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Auraiya News: आधी रात से 70 गांवों की बिजली गुल, दावे फेल
Sat, 18 Mar 2023 12:06 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 18 Mar 2023 12:06 AM IST
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औरैया। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से पुलिस व प्रशासन की नींद उड़ गई है। अजीतमल, औरैया तहसील के छह फीडरों में फाल्ट आने से गुरुवार रात से करीब 70 गांवों की बिजली गुल है। प्रशासन के बिजली आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के दावे फेल नजर आए। लाइनमैनों से लेकर कंट्रोल तक के फोन घनघनाने के बाद भी शुक्रवार देर शाम तक समस्या हल नहीं हुई। इधर कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करते रहे।
बीहड़ क्षेत्र में अयाना और कछपुरा उपकेंद्र के बिजली दी जाती है। गुरुवार को कर्मचारियों के संयुक्त रूप से हड़ताल पर जाने से 24 घंटों के अंदर ही बिजली ने लोगों को छकाना शुरू कर दिया। गुरुवार रात करीब एक बजे कछपुरा उपकेंद्र के भरतौल फीडर में फाल्ट आने से भरतौल, करके का पुर्वा, फरिहा, तिवर लालपुर, गुंठी का पुर्वा समेत 10 गांवों में अंधेरा छा गया। लोगों के फोन पर शिकायत करने के बाद भी समस्या दुरुस्त नहीं हुई। वहीं अयाना उपकेंद्र की बीझलपुर पीटीडब्ल्यू लाइन में खराबी के चलते बीझलपुर, सड़रापुर, सिहौली, गंगदासपुर समेत 20 गांवों की बिजली गुल हो गई। शुक्रवार सुबह एसडीएम अजीतमल अलिखेश कुमार सिंह ने कछपुरा उपकेंद्र का निरीक्षण कर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की हकीकत परखी। वहीं तहसीलदार हरिश्चंद्र ने अयाना उपकेंद्र का निरीक्षण कर मौजूद कर्मचारी से स्थिति की जानकारी ली। उपकेंद्र पर समस्या लेकर पहुंचे उपभोक्ताओं को भी घंटों इंतजार करने के बाद मायूस होकर लौटना पड़ा। अजीतमल फीडर के गढ़ा गांव की लाइन में फाल्ट आने से अपूर्ति ठप हो गई। चपटा उपकेंद्र मेन लाइन में फाल्ट आने से बल्लापुर, सौहरी गढि़या, पुर्वा मदन सिंह, समेत 12 गांवों की बिजली बाधित है। एसडीएम अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि फाल्ट की समस्या को दुरुस्त कराने के लिए एसडीओ से बात की है। जल्द ही लाइन दुरुस्त करवाकर आपूर्ति बाहल की जाएगी। इधर शहर का कखावतू फीडर की आपूर्ति भी रात 11 बजे के बाद बंद हो गई। इससे भी करीब 20 गांव प्रभावित रहे।
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बैठ गए इनवर्टर, डीजल की खपत बढ़ी
-बिजली व्यवस्था बेपटरी होने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के सामने संकट खड़ा हो गया है। आधी रात से कई गांवों की बिजली गुल होने से घरों में लगे इनवर्टर शुक्रवार को दगा दे गए। इनके ठप होने से कुछ लोगों ने पानी आदि के लिए किराए पर जनरेटर आदि की व्यवस्था की। इससे डीजल की खपत भी बढ़ गई। लोग मोबाइल चार्ज करने के लिए परेशान दिखे।
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इन मांगों को लेकर चल रही हड़ताल
शासन के साथ हुए समझौते के बाद भी मांगों को पूरा न किए जाने से खफा बिजली कर्मचारी प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर शुक्रवार को हड़ताल पर रहकर अधीक्षण अभियंता कार्यालय में धरना देते रहे। मौजूद एसडीओ, जेई समेत अन्य कर्मचारियों ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। कहा कि जब शासन की ओर से तीन दिसंबर 2022 को 14 सूत्रीय मांग पत्र पर समझौता हो गया था तो फिर इतना समय बीतने के बाद आज तक उसको लागू क्यों नहीं किया। कहा कि इसमें सरकार की दोहरी नीति शामिल है। इससे कर्मचारियों का सिर्फ नुकसान ही छिपा है। कहा कि किसी भी कीमत पर बिजली विभाग को निजी हाथ में नहीं जाने दिया जाएगा। बिजली कर्मचारी संघर्ष समिति के जिला सचिव नरेंद्र कुमार ने बताया कि शासन की कथनी और करनी में अंतर है। कहा कि अभी 72 घंटे की सांकेतिक हड़ताल है। मांगें पूरी न हुईं तो आगे की योजना तय की जाएगी।
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कार्यालयों में सन्नाटा, बिल जमा करने में हुई परेशानी
