापुर मार्ग पर दूल्हाराय का पुरवा होते हुए असेनी तक जाएगा। पीडब्ल्यूडी विभाग के बाईपास के दोनों प्रस्तावित मार्गों को संस्तुति के लिए शासन को भेजा जाएगा।
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बिलरायां-पनवाड़ी राजमार्ग पर जालौन से औरैया जिले की सीमा में स्थित शेरगढ़ घाट तक व कन्नौज से औरैया जिले के बेला के बीच सड़क फोर लेन बन रही है। राजमार्ग पर यातायात बढ़ जाने के कारण बेला से औरैया के बीच शेष बचे भाग को भी फोरलेन बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी ने कवायद शुरू कर दी है।
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उच्चाधिकारियों के निर्देश पर इस मार्ग पर फोरलेन बनाने के लिए इस्टीमेट बनाया शुरू कर दिया गया है। इस मार्ग के बीच में पड़ने वाले दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग एवं निचली गंगा नहर पर पुल भी बनाया जाना है। रेल ओवरब्रिज का रेल पटरियों के ऊपर का हिस्सा रेलवे एवं रेलवे लाइन के दोनों ओर का हिस्सा सेतु निगम बनाएगा।
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इसे बनाने के लिए रेलवे और सेतु निगम से इस्टीमेट मांगा गया है। जबकि निचली गंगा नहर पर पुल बनाने के लिए सिंचाईं विभाग से इस्टीमेट मांगा गया है। सिंचाईं विभाग ने नहर पर बनने वाले पुल की अनुमानित लागत 11.46 करोड़ रुपये बताई है। जबकि सेतु निगम ने रेलवे लाइन पर बनने वाले ओवरब्रिज पर अपने हिस्से की लागत लगभग 56 करोड़ रुपये बताई है।
उधर, कृषि राज्य मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दिबियापुर में बाईपास निर्माण की मांग की है। पत्र में लिखा है कि बिलरायां पनवाड़ी राजमार्ग-21 पर दिबियापुर आबादी क्षेत्र में अत्यधिक जाम की समस्या रहती है। दुर्घटनाओं की संभावनाएं रहतीं हैं। इस समस्या के समाधान के लिए कंचौसी मोड़ से असेनी जोड़ते हुए बाईपास निर्माण जरूरी है।
औरैया से बेला के बीच बिलरायां-पनवाड़ी राजमार्ग को फोरलेन करने के लिए सबसे अधिक समस्या दिबियापुर में आ रही है। यहां पर दिबियापुर कस्बे का ज्यादातर हिस्सा बिलरायां-पनवाड़ी राजमार्ग पर ही बसा है। इसलिए पीडब्ल्यूडी ने यहां पर बाईपास के लिए सर्वे शुरू किया है। दो अलग-अलग रूटों पर बाईपास मार्गों की संभावनाएं तलाशी जा रहीं हैं। दोनों मार्गों पर संभावनाएं तलाशते हुए प्रोजेक्ट एवं आगणन रिपोर्ट शासन में भेजी जा रही है। पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिकारियों के अनुसार बाईपास के लिए एक मार्ग का सुझाव कंचौसी मोड़ से यूपीएसआईडीसी प्लास्टिक सिटी होते हुए असेनी तक का दिया गया है। बाईपास के लिए दूसरे मार्ग का सुझाव औरैया-फफूंद फोरलेन से असेनी का दिया गया है। यह मार्ग औरैया-फफूंद फोरलेन से भाग्यनगर एवं इसके बाद फफूंद दिबियापुर मार्ग पर दूल्हाराय का पुरवा होते हुए असेनी तक जाएगा। पीडब्ल्यूडी विभाग के बाईपास के दोनों प्रस्तावित मार्गों को संस्तुति के लिए शासन को भेजा जाएगा।