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हवा हवाई साबित हुई जनप्रतिनिधियों के प्रोजेक्ट, खुल रही विकास की पोल
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दिबियापुर में निर्माणाधीन बस स्टैंड के आसपास जलभराव। संवाद
- फोटो : AURAIYA
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औरैया। प्रदेश सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने पर विकास के दावे खूब किए जा रहे हैं। जनप्रतिनिधि भी बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं, लेकिन जिले में वर्षों से अधूरे पड़े कई प्रोजेक्ट कुछ और ही कहानी बता रहे हैं। स्वास्थ्य, परिवहन, खेल मनोरंजन के साथ विकास में चार चांद लगाने वाले कई परियोजनाएं या तो बजट के अभाव में ठप हैं या फिर कछुआ चाल से चल रही हैं।
स्टेडियम की सिर्फ बाउंड्री ही बनी
बिधूना विधानसभा क्षेत्र में ब्लाक एरवाकटरा की ग्राम पंचायत बढिन में विधायक विनय शाक्य की मांग पर पांच करोड़ 68 लाख रुपये से स्टेडियम का निर्माण शुरू कराया गया। इसका निर्माण 30 जून 2021 तक पूरा होना था। बजट के अभाव में सिर्फ बाउंड्री बन सकी है। 21 माह बीतने के बाद भी बजट नहीं मिला।
संचालन के इंतजार में मातृ शिशु अस्पताल
बिधूना विधानसभा क्षेत्र में महिलाओं और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिले। इसके लिए 50 शैया मातृ शिशु अस्पताल का निर्माण पांच करोड़ 72 लाख रुपये से कराया गया। अस्पताल का निर्माण 18 मार्च 2020 में पूरा हो गया। बजट के अभाव में अस्पताल में कई काम, सड़क, बिजली कनेक्शन नहीं हो सके। अभी तक अस्पताल के संचालन का इंतजार है।
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औद्योगिक पार्क कागजों में
औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2017 के अंतर्गत लगभग तीन हजार करोड़ की लागत से प्रस्तावित प्रदेश का पहला औद्योगिक पार्क अभी तक कागजों में ही है। यह यूएम पावर की भूमि पर लगना है। खाद्य प्रसंस्करण, रासायनिक, कांच, प्लास्टिक, आटो मोबाइल सेक्टर आदि की इकाइयां लगना प्रस्तावित है। इससे युवाओं को रोजगार भी मुहैया होगा।
पचनद बैराज बने तो मिले सिंचाईं का पानी
औरैया, इटावा, जालौन एवं कानपुर देहात जिलों की असिंचित भूमि तक पानी पहुंचाने के लिए पांच नदियों के संगम पचनद पर बैराज बनाने की लगभग 3 हजार करोड़ रुपये की परियोजना अभी तक कागजों में है। इसके लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में प्रदेश सरकार ने 102 करोड़ 74 लाख 16 हजार रुपये का प्रावधान भी किया है।
बस स्टैंड निर्माण का काम अधूरा
औद्योगिक नगर दिबियापुर से सड़क परिवहन की प्रमुख समस्या को देखते हुए 689.25 लाख रुपये से जुलाई 2020 में आधुनिक बस अड्डे का निर्माण शुरू हुआ था। निर्माण की मियाद 30 अक्टूबर 2021 को पूरी हो रही है। इसके बावजूद काफी काम अधूरा पड़ा है। कार्यदायी संस्था आवास विकास परिषद इटावा के एक्सईएन आरपी गुप्ता का कहना है कि कोरोना काल व स्थल पर जलभराव के कारण काम बाधित रहा। समीक्षा बैठक में मार्च 2022 तक निर्माण का समय दिया गया है। अभी 51 फीसदी धनराशि भी निर्गत होनी है।
नौली नाले पर पुल का निर्माण अधूरा
