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अब घर बैठे जानें, ट्रेन में मिलेगा बेडरोल
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औरैया। गर्मियों के मौसम में अगर आप ट्रेन के वातानुकूलित कोच में सफर करने की योजना बना रहे हैं तो यह खबर आपके मतलब की है। अब आप घर बैठे ही जान सकते हैं कि किस ट्रेन में बेडरोल यानी स्लीपिंग बैग (तौलिया, कंबल, चादर तकिया) मिलेगा या नहीं। आईआरसीटीसी ने इसके लिए अपनी वेबसाइट पर सभी ट्रेनों की जानकारी दी है। जानकारी के लिए यात्री को ट्रेन का नंबर व नाम दर्ज करना होगा।
ज्ञात हो कि कोरोना संक्रमण के चलते वर्ष 2019 से ट्रेनों के वातानुकूलित कोच में यात्रियों को बेडरोल नहीं दिया जा रहा था। अब इस वर्ष रेलवे ने ट्रेनों में बेडरोल देना शुरू किया है। अभी सभी ट्रेनों में यह व्यवस्था लागू नहीं हो सकी है। यात्रियों को इसकी सटीक जानकारी भी नहीं है। जब वह ट्रेन के कोच में बैठ जाते हैं तब पता चलता है कि बेडरोल नहीं मिलेगा। भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन की नई व्यवस्था से यात्रियों को काफी सहूलियत होगी। उसकी वेबसाइट पर देश भर में चलने वाली सभी ट्रेनों की सूचनाएं अपडेट हैैैं।
वरिष्ठ सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी, एनसीआर मुख्यालय डॉ. अमित मालवीय ने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे द्वारा संचालित की जाने वाली जितनी भी यात्री ट्रेनें हैं। उन सभी में बेडरोल दिए जाने की शुरूआत की जा चुकी है। सिर्फ कोविड संक्रमण को रोकने लिए इस सुविधा में विराम लगाया गया था।
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इस तरह करें पता
आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर डब्लूडब्लूडब्लू डॉट आईआरसीटीसी डॉट को डॉट इन पर क्लिक करते ही टिकट बुकिंग का ऑप्शन आएगा। उसके नीचे जिन ट्रेनों में लिनन (बेडरोल लेने की सुविधा) की सुविधा है, उसके बारे में जानकारी दी गई है। क्लिक करते ही पूरी सूची खुल जाएगी और साथ में ही सर्च करने के लिए ऑॅप्शन भी दिया गया है।
तीन में चुनें एक विकल्प
सूची में हजार से ज्यादा ट्रेनों की सूचनाएं हैं। ऐसे में ट्रेन को खोजना आसान नहीं है। ट्रेन को खोजने के लिए आईआरसीटीसी ने तीन विकल्प ट्रेन नंबर, ट्रेन का नाम और कहां तक जाना है, स्टेशन का नाम दिया है। इनमें तीन में से कोई एक विकल्प दर्ज कराते ही ट्रेन की सूचना सामने होगी।
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ज्ञात हो कि कोरोना संक्रमण के चलते वर्ष 2019 से ट्रेनों के वातानुकूलित कोच में यात्रियों को बेडरोल नहीं दिया जा रहा था। अब इस वर्ष रेलवे ने ट्रेनों में बेडरोल देना शुरू किया है। अभी सभी ट्रेनों में यह व्यवस्था लागू नहीं हो सकी है। यात्रियों को इसकी सटीक जानकारी भी नहीं है। जब वह ट्रेन के कोच में बैठ जाते हैं तब पता चलता है कि बेडरोल नहीं मिलेगा। भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन की नई व्यवस्था से यात्रियों को काफी सहूलियत होगी। उसकी वेबसाइट पर देश भर में चलने वाली सभी ट्रेनों की सूचनाएं अपडेट हैैैं।
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वरिष्ठ सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी, एनसीआर मुख्यालय डॉ. अमित मालवीय ने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे द्वारा संचालित की जाने वाली जितनी भी यात्री ट्रेनें हैं। उन सभी में बेडरोल दिए जाने की शुरूआत की जा चुकी है। सिर्फ कोविड संक्रमण को रोकने लिए इस सुविधा में विराम लगाया गया था।
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आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर डब्लूडब्लूडब्लू डॉट आईआरसीटीसी डॉट को डॉट इन पर क्लिक करते ही टिकट बुकिंग का ऑप्शन आएगा। उसके नीचे जिन ट्रेनों में लिनन (बेडरोल लेने की सुविधा) की सुविधा है, उसके बारे में जानकारी दी गई है। क्लिक करते ही पूरी सूची खुल जाएगी और साथ में ही सर्च करने के लिए ऑॅप्शन भी दिया गया है।
तीन में चुनें एक विकल्प
सूची में हजार से ज्यादा ट्रेनों की सूचनाएं हैं। ऐसे में ट्रेन को खोजना आसान नहीं है। ट्रेन को खोजने के लिए आईआरसीटीसी ने तीन विकल्प ट्रेन नंबर, ट्रेन का नाम और कहां तक जाना है, स्टेशन का नाम दिया है। इनमें तीन में से कोई एक विकल्प दर्ज कराते ही ट्रेन की सूचना सामने होगी।