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बारिश से तिल, बाजरा किसानों को नुकसान
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औरैया। तीन दिन से हो रही बारिश धान के किसानों के लिए फायदेमंद है लेकिन तिल, अरहर, बाजरा की फसल बोने वाले किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। खेतों में पानी भरने से फसल में रोग लगने की आशंका है।
जैतापुर, जनेतपुर, मिर्जापुर, भड़ारीपुर के किसानों ने बताया कि उन्हें पानी की समस्या हर साल होती है। जिसके कारण इस बार उन्होंने तिल, बाजरा की खेती की थी। कृषि विभाग के अधिकारी ने बताया कि लगभग 60 फीसदी किसानों ने बुवाई कर ली थी। बारिश होने से किसानों को प्रति बीघा लगभग दो हजार रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि एक बीघा खेत में 500 का बीज, लगभग 1000 की जुताई, 10 किलो डीपी समेत कुल लागत दो हजार रुपये आती है। बारिश से उन्हें नुकसान हुआ। अब उन्हें दोबारा बुवाई करनी पड़ेगी।
फसल बचाना मुश्किल
गौतम यादव ने बताया कि खेतों में पानी भरने से मिर्च व बाजरे की फसल जलमग्न हो गई है। पानी को निकालने का कोई साधन नहीं है। इससे फसल को बचाना मुश्किल है।
छैला बाबू ने बताया कि दो बीघा खेत में बाजरा की फसल की थी। पकने में कुछ समय रह गया था। बारिश से फसल खेत में गिरकर गलने से बेकार हो जाएगी।
अशोक माली ने बताया कि बारिश में डूबने से फसल बेकार हो रही है। यह आफत किसानों पर ही क्यों टूटती है।
बारिश से धान की फसल को लाभ है। मिर्च, टमाटर, बाजरा, तिल आदि फसलों को पानी भरने से नुकसान हुआ है। इससे जड़ व तना में गलन रोग लग जाता है। - अनंत कुमार कृषि वैज्ञानिक
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जैतापुर, जनेतपुर, मिर्जापुर, भड़ारीपुर के किसानों ने बताया कि उन्हें पानी की समस्या हर साल होती है। जिसके कारण इस बार उन्होंने तिल, बाजरा की खेती की थी। कृषि विभाग के अधिकारी ने बताया कि लगभग 60 फीसदी किसानों ने बुवाई कर ली थी। बारिश होने से किसानों को प्रति बीघा लगभग दो हजार रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि एक बीघा खेत में 500 का बीज, लगभग 1000 की जुताई, 10 किलो डीपी समेत कुल लागत दो हजार रुपये आती है। बारिश से उन्हें नुकसान हुआ। अब उन्हें दोबारा बुवाई करनी पड़ेगी।
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फसल बचाना मुश्किल
गौतम यादव ने बताया कि खेतों में पानी भरने से मिर्च व बाजरे की फसल जलमग्न हो गई है। पानी को निकालने का कोई साधन नहीं है। इससे फसल को बचाना मुश्किल है।
छैला बाबू ने बताया कि दो बीघा खेत में बाजरा की फसल की थी। पकने में कुछ समय रह गया था। बारिश से फसल खेत में गिरकर गलने से बेकार हो जाएगी।
अशोक माली ने बताया कि बारिश में डूबने से फसल बेकार हो रही है। यह आफत किसानों पर ही क्यों टूटती है।
बारिश से धान की फसल को लाभ है। मिर्च, टमाटर, बाजरा, तिल आदि फसलों को पानी भरने से नुकसान हुआ है। इससे जड़ व तना में गलन रोग लग जाता है। - अनंत कुमार कृषि वैज्ञानिक
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