{"_id":"6127dc5b8ebc3e79d53b2eca","slug":"pm-awas-auraiya-news-knp6484223184","type":"story","status":"publish","title_hn":"झोपड़ी में रहने वाले पीएम आवास की लगा रहे आस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झोपड़ी में रहने वाले पीएम आवास की लगा रहे आस
विज्ञापन
फोटो-26एयूआरपी-11- गुलाबपुर गांव में झोपड़ी के बाहर परिवार के साथ खड़ी सुनीता। संवाद
- फोटो : AURAIYA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फफूंद(औरैया)। प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिये सरकार का गरीबों को पक्का आवास देेने का वादा कई जगहों पर अधूरा है। भाग्यनगर ब्लाक के गुलाबपुर गांव में करीब 40 परिवार ऐसे हैं, जो झोपड़ी और तिरपाल में रहने को मजबूर हैं। इनका कहना है कि योजना के तहत उन्होंने आवेदन किया था। अधिकारियों के चक्कर भी लगाए लेकिन सिवाए आश्वासन के कुछ नहीं मिला।
गांव निवासी कुसुमा देवी ने बताया कि उनके पति पूरन सिंह दिव्यांग हैं। मजदूरी कर किसी तरह से गुजर बसर कर रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास पाने के लिए प्रधान से लेकर ब्लाक अधिकारियों तक के चक्कर लगाए लेकिन आज तक आवास नहीं मिला। झोपड़ी में परिवार रहने को मजबूर है। गांव के विनोद पुत्र सूबेदार ने बताया कि वह औरैया में मजदूरी करता है। आवास न मिलने से झोपड़ी बना कर रह रहा है। आवास के लिए दो साल से लगातार आवेदन कर रहे हैं।
बबलू सिंह पुत्र रंजीत, राजा पुत्र जिलेदार, तिलक सिंह ने बताया कि वे लोग पिछले पांच साल से आवास के लिए अफसरों के चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारी हर बार लिस्ट में नाम होने का झूठा आश्वासन देते रहते हैं। कुछ इसी तरह की स्थिति सुनीता देवी की भी है। उन्होंने बताया कि वह आवास पाने के लिए मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत कर चुकी है।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि उनकी पंचायत के मजरा गुलाबपुर में तमाम गरीब आवासों से वंचित हैं। जिनकी सूची उन्होंने तैयार कर ली है। उन्हें योजना का लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। ब्लाक में सूची जमा करने के बाद वह जल्द ही जिलाधिकारी से भी मिलकर गरीबों को आवास दिलाने की मांग करेंगे।
गांव के लोगों को आवास न मिलने पर सचिव सुरेंद्र सिंह ने बताया की साइड बंद चल रही है सूची तैयार है साइट खुलते ही आवेदन करवाए जाएंगे। जिससे उन्हें जल्द ही योजना का लाभ मिल सके।
जब से जार्च लिया है गुलाबपुर गांव से इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है। हो सकता है आवास के लिए लोगों ने रजिस्ट्रेशन ही न किया है। फिर भी जिन लोगों को आवास नहीं मिले है, उनकी पात्रता की जांच कर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा।
- हरेंद्र सिंह, प्रभारी बीडीओ भाग्यनगर
विज्ञापन
गांव निवासी कुसुमा देवी ने बताया कि उनके पति पूरन सिंह दिव्यांग हैं। मजदूरी कर किसी तरह से गुजर बसर कर रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास पाने के लिए प्रधान से लेकर ब्लाक अधिकारियों तक के चक्कर लगाए लेकिन आज तक आवास नहीं मिला। झोपड़ी में परिवार रहने को मजबूर है। गांव के विनोद पुत्र सूबेदार ने बताया कि वह औरैया में मजदूरी करता है। आवास न मिलने से झोपड़ी बना कर रह रहा है। आवास के लिए दो साल से लगातार आवेदन कर रहे हैं।
विज्ञापन
बबलू सिंह पुत्र रंजीत, राजा पुत्र जिलेदार, तिलक सिंह ने बताया कि वे लोग पिछले पांच साल से आवास के लिए अफसरों के चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारी हर बार लिस्ट में नाम होने का झूठा आश्वासन देते रहते हैं। कुछ इसी तरह की स्थिति सुनीता देवी की भी है। उन्होंने बताया कि वह आवास पाने के लिए मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत कर चुकी है।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि उनकी पंचायत के मजरा गुलाबपुर में तमाम गरीब आवासों से वंचित हैं। जिनकी सूची उन्होंने तैयार कर ली है। उन्हें योजना का लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। ब्लाक में सूची जमा करने के बाद वह जल्द ही जिलाधिकारी से भी मिलकर गरीबों को आवास दिलाने की मांग करेंगे।
गांव के लोगों को आवास न मिलने पर सचिव सुरेंद्र सिंह ने बताया की साइड बंद चल रही है सूची तैयार है साइट खुलते ही आवेदन करवाए जाएंगे। जिससे उन्हें जल्द ही योजना का लाभ मिल सके।
जब से जार्च लिया है गुलाबपुर गांव से इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है। हो सकता है आवास के लिए लोगों ने रजिस्ट्रेशन ही न किया है। फिर भी जिन लोगों को आवास नहीं मिले है, उनकी पात्रता की जांच कर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा।
- हरेंद्र सिंह, प्रभारी बीडीओ भाग्यनगर

फोटो-26एयूआरपी-12- झोपड़ी के बाहर खड़ा राजू। संवाद- फोटो : AURAIYA

फोटो-26एयूआरपी-13- परिवार के साथ झोपड़ी बना कर रहा विनोद।संवाद- फोटो : AURAIYA