दर्जनों गांवों के लोगों को जिला मुख्यालय ककोर तक जाने में होने वाली परेशानियों को देखते हुए नौली स्थित नाले पर 1.83 करोड़ रुपये से पुल का निर्माण 11 अक्टूबर 2020 को शुरू हुआ था। बीच में धन की कमी से काम बाधित हुआ तो जुलाई 2021 में शासन से 1.38 करोड़ रुपये निर्गत किए गए। अभी पुल के पूरा होने का इंतजार है।
फोरलेन का काम सर्वे तक सिमटा
औरैया से बेला के बीच फोरलेन होने से छूटा विलरायां पनवाड़ी राजमार्ग अभी भी सर्वे तक ही सिमटा है। कई बार पीडब्ल्यूडी ने इसकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट शासन को प्रेषित की। कई बार विधायक लाखन सिंह राजपूत पीडब्ल्यूडी मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री से मिले। लेकिन अभी तक फोरलेन के प्रस्ताव पर मुहर नहीं लग सकी।
बोले जनप्रतिनिधि
बरसात के कारण निर्माण कार्य रह गए अधूरे
बरसात के कारण बस अड्डे व नौली नाले का निर्माण पूरा नहीं हो सका। जल्द ही निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। राजकीय मेडिकल कालेज का शिलान्यास दीपावली से पहले प्रस्तावित है। स्टेट हाईवे पर फोरलेन एवं बाईपास निर्माण के लिए 834 करोड़ की डीपीआर तैयार कर शासन को प्रेषित की जा चुकी है। अन्य विकास कार्यों को भी तेजी से पूरा कराने के प्रयास हो रहे हैं। - लाखन सिंह राजपूत, विधायक दिबियापुर एवं कृषि राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार
पचनद बैराज के लिए प्रदेश सरकार गंभीर
पचनद बैराज परियोजना के लिए प्रदेश सरकार गंभीर है। इसके लिए 103 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। विधानसभा चुनाव से पहले पचनद बैराज की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रख सकते हैं। - डा.रामशंकर कठेरिया, सांसद इटावा
जल्द पूरे होंगे विकास कार्य
कोरोना काल में स्टेडियम के लिए धनराशि नहीं मिली। इसलिए स्टेडियम का कार्य पूरा नहीं हो सका है। बजट जारी किए जाने की मांग मुख्यमंत्री से की गई है। धनराशि मिलते ही कार्य पूरा कराया जाएगा। मातृ शिशु अस्पताल में जो भी खामियां व निर्माण अधूरे हैैं, उसे जल्द पूरा कराकर संचालन शुरू किया जाएगा। - देवेश शाक्य, बिधूना विधायक प्रतिनिधि
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स्टेडियम की सिर्फ बाउंड्री ही बनी
बिधूना विधानसभा क्षेत्र में ब्लाक एरवाकटरा की ग्राम पंचायत बढिन में विधायक विनय शाक्य की मांग पर पांच करोड़ 68 लाख रुपये से स्टेडियम का निर्माण शुरू कराया गया। इसका निर्माण 30 जून 2021 तक पूरा होना था। बजट के अभाव में सिर्फ बाउंड्री बन सकी है। 21 माह बीतने के बाद भी बजट नहीं मिला।
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संचालन के इंतजार में मातृ शिशु अस्पताल
बिधूना विधानसभा क्षेत्र में महिलाओं और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिले। इसके लिए 50 शैया मातृ शिशु अस्पताल का निर्माण पांच करोड़ 72 लाख रुपये से कराया गया। अस्पताल का निर्माण 18 मार्च 2020 में पूरा हो गया। बजट के अभाव में अस्पताल में कई काम, सड़क, बिजली कनेक्शन नहीं हो सके। अभी तक अस्पताल के संचालन का इंतजार है।
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औद्योगिक पार्क कागजों में
औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2017 के अंतर्गत लगभग तीन हजार करोड़ की लागत से प्रस्तावित प्रदेश का पहला औद्योगिक पार्क अभी तक कागजों में ही है। यह यूएम पावर की भूमि पर लगना है। खाद्य प्रसंस्करण, रासायनिक, कांच, प्लास्टिक, आटो मोबाइल सेक्टर आदि की इकाइयां लगना प्रस्तावित है। इससे युवाओं को रोजगार भी मुहैया होगा।