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते अधिशासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता कार्यालय में कुर्सियां खाली रहीं। इससे सन्नाटा की स्थिति दिखाई दी। यही स्थिति उपकेंद्रों की रही। यहां पर बिजली बिल जमा करने व नए कनेक्शन आदि के लिए जानकारी करने पहुंचने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि कुछ केंद्रों पर बिजली सखी बिल जमा करतीं दिखाई दीं। इधर प्रशासन के अधिकारी लगातार उपकेंद्रों पर पहुंच कर निगरानी करते नजर आए।
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बीहड़ क्षेत्र में अयाना और कछपुरा उपकेंद्र के बिजली दी जाती है। गुरुवार को कर्मचारियों के संयुक्त रूप से हड़ताल पर जाने से 24 घंटों के अंदर ही बिजली ने लोगों को छकाना शुरू कर दिया। गुरुवार रात करीब एक बजे कछपुरा उपकेंद्र के भरतौल फीडर में फाल्ट आने से भरतौल, करके का पुर्वा, फरिहा, तिवर लालपुर, गुंठी का पुर्वा समेत 10 गांवों में अंधेरा छा गया। लोगों के फोन पर शिकायत करने के बाद भी समस्या दुरुस्त नहीं हुई। वहीं अयाना उपकेंद्र की बीझलपुर पीटीडब्ल्यू लाइन में खराबी के चलते बीझलपुर, सड़रापुर, सिहौली, गंगदासपुर समेत 20 गांवों की बिजली गुल हो गई। शुक्रवार सुबह एसडीएम अजीतमल अलिखेश कुमार सिंह ने कछपुरा उपकेंद्र का निरीक्षण कर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की हकीकत परखी। वहीं तहसीलदार हरिश्चंद्र ने अयाना उपकेंद्र का निरीक्षण कर मौजूद कर्मचारी से स्थिति की जानकारी ली। उपकेंद्र पर समस्या लेकर पहुंचे उपभोक्ताओं को भी घंटों इंतजार करने के बाद मायूस होकर लौटना पड़ा। अजीतमल फीडर के गढ़ा गांव की लाइन में फाल्ट आने से अपूर्ति ठप हो गई। चपटा उपकेंद्र मेन लाइन में फाल्ट आने से बल्लापुर, सौहरी गढि़या, पुर्वा मदन सिंह, समेत 12 गांवों की बिजली बाधित है। एसडीएम अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि फाल्ट की समस्या को दुरुस्त कराने के लिए एसडीओ से बात की है। जल्द ही लाइन दुरुस्त करवाकर आपूर्ति बाहल की जाएगी। इधर शहर का कखावतू फीडर की आपूर्ति भी रात 11 बजे के बाद बंद हो गई। इससे भी करीब 20 गांव प्रभावित रहे।
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बैठ गए इनवर्टर, डीजल की खपत बढ़ी
-बिजली व्यवस्था बेपटरी होने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के सामने संकट खड़ा हो गया है। आधी रात से कई गांवों की बिजली गुल होने से घरों में लगे इनवर्टर शुक्रवार को दगा दे गए। इनके ठप होने से कुछ लोगों ने पानी आदि के लिए किराए पर जनरेटर आदि की व्यवस्था की। इससे डीजल की खपत भी बढ़ गई। लोग मोबाइल चार्ज करने के लिए परेशान दिखे।
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इन मांगों को लेकर चल रही हड़ताल
शासन के साथ हुए समझौते के बाद भी मांगों को पूरा न किए जाने से खफा बिजली कर्मचारी प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर शुक्रवार को हड़ताल पर रहकर अधीक्षण अभियंता कार्यालय में धरना देते रहे। मौजूद एसडीओ, जेई समेत अन्य कर्मचारियों ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। कहा कि जब शासन की ओर से तीन दिसंबर 2022 को 14 सूत्रीय मांग पत्र पर समझौता हो गया था तो फिर इतना समय बीतने के बाद आज तक उसको लागू क्यों नहीं किया। कहा कि इसमें सरकार की दोहरी नीति शामिल है। इससे कर्मचारियों का सिर्फ नुकसान ही छिपा है। कहा कि किसी भी कीमत पर बिजली विभाग को निजी हाथ में नहीं जाने दिया जाएगा। बिजली कर्मचारी संघर्ष समिति के जिला सचिव नरेंद्र कुमार ने बताया कि शासन की कथनी और करनी में अंतर है। कहा कि अभी 72 घंटे की सांकेतिक हड़ताल है। मांगें पूरी न हुईं तो आगे की योजना तय की जाएगी।
कार्यालयों में सन्नाटा, बिल जमा करने में हुई परेशानी
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते अधिशासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता कार्यालय में कुर्सियां खाली रहीं। इससे सन्नाटा की स्थिति दिखाई दी। यही स्थिति उपकेंद्रों की रही। यहां पर बिजली बिल जमा करने व नए कनेक्शन आदि के लिए जानकारी करने पहुंचने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि कुछ केंद्रों पर बिजली सखी बिल जमा करतीं दिखाई दीं। इधर प्रशासन के अधिकारी लगातार उपकेंद्रों पर पहुंच कर निगरानी करते नजर आए।