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औरैया: अब 50 शैय्या युक्त जिला अस्पताल में भी बना आइसोलेशन वार्ड
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औरैया। विदेश से लौटे एक आईआईटी कानपुर के छात्र समेत पांच लोगों की स्वास्थ्य विभाग ने कोराना वायरस की जांच की। छात्र अपने पिता के साथ स्वयं 50 शैय्या जिला अस्पताल में जांच कराने पहुंचा था। वहीं नेपाल, थाईलैंड व ईरान से लौटे चार लोगों की जांच स्वास्थ्य विभाग ने उनके घर जाकर 48 घंटे के अंदर की है। किसी में कोराना वायरस के लक्षण नहीं मिले हैं। छात्र को भी घर भेज दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि बाहर से आने वाले यात्रियों में अजीतमल में नेपाल से दो, ईरान से एक व थाईलैंड-नेपाल से होकर एक यात्री जिले में आए हैं। जिसकी सूचना मिलने पर 48 घंटे के अंदर टीम को भेजकर जांच कराई गई है। बताया कि जांच में सभी सही पाए गए हैं, लेकिन उन्हें 28 दिन तक घर में ही अलग व्यवस्था कर रहने को कहा गया है।
इधर कानपुर आईआईटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले बिधूना के छात्र ने सिंगापुर से प्रोजेक्ट पर काम करने के बाद 16 फरवरी को वापसी की थी। लेकिन किसी प्रकार की जांच नहीं कराई। किसी तरह इसकी जानकारी आईआईटी कानपुर के छात्र के छोटे भाई के स्कूल के प्रशासन को हुई कि इसका बड़ा भाई विदेश से लौटा तो प्रशासन ने भाई का स्वास्थ्य प्रमाणपत्र दिखाने को कहा।
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जिस पर आईआईटी कानपुर का छात्र शनिवार को अपने पिता के साथ 50 शैय्या युक्त जिला अस्पताल में जांच कराने पहुंचा। छात्र ने बताया कि सिंगापुर से वापस आने के बाद सावधानी बरतते हुए घर पर अलग कमरे में व्यवस्था की हुई है। जांच कराने के लिए जिला अस्पताल में आया हूं। जहां डॉक्टरों द्वारा कोरोना के लक्षण नहीं होने की बात कही गई है।
सीएमएस डॉ. लाखन सिंह ने बताया जांच के लिए नोडल अधिकारी डॉ. शिशिर पुरी को सूचना दे दी गई। जिसके बाद वहां से टीम ने आकर जांच की। बताया कि जांच के छात्र के 27 दिन पूरे हो चुके हैं, उसमें कोरोना के लक्षण नहीं मिले हैं। जिससे उसे कोरोना वायरस से मुक्त बताया गया है। हालांकि ऐहतियात बरतने के लिए कहा गया है।
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स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि बाहर से आने वाले यात्रियों में अजीतमल में नेपाल से दो, ईरान से एक व थाईलैंड-नेपाल से होकर एक यात्री जिले में आए हैं। जिसकी सूचना मिलने पर 48 घंटे के अंदर टीम को भेजकर जांच कराई गई है। बताया कि जांच में सभी सही पाए गए हैं, लेकिन उन्हें 28 दिन तक घर में ही अलग व्यवस्था कर रहने को कहा गया है।
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इधर कानपुर आईआईटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले बिधूना के छात्र ने सिंगापुर से प्रोजेक्ट पर काम करने के बाद 16 फरवरी को वापसी की थी। लेकिन किसी प्रकार की जांच नहीं कराई। किसी तरह इसकी जानकारी आईआईटी कानपुर के छात्र के छोटे भाई के स्कूल के प्रशासन को हुई कि इसका बड़ा भाई विदेश से लौटा तो प्रशासन ने भाई का स्वास्थ्य प्रमाणपत्र दिखाने को कहा।
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जिस पर आईआईटी कानपुर का छात्र शनिवार को अपने पिता के साथ 50 शैय्या युक्त जिला अस्पताल में जांच कराने पहुंचा। छात्र ने बताया कि सिंगापुर से वापस आने के बाद सावधानी बरतते हुए घर पर अलग कमरे में व्यवस्था की हुई है। जांच कराने के लिए जिला अस्पताल में आया हूं। जहां डॉक्टरों द्वारा कोरोना के लक्षण नहीं होने की बात कही गई है।
सीएमएस डॉ. लाखन सिंह ने बताया जांच के लिए नोडल अधिकारी डॉ. शिशिर पुरी को सूचना दे दी गई। जिसके बाद वहां से टीम ने आकर जांच की। बताया कि जांच के छात्र के 27 दिन पूरे हो चुके हैं, उसमें कोरोना के लक्षण नहीं मिले हैं। जिससे उसे कोरोना वायरस से मुक्त बताया गया है। हालांकि ऐहतियात बरतने के लिए कहा गया है।