पचनद बैराज बने तो मिले सिंचाईं का पानी
औरैया, इटावा, जालौन एवं कानपुर देहात जिलों की असिंचित भूमि तक पानी पहुंचाने के लिए पांच नदियों के संगम पचनद पर बैराज बनाने की लगभग 3 हजार करोड़ रुपये की परियोजना अभी तक कागजों में है। इसके लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में प्रदेश सरकार ने 102 करोड़ 74 लाख 16 हजार रुपये का प्रावधान भी किया है।
बस स्टैंड निर्माण का काम अधूरा
औद्योगिक नगर दिबियापुर से सड़क परिवहन की प्रमुख समस्या को देखते हुए 689.25 लाख रुपये से जुलाई 2020 में आधुनिक बस अड्डे का निर्माण शुरू हुआ था। निर्माण की मियाद 30 अक्टूबर 2021 को पूरी हो रही है। इसके बावजूद काफी काम अधूरा पड़ा है। कार्यदायी संस्था आवास विकास परिषद इटावा के एक्सईएन आरपी गुप्ता का कहना है कि कोरोना काल व स्थल पर जलभराव के कारण काम बाधित रहा। समीक्षा बैठक में मार्च 2022 तक निर्माण का समय दिया गया है। अभी 51 फीसदी धनराशि भी निर्गत होनी है।
नौली नाले पर पुल का निर्माण अधूरा
दर्जनों गांवों के लोगों को जिला मुख्यालय ककोर तक जाने में होने वाली परेशानियों को देखते हुए नौली स्थित नाले पर 1.83 करोड़ रुपये से पुल का निर्माण 11 अक्टूबर 2020 को शुरू हुआ था। बीच में धन की कमी से काम बाधित हुआ तो जुलाई 2021 में शासन से 1.38 करोड़ रुपये निर्गत किए गए। अभी पुल के पूरा होने का इंतजार है।
फोरलेन का काम सर्वे तक सिमटा
औरैया से बेला के बीच फोरलेन होने से छूटा विलरायां पनवाड़ी राजमार्ग अभी भी सर्वे तक ही सिमटा है। कई बार पीडब्ल्यूडी ने इसकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट शासन को प्रेषित की। कई बार विधायक लाखन सिंह राजपूत पीडब्ल्यूडी मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री से मिले। लेकिन अभी तक फोरलेन के प्रस्ताव पर मुहर नहीं लग सकी।
बोले जनप्रतिनिधि
बरसात के कारण निर्माण कार्य रह गए अधूरे
बरसात के कारण बस अड्डे व नौली नाले का निर्माण पूरा नहीं हो सका। जल्द ही निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। राजकीय मेडिकल कालेज का शिलान्यास दीपावली से पहले प्रस्तावित है। स्टेट हाईवे पर फोरलेन एवं बाईपास निर्माण के लिए 834 करोड़ की डीपीआर तैयार कर शासन को प्रेषित की जा चुकी है। अन्य विकास कार्यों को भी तेजी से पूरा कराने के प्रयास हो रहे हैं। - लाखन सिंह राजपूत, विधायक दिबियापुर एवं कृषि राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार
पचनद बैराज के लिए प्रदेश सरकार गंभीर
पचनद बैराज परियोजना के लिए प्रदेश सरकार गंभीर है। इसके लिए 103 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। विधानसभा चुनाव से पहले पचनद बैराज की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रख सकते हैं। - डा.रामशंकर कठेरिया, सांसद इटावा
जल्द पूरे होंगे विकास कार्य
कोरोना काल में स्टेडियम के लिए धनराशि नहीं मिली। इसलिए स्टेडियम का कार्य पूरा नहीं हो सका है। बजट जारी किए जाने की मांग मुख्यमंत्री से की गई है। धनराशि मिलते ही कार्य पूरा कराया जाएगा। मातृ शिशु अस्पताल में जो भी खामियां व निर्माण अधूरे हैैं, उसे जल्द पूरा कराकर संचालन शुरू किया जाएगा। - देवेश शाक्य, बिधूना विधायक प्रतिनिधि